कांग्रेस के खिलाफ केजरीवाल का अभियान

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाने के अखिल भारतीय अभियान में लगे हैं। वे चुन चुन कर उन राज्यों में राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रहे हैं, जहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला भाजपा के साथ है। जिन राज्यों में दूसरे प्रादेशिक क्षत्रप हैं वहां आम आदमी पार्टी की राजनीति धीमी गति से चल रही है और जहां कांग्रेस मुख्य विपक्षी है वहां अति सक्रियता है। जैसे केजरीवाल की पार्टी उत्तर प्रदेश में भी राजनीति कर रही है लेकिन वहां उसकी मंशा किसी तरह से समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल करने की है ताकि कुछ सीटें जीती जा सके। यह भी केजरीवाल का कम और संजय सिंह का खेल ज्यादा है। वे अपनी निजी महत्वाकांक्षा में उत्तर प्रदेश की राजनीति कर रहे हैं। केजरीवाल को वहां से ज्यादा मतलब नहीं है। उनकी नजर उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात आदि राज्यों पर है। केजरीवाल ने अभी गुजरात में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया और कहा कि राज्य की सभी 182 सीटों पर उनकी पार्टी लड़ेगी। यह भी चर्चा है कि वे कांग्रेस के नेता और पाटीदार आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हार्दिक पटेल को तोड़ कर अपनी पार्टी में लाएंगे और उनको अगले साल के चुनाव में चेहरा बनाएंगे। अगर ऐसा हो… Continue reading कांग्रेस के खिलाफ केजरीवाल का अभियान

केजरीवाल भी बिगाड़ेंगे कांग्रेस का खेल

ऐसा नहीं है कि दूसरे और तीसरे मोर्चे के खेल में सिर्फ कांग्रेस, लेफ्ट और ममता बनर्जी का खेल है और कांग्रेस-लेफ्ट को सिर्फ ममता की चिंता करनी है। अगले साल होने वाले चुनावों में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस या सेकुलर मोर्चे का खेल बिगाड़ेगी। केजरीवाल ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। अगले साल के शुरू में जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं उन पांचों राज्यों में आम आदमी पार्टी की बड़ी तैयारी है। साल के अंत में दो राज्यों में और चुनाव होंगे उसमें भी हिमाचल प्रदेश में तो आप की तैयारी नहीं है पर गुजरात में वह बड़े पैमाने पर लड़ेगी। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में जिस तरह की सफलता उसे मिली है उससे लग रहा है कि वह विधानसभा की सभी सीटों पर लड़ कर कांग्रेस का खेल बिगाड़ेगी। इस काम में भाजपा की ओर से उसे प्रत्यक्ष या परोक्ष मदद भी मिलेगी। उससे पहले अगले साल फरवरी-मार्च में पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा के चुनाव हैं। इनमें से मणिपुर को छोड़ कर बाकी चार राज्यों में आम आदमी पार्टी लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उसने चारों राज्यों में… Continue reading केजरीवाल भी बिगाड़ेंगे कांग्रेस का खेल

कोरोना को मात करेगा भारत

कोरोना के विरुद्ध भारत में अब एक परिपूर्ण युद्ध शुरु हो गया है। केंद्र और राज्य की सरकारें, वे चाहे किसी भी पार्टी की हों, अपनी कमर कसके कोरोना को हराने में जुट गई हैं। इन सरकारों से भी ज्यादा आम जनता में से कई ऐसे देवदूत प्रकट हो गए हैं, जिन पर कुर्बान होने को जी चाहता है। कोई लोगों को आक्सीजन के बंबे मुफ्त में भर-भरकर दे रहा है, कोई मरीजों को मुफ्त खाना पहुंचवा रहा है, कोई प्लाज्मा-दानियों को जुटा रहा है और कोई ऐसे भी हैं, जो मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम भी सहज रुप में कर रहे हैं। हम अपने उद्योगपतियों को दिन-रात कोसते रहते हैं लेकिन टाटा, नवीन जिंदल, अडानी तथा कई अन्य छोटे-मोटे उद्योगपतियों ने अपने कारखाने बंद करके आक्सीजन भिजवाने का इंतजाम कर दिया है। यह पुण्य-कार्य वे स्वेच्छा से कर रहे हैं। उन पर कोई सरकारी दबाव नहीं है। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान की पहल पर ऑक्सीजन की रेलें चल पड़ी हैं। हजारों टन तरल आक्सीजन के टैंकर अस्पतालों को पहुंच रहे हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ऑक्सीजन -परिवहन का शुल्क भी हटा लिया है। हमारे लाखों डॉक्टर, नर्सें और सेवाकर्मी अपनी जान पर खेलकर लोगों की जान… Continue reading कोरोना को मात करेगा भारत

