हिमयुग के द्वार खड़ी नरेंद्र भाई की भाजपा

सियासी-भेड़ों का ऐसा रेवड़ भारत की राजनीति में पहले कभी नहीं देखा गया। सत्तासीन राजनीतिक दल के मुखियाओं की दादागिरी के दौर पहले भी आए, लेकिन सन्नाटे का ऐसा दौर पहले कभी नहीं आया था। सत्तारूढ़ दल की अगुआई कर रही शक़्लों की सनक पहले भी कुलांचे भरती रही है, मगर बेकाबू होती टांगों को मरोड़ने वाली मुट्ठियां भी कहीं-न-कहीं से उग आया करती थीं। यह पहली बार हो रहा है कि रायसीना-पहाड़ी पर बैठे एक बेहृदय-सम्राट की मनमानी को पूरा सत्तारूढ़ दल इस तरह टुकुर-टुकुर देख रहा है। इस बेतरह सहमे हुए समूह का इतना भी साहस नहीं हो रहा है कि कम-से-कम मिमियाने ही लगे। आज़ादी के बाद क़रीब सत्रह साल प्रधानमंत्री रहे जवाहरलाल नेहरू के बारे में, और आप कुछ भी कह लें, उन्हें ग़ैर-लोकतांत्रिक कोई नहीं कह सकता। सो, देश में और उस दौर के सत्तासीन दल कांग्रेस के भीतर असहमित के स्वरों के प्रति सम्मान का शायद वह स्वर्ण-काल था। सब जानते हैं कि नेहरू को प्रधानमंत्री बनाने के लिए सर्वसम्मति नहीं थी। भारत को आज़ादी मिलने के आसार 1946 आते-आते पूरी तरह साफ़ हो गए थे। यह भी तय था कि आज़ाद भारत की पहली सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के अध्यक्ष को आमंत्रित… Continue reading हिमयुग के द्वार खड़ी नरेंद्र भाई की भाजपा

परिवहन पर एकाधिकार अडानी का

भारत में एक प्रतिस्पर्धा आयोग है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 2003 में इसका गठन किया था। परंतु पिछले 18 साल में इस आयोग ने कहीं भी प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने या एकाधिकार को रोकने का प्रयास किया हो, इसकी एक मिसाल नहीं है।

अटल के संकल्पों को पूरा करते मोदी

भाषा लोगों को जोड़ती हैं। सड़कें गांव, शहरों और महानगरों को जोड़ती हुई विकास की तरफ ले जाती हैं। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाते हुए समृद्धी लाती है।

पीएम मोदी कल अटल बिहारी वाजपेयी पर किताब का विमोचन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल संसद में ‘अटल बिहारी वाजपेयी’ के नाम पर एक पुस्तक का विमोचन करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री की 96वीं जयंती के अवसर पर इस पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।

सीएम योगी पूर्व पीएम अटल के गांव में विकास परियोजना लॉन्च करेंगे

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 96वीं जयंती पर, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार 25 दिसंबर को आगरा जिले में स्थित वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर में 14 करोड़ रुपये की विकास परियोजना का शुभारंभ करेगी।

अटलजी ने शिलान्यास किया था, अब पूरा हो रहा है सपना : नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कोसी रेल महासेतु के उद्घाटन के मौके पर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पुल का शिलान्यास किया था और आज यह सपना पूरा हुआ है।

‘चंबल प्रोग्रेस-वे’ का नाम अटल बिहारी के नाम पर होगा: शिवराज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर चंबल क्षेत्र में प्रस्तवित ‘चंबल प्रोग्रेस-वे’ का नाम अटल बिहारी के नाम पर रखने का ऐलान किया हैं।

कोविंद, नायडू, मोदी समेत कई नेताओं ने दी वाजपेयी काे श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप-राष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा समेत अन्य बड़े

दलबदल की नई व्याख्या जरूरी

भारत में दलबदल को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है क्योंकि 1985 में बहुत सोच विचार के बाद दलबदल का जो कानून बना था और फिर 2003 में उसके जो बदलाव किया गया था उससे बच निकलने का रास्ता पार्टियों और नेताओं ने खोज निकाला है।

हर समय कांग्रेस के काम आते हैं वाजपेयी

भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अब इस दुनिया में नहीं है। पर वे अब भी हर मौके पर कांग्रेस के बहुत काम आते हैं।

दलबदल कानून में तत्काल सुधार जरूरी

भारत में कानून बाद में बनते हैं और उसकी काट पहले खोज ली जाती है। यह बात हर तरह के कानून के साथ लागू होती है। दलबदल कानून भी इसमें शामिल है। पिछले चार-पांच दशक में दलबदल को रोकने के कई कानून बने और कई तरह के दूसरे उपाय किए गए। पर हर बार पार्टियों और नेताओं ने कोई न कोई रास्ता निकाल लिया। जैसे अभी विधायकों, सांसदों के इस्तीफे का रास्ता निकाला गया है। कुछ समय पहले ऐसा सोचा नहीं गया था कि दलबदल करने के लिए जीते हुए जन प्रतिनिधि अपनी सीट से इस्तीफा दे देंगे और उन सीटों पर दोबारा चुनाव कराया जाएगा। आमतौर पर जीते हुए प्रतिनिधि इस्तीफा देने से डरते हैं। पर कर्नाटक से लेकर मध्य प्रदेश और गुजरात में जिस थोक भाव से विधायक इस्तीफा दे रहे हैं उससे मौजूदा कानून में बदलाव की तत्काल जरूरत दिख रही है। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने 2003 में दलबदल कानून में बदलाव किया था तो माना गया कि अब दलबदल मुश्किल हो जाएगा। उनकी सरकार ने 91वें संविधान संशोधन के सहारे ऐसा बदलाव किया, जिससे पार्टी में टूट-फूट और विलय की प्रक्रिया रूक जाए। चुने हुए प्रतिनिधियों के दलबदल करने के लिए दो-तिहाई… Continue reading दलबदल कानून में तत्काल सुधार जरूरी

कैसे अध्यक्ष होंगे जेपी नड्डा?

भाजपा में दो तरह के अध्यक्ष होते रहे हैं। एक रबर स्टैंप की तरह के अध्यक्ष और दूसरे अपने हिसाब से काम करने वाले अध्यक्ष। 1980 में भाजपा के गठन के बाद दोनों तरह के अध्यक्ष रहे हैं। पहले, दूसरे और तीसरे अध्यक्ष यानी अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी तीनों अपने हिसाब से काम करने वाले अध्यक्ष रहे।

लखनऊ में अटल की प्रतिमा बनी सेल्फी पॉइंट

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोकभवन में हाल ही में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा शहर में नया सेल्फी पॉइंट बन गई है।

अटल भूजल योजना की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर अटल भूजल योजना लांच की। इस योजना का उद्देश्य देश में सामुदायिक भागीदारी के जरिए भूजल प्रबंधन में सुधार लाना है।

शब्दों के अलबेले चितेरे थे अटल बिहारी वाजपेयी

बहुमुखी प्रतिभा के धनी पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी न केवल एक प्रखर वक्ता थे, बल्कि शब्दों के अलबेले चितेरे भी थे।

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