भ्रष्टाचार का देश की नियति बनना!

भारत में जितनी तेजी से भ्रष्टाचार का मुद्दा बनता है उतनी ही तेजी से वह खत्म भी हो जाता है। एक-दो चुनावों में राजनीतिक पार्टियों को फायदा पहुंचाने के बाद वह मुद्दा नेपथ्य में चला जाता है, इस इंतजार में कि थोड़े समय के बाद फिर कोई मसीहा आएगा, जो झाड़-पोंछ कर इस मुद्दे को निकालेगा

अन्ना हजारे का गांव रालेगण सिद्धि फिर चर्चा में

स्टॉकहोम। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का गांव रालेगण सिद्धि ​इन दिनों चर्चा में है। बाल्टिक सागर में एक स्वीडिश द्वीप की भूजल रिचार्जिंग परियोजना के लिए यह गांव प्रेरणास्रोत बन गया है। इस द्वीप में गर्मियों के दौरान पीने के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्वीडन के मुख्यभाग में करीब एक करोड़ आबादी के लिए साफ पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन इस द्वीप में हालात एकदम उल्टे हैं। इस द्वीप की आबादी करीब 900 है, लेकिन गर्मियों में स्थानीय निवासियों के साथ ही पर्यटकों की आवक बढ़ने से भूजल का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को भवन निर्माण और पानी पर आधारित अन्य गतिविधियों को रोकना पड़ता है।यहां पानी की किल्लत की वजह स्ट्रॉसड्रेट की मिट्टी की पतली परत में छिपी है, जिसके चलते बारिश का पानी भूजल को रिचार्ज नहीं कर पाता है और बहुत जल्दी समुद्र में बह जाता है। शोधकर्ताओं ने बाल्टिक सागर का पानी भी शोधित करने की कोशिश की, हालांकि इसमें बहुत अधिक ऊर्जा खर्च होती थी।ऐसे में आईवीएल की एक अन्य विशेषज्ञ रूपाली देशमुख ने जल संचय के लिए भारत के गांवों के परंपरागत तरीकों को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। इसके नतीजों… Continue reading अन्ना हजारे का गांव रालेगण सिद्धि फिर चर्चा में

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