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वे काले दिन बनाम ये अच्छे दिन

जनतंत्र को अपने ठेंगे पर रखे घूम रहे लठैतों के इस दौर में इंदिरा जी का कद तो और भी सौ गुना बढ़ जाता है। इसलिए 46 साल पहले के आपातकाल के 633 दिनों पर खूब हायतौबा मचाइए, मगर पिछले 2555 दिनों से भारतमाता की छाती पर चलाई जा रही अघोषित आपातकाल की चक्की के पाटों को नज़रअंदाज़ मत करिए। दिल पर हाथ रखकर बताइए कि आज आप के कितने मौलिक अधिकार सचमुच शेष रह गए हैं? गंगा जल हाथ में ले कर पूरी ईमानदारी से बताइए कि वे दिन तो चलिए काले थे, लेकिन ये ‘अच्छे दिन’ कैसे हैं? यह भी पढ़ें: लुच्चों, टुच्चों, नुच्चों, कच्चों का धमाचौकड़ी दौर Indira Gandhi Emergency : हर साल आपातकाल की सालगिरह पर चूंकि उन ‘काले दिनों’ पर हाय-हाय करने का दस्तूर है, इसलिए इस बार जब 46 साल पूरे हो गए हैं, मैं भी आप से कुछ गुज़ारिश करना चाहता हूं। इसलिए कि इन साढ़े चार दशकों में यह धारणा बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी गई है कि जनतंत्र से इंदिरा गांधी का कोई लेना-देना था ही नहीं। 1975 के बाद जन्म लेने वाली पीढ़ी को तो यह सिखाने में कोई कसर छोड़ी ही नहीं गई है कि इंदिरा जी… Continue reading वे काले दिन बनाम ये अच्छे दिन

2020 के आंकड़ों से डर गये तो रुकिए..पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त- WHO ने दुनिया को किया आगाह

जिनेवा: देश सवा साल से कोरोना महामारी से जूझ रहा है। लगातार हालत और ज्यादा खराब होते जा रहे है। पिछले वर्ष मार्च 2020 में जब कोरोना के केस भारत में मिले थे और संख्या बढ़ने लगी तो भगवान का नाम लेकर 2020 को अलविदा किया था। और सोचा 2021 कुछ अच्छा लेकर आएगा। लेकिन जो हालात देखने को मिल रहे है इसे देखकर लगते है कि यह वर्ष उससे भी बुरा है। इन हालातों को देखकर WHO ने भी चेताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस की महामारी पिछले साल के मुकाबले इस साल और ज्यादा घातक साबित होगी। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एदानोम गेब्रेसस ने कहा कि हम कोरोना वायरस की इस महामारी को पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा जानलेवा होता हुआ देख रहे हैं।  WHO ने बताया है कि दुनिया भर में अब तक 33 लाख 46 हजार से ज्यादा लोग कोरोना के कारण जान गंवा चुके हैं।  उधर ओलंपिक के आयोजन को रद्द करने की मांग के बीच जापान ने देश में आपातकाल की अवधि बढ़ा दी है। जापान में कोरोना की चौथी लहर चल रही है। इसे भी पढ़ें आइये जानते है आखिर क्या है ब्लैक फंगस? इससे बचने… Continue reading 2020 के आंकड़ों से डर गये तो रुकिए..पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त- WHO ने दुनिया को किया आगाह

Cyber attack in US : अमेरिका में बाईडन प्रशासन ने लगाया आपातकाल, हैकर्स ने US की सबसे बड़ी तेल पाइपलाइन पर किया अटैक..तेल की कीमतों में हो सकता है इज़ाफा