कुप्रबंधन की ये कीमत है

दिल्ली के गंगाराम और जयपुर गोल्डेन अस्पतालों में मरीजों की मौत इसलिए हो गई, क्योंकि वहां ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई। अस्पताल और उनके साथ-साथ मरीज किस तरह आज ऑक्सीजन के लिए हांफते हुए दम तोड़ रहे हैं, उसकी हृदय विदारक खबरों ने लोगों के मन- मस्तिष्क को लगातार झकझोरे रखा है। ये हालत क्यों पैदा हुई, इस बारे में पिछले हफ्ते दिल्ली हाई कोर्ट ने जो टिप्पणी की, उसके बाद ज्यादा कुछ कहने को नहीं रह जाता है। जाहिरा तौर पर कोर्ट ने इसके लिए केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराया। बेशक ये सारा मामला आपदा का अनुमान लगाने और उसके मुताबिक कुशल प्रबंधन करने में नाकामी का है। ये बात तो खुद सरकार की तरफ से कही गई है कि देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। अगर मेडिकल ऑक्सीजन की कमी हुई भी, तो उसकी भरपाई औद्योगिक ऑक्सीजन का इस मकसद के लिए उपयोग करके हो सकता था। गौरतलब है कि जब हालात बेकाबू हो गए तो केंद्र अब सरकार ने नौ आवश्यक उद्योगों को छोड़ कर बाकी सारे ऑक्सीजन की आपूर्ति अस्पतालों को करने का आदेश दिया। कहने का तात्पर्य यह कि सारा मसला जरूरत को समझने, प्राथमिकता तय करने और उसके मुताबिक उचित फैसला… Continue reading कुप्रबंधन की ये कीमत है

मोदी सरकार से दिल्ली लावारिस मरघट!

कोरोना वायरस के अभूतपूर्व संकट के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक ऐतिहासिक मोड़ पर है, जहां अब हर हाल में यह तय किया जाना चाहिए कि दिल्ली की प्रशासकीय स्थिति क्या रहेगी? अपनी अनोखी प्रशासकीय स्थिति की वजह से राष्ट्रीय राजधानी को दूसरे राज्यों के मुकाबले ज्यादा भयावह संकट का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र से लेकर मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा या छत्तीसगढ़ में भी बड़ा संकट है। बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं और मर भी रहे हैं लेकिन वहां कम से कम एक सरकार संकट का प्रबंधन करती दिख रही है। परंतु राष्ट्रीय राजधानी होने के बावजूद दिल्ली में संकट भयावह रूप लेता जा रहा है और मुख्यमंत्री असहाय दिख रहा है। ऐसा लग रहा है कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली लावारिस है। एक असहाय मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री के अधिकारों से लैस एक नौकरशाह उप राज्यपाल और दिल्ली की सत्ता पर कब्जे के लिए हर किस्म का प्रयास करते प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तो दिख रहे हैं पर दिल्ली के लोगों के संकट का कोई समाधान नहीं दिख रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल्ली की सत्ता सबको चाहिए पर दिल्ली के लोगों का दर्द दूर करने वाला कोई नहीं है। दिल्ली… Continue reading मोदी सरकार से दिल्ली लावारिस मरघट!

