राष्ट्रपति ट्रंप की हार नरेंद्र मोदी की हार : भाकपा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शिकस्त दरअसल संकीर्णतावाद और नस्लवाद की हार ही नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी निजी पराजय है।

बाइडेन जीते हुए माने गए।

3 नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों पर बढ़ते सस्पेंस के बीच डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने कहा है कि वह स्पष्ट बहुमत के साथ यह दौड़ जीतने जा रहे हैं

भारत और अमेरिका का फर्क!

भारत के हम लोग फर्क को क्या बूझ सकते हैं? नहीं। और जैसे हम लोग नहीं समझ सकते कि अमेरिका का लोकतंत्र कैसे अलग है वैसे रूस, चीन, इस्लामी देश, तानाशाह देश भी नहीं बूझ सकते हैं।

झूठ, मूर्खता का ट्रंप वायरस!

तथ्य जानें कि अमेरिका में अधिकांश राष्ट्रपति चुनाव रिपब्लिकन बनाम डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच भारी घमासान से हुए हैं। बहुत कम अंतर से भी जीत-हार का फैसला हुआ है। जॉन एफ कैनेडी 0.17 प्रतिशत वोटों के अंतर से रिचर्ड निक्सन से जीते थे तो जार्ज बुश -0.51 से अल गोर के मुकाबले जीते थे।

अमेरिका में मौका सबके लिए

अमेरिकी लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया में खोट निकालने वालों को जरा ठहर कर अमेरिकी लोकतंत्र की इस खूबसूरती को भी ध्यान से देखना चाहिए कि वहां दुनिया भर के देशों के लोगों के लिए कैसे अवसर हैं।

बाइडेन की जीत पक्की

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुए दो दिन बीत गए हैं पर अभी तक राष्ट्रपति पद के विजेता का नाम तय नहीं हो पाया है। हालांकि 48 घंटे की गिनती के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन जीत के करीब पहुंच गए हैं।

कोई भी जीते, हमें का हानि ?

अभी तक घोषणा नहीं हुई है कि अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा ? लेकिन मान लें कि कुछ अजूबा हो गया और 2016 की तरह इस बार भी डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बन गए तो भारत को कोई खास चिंता करने की जरुरत नहीं है।

ट्रंप ने मामला उलझाया

डॉनल्ड ट्रंप ने मामला उलझा दिया है। मतगणना पूरी होने के पहले ही जीत का दावा कर उन्होंने अमेरिका में अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया है। मिशिगन राज्य के चुनाव नतीजे को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की।

देखिए, अमेरिका कैसा बंटा, ट्रंप क्या बोले!

उफ! भगवान बचाए अमेरिका को। जो मुझे आशंका थी वहीं हुआ। वोटों की पूरी गिनती हुई नहीं उससे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपने को चुनाव जीता घोषित कर दिया। वोटो की चल रही गणना पर फ्राड का जुमला चस्पा दिया।

अमेरिकाः चुनाव अधर में

यह कॉलम लिखे जाने तक पता नहीं चला है कि अमेरिका में कौन जीता है ? डोनाल्ड ट्रंप या जो बाइडन। वैसे अभी तक जो बाइडन ट्रंप से थोड़ा आगे हैं। उन्हें ‘इलेक्ट्रोरल कालेज’ के अभी तक 238 वोट मिले हैं और ट्रंप को 213 वोट।

ट्रंप व बाइडेन में कड़ा मुकाबला

अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव कानूनी विवादों में उलझता दिख रहा है। मतदान खत्म होने के 24 घंटे बाद तक की गिनती से यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि राष्ट्रपति कौन बनेगा।

अमेरिका का सबसे विवादित चुनाव!

अमेरिका अपने इतिहास के सबसे विवादित चुनाव के मुहाने पर खड़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव को एक ऐसे तमाशे में बदल दिया है, जिसके अंत नतीजे को लेकर अभी से संदेह होने लगा है।

भाजपा ने ट्रंप को छोड़ा!

भारतीय जनता पार्टी के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाला ने ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी’ की अमेरिकी शाखा को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी से जुड़ा कोई भी आदमी अमेरिका में भाजपा के नाम पर वोट नहीं मांगेगा और भाजपा के सदस्य के तौर पर किसी पार्टी का प्रचार नहीं करेगा।

मतदाताओं पर दबाव डालने के प्रयासों को विफल करेंगे : फेसबुक

फेसबुक ने दोहराया है कि वह नवंबर, 2020 में होने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने या उन पर दबाव डालने के प्रयासों को नाकाम करेंगे।

वाह! अमेरिका, ट्रंप हारेंगे।

अमेरिकी लोकतंत्र को सलाम! दिल बाग-बाग हुआ। हिंदू मां को श्रेय दें या बेटी को जो अमेरिका के अवसर में आज 33 करोड़ अमेरिकी और लगभग सभी वैश्विक नेता ‘कमला’ पर नजर गड़ाए हैं। कमला और अमेरिका का सच्चा मतलब जात-पात से ऊपर उठीं कमला हैरिस हैं!

कमला हैरिस पर निगाहें

अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कन्वेशन में जो बाइडन को राष्ट्रपति पद और कमला हैरिस उप राष्ट्रपति पद के लिए पार्टी के पार्टी उम्मीदवार बनाने की औपचारिकता पूरी की गई है।

अमेरिका में भारतीयों का कितना मतलब?

अमेरिका में जब नवंबर माह में होने वाले राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति चुनावों के मामले में भारतीय चुनाव की तरह मुद्दे उछाले जाने के बारे में लिख रहा था तो कई बार इस मामले के जानकार पत्रकारों से विचार विमर्श करने के बाद मुझे लगने लगा कि कहीं मैं इस तरह की तुलना करके कोई गलती तो नहीं कर रहा हूं

अमेरिका में वोट की राजनीति

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारों के चयन व उनके भाषणों में कही जाने वाली बातों के बारे में जब पढ़ा और उन पर विचार किया तो मुझे लगा कि पूरी दुनिया में जहां कहीं भी लोकतंत्र हैं वहां के नेताओं की सोच का डीएनए एक जैसा ही है।

कमला हैरिस का मतलब

जानकारों की राय है कि पिछले हफ्ते कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में पेश कर अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने एक ऐतिहासिक मास्टर स्ट्रोक लगाया।

कमला हैरिस से हमें क्या फायदा?

यह उन दिनों की बात है जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी। उनके सूचना अधिकारी एसजी लाल मेरे मित्र थे। मैं अक्सर उनसे मिलने के लिए दिल्ली के शास्त्री भवन स्थित पत्र सूचना कार्यालय में जाया करता था

कमला हैरिस पर सरकार की दुविधा

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने कमला हैरिस को अपना रनिंग मेट यानी उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है।

अमेरिका में कमला हैरिस

अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने कमला हैरिस को उप-राष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित करके एक तीर से कई शिकार कर लिये हैं। यदि वे जीत गईं तो वे अमेरिका की पहली महिला उप-राष्ट्रपति बनेंगी।

कमला हैरिस होंगी उप राष्ट्रपति उम्मीदवार

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने भारतीय और जमैकन मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ेंगी कमला हैरिस

सीनेटर व डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर हो गई हैं। उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है।