अमेरिका की सबसे बड़ी तेल पाइपलाइन पर हुए साइबर अटैक के बाद बाइडेन प्रशासन ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। अमेरिका के कोलोनियल पाइपलाइन कंपनी पर अटैक हुआ है वह रोजाना 25 लाख बैरल तेल सप्लाई करती है। यहां से पाइपलाइन के जरिए US के पूर्वी तट के किनारे बसे राज्यों में पेट्रोल, डीजल और दूसरी गैसों की सप्लाई की जाती है। हैकर्स ने इस पाइलपालन की साइबर सिक्योरिटी पर शुक्रवार को हमला किया था, जिसे अभी तक रिकवर नहीं किया जा सका है। लिहाजा रिकवरी टैंकर्स के जरिए तेल और गैस की सप्लाई न्यूयॉर्क तक की जा रही है। साइबर हमले का असर अटलांटा और टेनेसी पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। कुछ समय बाद न्यूयॉर्क तक भी असर दिख सकता है। रविवार रात तक कंपनी की 4 मेन लाइनें ठप पड़ी थीं। हमले का पता चलने के बाद कंपनी ने अपनी कुछ लाइनें काट दी हैं। इसके बाद बाइडन प्रशासन ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी है।  ऐसा पहली बार है जब किसी देश ने साइबर अटैक के कारण आपातकाल लगाया है। इसका प्रभाव तेल की कीमतों पर पड़ेगा। इसे भी पढ़ें Corona Alert: रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं, कोरोना बांट रहे हैं ये सरकारी अस्पताल ! जान पर खेल कर परिजनों… Continue reading Cyber attack in US : अमेरिका में बाईडन प्रशासन ने लगाया आपातकाल, हैकर्स ने US की सबसे बड़ी तेल पाइपलाइन पर किया अटैक..तेल की कीमतों में हो सकता है इज़ाफा

राहुल को कमान संभालनी होगी!

अब राहुल गांधी के पास कोई विकल्प  नहीं है। उन्हे नेतृत्व संभालना होगा और दो टूक, लाउड मैसेज (कड़ा संदेश) देना होगा कि कोई नहीं बख्शा जाएगा! कानून कड़ाई से अपना काम करेगा। देश इस समय भारी अनिर्णय के दौर से गुजर रहा है। उसे नहीं मालूम किधर देखना है, किससे उम्मीद करना है। डरा हुआ समाज अपनी आवाज नहीं उठा सकता। उसे जो कहा जा रहा है कर रहा है। तुम्हारी किस्मत खराब है वह मान जाता है, 70 साल से कांग्रेस दोषी थी, सात साल से सिस्टम, वह मान जाता है। मौतें आक्सीजन की कमी से नहीं हो रहीं, मृत्यु को कौन रोक सकता है, वह मान जाता है। प्रचार तंत्र जो बता रहा है वह सब मान रहा है। उसकी बुद्धि, विवेक सब मीडिया ने हर ली है। मोदी, मोदी के नशे में उसे नहीं मालूम कि आगे कुआ है या खाई। उसके बच्चों का क्या होगा?  नौकरी का क्या होगा? तनखाएं और कितनी कम होंगी? नए कृषि कानूनों के बाद कल जब अनाज भी आक्सीजन की तरह मुनाफाखोरों के पास पहुंच जाएगा तो रोटी का क्या होगा? उसे कुछ नहीं मालूम! न वह मालूम करना चाहता है। उसे उम्मीद है कि हिन्दु, मुसलमान से सब समस्याओं… Continue reading राहुल को कमान संभालनी होगी!

शरणार्थियों से बेरुखी क्यों?

म्यांमार के शरणार्थियों के मामले में भारत सरकार ने क्यों निर्मम रुख अपना रखा है, इसे समझना मुश्किल है। रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में सरकार के ऐसे रुख पर समझा गया था कि चूंकि रोहिंग्या मुसलमान हैं, इसलिए ये मौजूदा भाजपा सरकार की हिंदुत्व की नीति से मेल नहीं खाते। सरकार किसी रूप में मुस्लिम शरणार्थियों के प्रति नरम रुख अपनाते नहीं दिखना चाहती। लेकिन अब आ रहे शरणार्थी बौद्ध हैं, जिन्हें बेरहमी से म्यांमार लौटाने पर सरकार तुली हुई है। क्या वह म्यांमार के सैनिक शासकों को नाराज नहीं करना चाहती, ताकि वे पूरी तरह चीन की गोद में ना चले जाएं? या उसे लगता है कि आज लोकतंत्र और मानव अधिकार के नाम पर जो दबाव उन सैनिक शासकों पर पड़ा है, वह कभी घूम फिर कर भारत सरकार पर भी आ सकता है? इन तथ्यों पर गौर करें। पिछले दिनों म्यांमार के कई निर्वाचित जन प्रतिनिधि भाग कर भारत आ गए। पूर्व नेशनल लीड फॉर डेमोक्रेसी सरकार (जिसका तख्ता पलटा गया) से जुड़ी संस्था सीआरपीएच के मुताबिक उन जन प्रतिनिधियों को डर था कि कई और जन-प्रतिनिधियों की तरह सेना उन्हें भी हिरासत में ले लेगी। उधर भारत के पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है और कहा… Continue reading शरणार्थियों से बेरुखी क्यों?

