डीएचएफएल भी जाएगा अडानी को

तो, अब देश की सबसे बड़ी वित्तीय संस्थाओं में से एक दिवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड यानी डीएचएफएल की कमान भी अडानी समूह के हाथ में जाने वाली है।

अंबानी, अदानी पर हो रही आम चर्चा!

देश में पहले भी कई सरकारों पर क्रोनी कैपिटलिज्म को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। की राज्य सरकारों पर आरोप लगे हैं कि उसने अपने क्रोनी पैदा किए और उनका कारोबार आगे बढ़वाया। पर हमेशा सरकारें या पार्टियां ही लोगों के निशाने पर रहीं।

नई दिल्ली और सीएसटी पर अदानी की नजर

गौतम अदानी की कंपनी ने मुंबई हवाईअड्डे के परिचालन का अधिकार हासिल कर लिया है। नवी मुंबई में बनने वाले दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का परिचालन भी उसके पास ही रहेगा और देश के दूसरे छह हवाईअड्डों के परिचालन का अधिकार भी उसको मिल गया है।

ये अंबानी और अदानी!

मैं रोना चाहता हूं, भारत माता के लिए! हे भारत माता, कितनी अभागी हैं आप! कैसी शापित हैं आप, जो इतिहास में, मध्यकाल में लूट जाती रहीं तो 21वीं सदी में भी लूटी जा रही हैं!

मानों भारत खरीद लिया!

भारत को खरीदना ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारियों के लिए आसान था तो चीन, अमेरिका के मौजूदा व्यापारियों और भारत के अपने व्यापारियों के लिए भी इसलिए आसान है और रहेगा क्योंकि भारत के हम लोगों का चेतन, अवचेतन जहां गुलाम है वहीं भूखा है और चांदी की जूती को ललचाता है।

चौतरफा जय जियो, जय जियो!

क्या किसी को 2जी संचार घोटाले की याद है? देश के नियंत्रक व महालेखापरीक्षक ने बताया था कि 2जी स्पेक्ट्रम के मनमाने आवंटन से सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इस कथित घोटाले के सारे आरोपी सीबीआई की विशेष अदालत से बरी हो चुके हैं।

जियो प्लेटफॉर्म से देश पर राज

कहा जा सकता है कि अगर एक मोबाइल कंपनी एकाधिकार बना रही है तो उससे क्या बड़ी आफत आने वाली है? असल में आफत सिर्फ संचार और डाटा पर मोनोपॉली से नहीं आने वाली है, बल्कि उसके इस्तेमाल से बाकी सेवाओं को नियंत्रित करने की तैयारी से आने वाली है।

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