किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंची अभिनेत्री गुल पनाग

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन चल रहा है, ऐसे में अभिनेत्री गुल पनाग आज किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंची।

आंदोलन जारी रखने की चुनौती

कहते हैं कि हर चीज की एक्सपायरी डेट होती है यानी हर चीज को किसी न किसी समय खत्म होना होता है। क्या किसान आंदोलन धीरे धीरे एक्सपायरी डेट की तरफ बढ़ रहा है

आंदोलनजीवियों का सच

दिल्ली सीमा पर कृषि-सुधार कानून विरोधी आंदोलन को ढाई माह से ऊपर हो गया है। यह कब समाप्त होगा- कहना कठिन है। किंतु इस आंदोलन में कुछ सच्चाइयां छिपी है, जिससे हमें वास्तविक स्थिति को समझने में सहायता मिलती है।

किसान आंदोलन का आज 74वां दिन, रणनीति में बदलाव

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं — सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों के आंदोलन का 74वां दिन है।

विपक्षी दलों ने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि दी

तृणमूल कांग्रेस ने आज संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में भाग लिया और जारी आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को श्रद्धांजलि के रूप में कुछ देर का मौन रखा।

ये हर वर्ग के किसानों की लड़ाई है : राकेश टिकैत

बीते गुरुवार शाम गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन पूरी तरह बदल गया, राकेश टिकैत के भावुक वीडियो ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश के किसानों में आक्रोश पैदा कर दिया, रातों रात किसान अपना घर छोड़ बॉर्डर पहुंचने लगे है।

टिकैत के आंसू गेम चेंजर साबित हुए

भारतीय किसान यूनियन के नेता और गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत के आंसू काम कर गए, उनकी अपील के बाद किसानों का हुजूम गाजीपुर पर एक बार फिर जमा हो गया।

ट्रैक्टर-ट्रालियों के जत्थों के साथ किसान दिल्ली रवाना

कृषि सम्बंधी तीन काले कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर पिछले दो माह से चल रहे आंदोलन के तहत 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित होने वाली किसान परेड में भाग लेने के लिए

आंदोलन में कांग्रेस किसानों के साथ: शैलजा

हरियाणा कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने कहा है कि कांग्रेस पहले दिन से ही आंदोलन में किसानों के साथ है और किसानों की जायज मांग पर सरकार को गौर करना चाहिए।

किसान आंदोलन 57वें दिन जारी, सरकार के प्रस्ताव पर विचार के लिए बुलाई बैठक

देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान आंदोलन गुरुवार को 57वें दिन जारी है। आंदोलन समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 12 बजे

सरकार कानूनों पर रोक को तैयार

तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 56 दिन से आंदोलन कर रहे किसान संगठनों को बड़ी सफलता मिली है। केंद्र सरकार उनकी मांग पर कुछ हद तक झुकने को तैयार हो गई है।

किसान और केंद्र की वार्ता आज

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों के साथ सरकार की अगली वार्ता बुधवार को होगी। पहले यह बैठक मंगलवार को होने वाली थी पर इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है।

किसान संसद व ट्रैक्टर रैली होगी

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने मंगलवार को एक अहम बैठक की, जिसमें आगे की रणनीति बनाई गई।

मैं साफ-सुथरा, मोदी से नहीं डरता: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान आंदोलन को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ये तीनों कानून देश की कृषि व्यवस्था को बरबाद करने के लिए बनाए गए हैं

मोदी से ज्यादा समझदार है देश का किसान : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीनों कृषि कानून खत्म करने की किसानों की मांग पूरी नहीं करने पर आड़े हाथों लेते हुए कहा है

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