म्यांमारः भारत दृढ़ता दिखाए

म्यांमार में सेना का दमन जारी है। 600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। आजादी के बाद भारत के पड़ौसी देशों— पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल, मालदीव— आदि में कई बार फौजी और राजनीतिक तख्ता-पलट हुए और उनके खिलाफ इन देशों की जनता भड़की भी लेकिन म्यांमार में जिस तरह से 600 लोग पिछले 60-70 दिनों में मारे गए हैं, वैसे किसी भी देश में नहीं मारे गए। म्यांमार की जनता अपनी फौज पर इतनी गुस्साई हुई है कि कल कुछ शहरों में प्रदर्शनकारियों ने फौज का मुकाबला अपनी बंदूकों और भालों से किया। म्यांमार के लगभग हर शहर में हजारों लोग अपनी जान की परवाह किए बिना सड़कों पर नारे लगा रहे हैं। लेकिन फौज है कि वह न तो लोकनायक सू ची को रिहा कर रही है और न ही अन्य छोटे-मोटे नेताओं को! उन पर उल्टे वह झूठे आरोप मढ़ रही है, जिन्हें हास्यास्पद के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता। यूरोप और अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद म्यांमार की फौज अपने दुराग्रह पर क्यों डटी हुई है ? इसके मूल में चीन का समर्थन है। चीन ने फौज की निंदा बिल्कुल नहीं की है। अपनी तटस्थ छवि दिखाने की खातिर उसने कह दिया है कि फौज और… Continue reading म्यांमारः भारत दृढ़ता दिखाए

म्यांमार में सेना ने किया तख्तापलट

म्यांमार की सेना ने स्टेट काउंसलर आंग सान सु की और राष्ट्रपति विन मिंट तथा सत्तारूढ पार्टी के अन्य सदस्यों को सोमवार को हिरासत में लेने के बाद एक साल के लिए देश में आपातकाल स्थिति की घोषणा की।

क्या भारत का लोकतंत्र फर्जी है?

भारत के किसानों ने विपक्षी दलों पर जबर्दस्त मेहरबानी कर दी है। छह साल हो गए और वे हवा में मुक्के चलाते रहे। अब किसानों की कृपा से उनके हाथ में एक बोथरा चाकू आ गया है,

मोदी ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष करने वालों को किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल की 45वीं बरसी पर लोकतंत्र की रक्षा के लिये संघर्ष और यातनाएं झेलने वाले लोगों को नमन करते हुए कहा

आपातकाल में लोकतंत्र का गला घोंटा गया: ईरानी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने देश में आपातकाल लगाने की तारीख 25 जून को काला दिन करार देते हुए कहा कि इसके

आपातकाल की यातनाओं को नहीं भूला है देश: शिवराज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपातकाल को याद करते हुए कहा है कि देश आज भी आपातकाल की क्रूर यातनाओं को नहीं भूला है।

लॉकडाउन आपातकाल की तरह नहीं: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि लॉकडाउन की तुलना आपातकाल से नहीं की जा सकती और लॉकडाउन के दौरान किसी अभियुक्त के स्वत: जमानत का अधिकार खत्म नहीं होता।

वायरस: जापान में आपातकाल घोषित होने की संभावना

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में तेजी से इजाफा होने के बाद आज तोक्यो समेत विभिन्न हिस्सों में आपातकाल घोषित कर सकते हैं।

कोरोना: जापान के प्रधानमंत्री का आपातकाल लगाने का प्रस्ताव

राजधानी तोक्यो सहित देश के विभिन्न भागों में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि होने के बाद जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने आज कहा कि सरकार आपातकाल

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