हिमाचल: एससी, एसटी कोटा 10 साल बढ़ाने को बुलाया गया विशेष सत्र

शिमला। हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में मंगलवार को लोकसभा और विधानसभा में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का आरक्षण 10 साल और बढ़ाने के विधेयक को पारित करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया। विधानसभा में संक्षिप्त चर्चा के बाद विधेयक पारित हो गया। लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में एसटी, एसटी और एंग्लो इंडियंस को पिछले 70 सालों से मिल रहा आरक्षण 25 जनवरी 2020 को खत्म होने वाला था और इसे बहाल करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक की जरूरत थी। संसद ने इस संबंध में हाल ही में संविधान संशोधन विधेयक पारित किया और कानून बनने से पहले इसे राज्य विधानसभा का अनुमोदन चाहिए। विधेयक के पारित होने से पहले राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने विधायकों को संबोधित अपने औपचारिक भाषण में कहा कि चूंकि यह सत्र एक विशेष उद्देश्य से बुलाया गया है तो वे इसके विस्तार में नहीं जाना चाहेंगे। उन्होंने कहा, मैं आगामी बजट सत्र में अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से चर्चा करूंगा।

एससी/एसटी आरक्षण दस साल बढ़ाने वाले विधेयक पर संसद की मुहर

नई दिल्ली। लोकसभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण की समय सीमा 2020 से दस साल और बढ़ाने तथा एंग्लो इंडियन समुदाय के लिए संसद एवं विधानसभाओं आरक्षण समाप्त करने संबंधी संविधान (126वां संशोधन) विधेयक 2019 पर गुरुवार को राज्यसभा की मंजूरी मिलने के साथ ही संसद की मुहर लग गयी। लोकसभा इसे पहले पारित चुकी है। राज्यसभा में हुए मतविभाजन के दौरान सदन में मौजूद सभी 163 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में वोट दिया और विरोध में कोई वोट नहीं पड़ा। सदन में करीब तीन घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इसे कभी नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान में मूल आधारों को परिवर्तित करने की आशंका भी निराधार है। उन्होंने कहा अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण में क्रीमीलेयर की बात करना गलत है और सरकार इसके विरोध में हैं। इस संबंध में सरकार ने अपना पक्ष न्यायालय में रख दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों से अनुरोध किया जाता है कि वे कॉलेजियम के माध्यम से अनुसूचित जाति और जनजाति, महिला एवं पिछड़े वर्ग… Continue reading एससी/एसटी आरक्षण दस साल बढ़ाने वाले विधेयक पर संसद की मुहर

सरकार की आरक्षण खत्म करने की साजिश : उदित राज

अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के अध्यक्ष उदित राज ने मोदी सरकार को संवेदनहीन और गूंगी बहरी करार देते हुए

उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्षों के लिये आरक्षण तय

उत्तराखंड सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्षों के पदों के लिये अंतिम आरक्षण सूची रविवार को जारी कर दी है।
यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार राज्य के 12 जिलों के लिये अंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी गयी है। हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों को इसमें शामिल किया गया है।

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