संक्रमण पर काबू नहीं, दिल्ली में संक्रमण की दर 30 फीसदी

नई दिल्ली। भारत में लॉकडाउन लगाने से लेकर किए जा रहे दूसरे तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमण की दर 30 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। यानी जितने लोगों का टेस्ट हो रहा है उनमें से एक तिहाई लोग संक्रमित मिल रहे हैं। चुनाव वाले राज्य पश्चिम बंगाल में हालात इतने खराब हो गए हैं कि राजधानी कोलकाता और आसपास के इलाकों में टेस्ट कराने वाला हर दूसरा व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिल रहा है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में संक्रमण की दर 45 से 55 फीसदी तक पहुंच गई है। जहां तक पूरे राज्य की बात है तो राज्य में संक्रमण की दर 24 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। इस महीने में संक्रमण की दर पांच से बढ़ कर 24 फीसदी पहुंची है। रविवार को खबर लिखे जाने तक पूरे देश में तीन लाख 26 हजार, 880 नए नए केसेज आए थे और एक्टिव मरीजों की संख्या 28 लाख के करीब हो गई थी। खबर लिखे जाने तक छत्तीसगढ़, पंजाब और झारखंड सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों के आंकड़े अपडेट नहीं हुए थे। इनके आंकड़े अपडेट होने के बाद देर रात तक संक्रमितों… Continue reading संक्रमण पर काबू नहीं, दिल्ली में संक्रमण की दर 30 फीसदी

ऑक्सीजन संकट जस का तस, मरीजों की स्थिति गंभीर

नई दिल्ली। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खुद कमान संभालने के बावजूद संकट दूर नहीं हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर पड़ोस के राज्य हरियाणा सहित कई और राज्यों में ऑक्सीजन का संकट जारी है। हरियाणा के रेवाड़ी में रविवार की सुबह एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी होने से कोरोना संक्रमित चार मरीजों की मौत हो गई। कई और मरीजों की स्थिति गंभीर है और परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन की कालाबाजारी हो रही है। रविवार की शाम को गुरुग्राम के मेट्रो अस्पताल ने एक ट्विट करके एसओएस अपील करते हुए कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने वाली है और अगर जल्दी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई तो मरीजों की जान जा सकती है। अस्पताल में 70 मरीज भरती हैं। इससे एक दिन पहले शनिवार को गुरुग्राम के दो अस्पतालों- मैक्स और मेयोम हॉस्पिटल में इसी तरह ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले एक हफ्ते से ऑक्सीजन की कमी का संकट चल रहा है। दिल्ली में सात सौ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है लेकिन चार सौ मीट्रिक टन की भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन की कमी दूर करने के… Continue reading ऑक्सीजन संकट जस का तस, मरीजों की स्थिति गंभीर

ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक

नई दिल्ली। देश में बढ़ते ऑक्सीजन संकट से निपटने के लिए सरकार ने देर से ही सही पर कुछ बड़े कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश भेजा है कि लिक्विड ऑक्सीजन का इस्तेमाल मरीजों के अलावा किसी और काम में नहीं किया जाएगा। इस तरह सरकार ने लिक्विड ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। ऑक्सीजन की कमी पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते कई बार कहा था कि सरकार तत्काल सभी उद्योगों को मिलने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कराए। बहरहाल, केंद्र ने कहा है कि लिक्विड ऑक्सीजन का पूरा स्टॉक सिर्फ सिर्फ चिकित्सा कार्यों में इस्तेमाल होगा। इस बीच केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। कोरोना वायरस का संक्रमण शुरू होने के बाद बनाए गए पीएम केयर्स फंड से देश के पांच सौ से ज्यादा जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की गई है। रविवार को बताया गया कि पीएम केयर्स फंड से देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य केंद्रों में 551 मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में रविवार को कहा कि पीएम केयर्स फंड ने इन संयंत्रों की स्थापना के लिए सैद्धांतिक मंजूरी… Continue reading ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक

भारत बंद में केजरीवाल का नाटक!

अरविंद केजरीवाल को दूसरे के आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने की आदत लग गई है। इसलिए उन्होंने किसानों के आंदोलन का फायदा उठाने का भी जी-तोड़ प्रयास किया है।

यूपी में जमीन तलाशने की पुरजोर तैयारी में आम आदमी पार्टी

उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी (आप) धीरे-धीरे अपने पांव जमाने में लग गयी है। पार्टी दिल्ली में सत्ता हासिल करने के बाद यूपी में जमीन तलाशने की पुरजोर प्रयास में लग गयी है।

भाजपा की राजनीति अपनाते केजरीवाल!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दूसरी बार चुनाव जीतने के बाद से ही राजनीतिक मसलों पर चुप हो गए हैं। वे राजनीतिक मुद्दों पर कुछ बोल ही नहीं रहे हैं।

पार्टियां फैला रही हैं अफवाह!

दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर जमा हुई हजारों की भीड़ अफवाहों का नतीजा है। केंद्र में सरकार चला रही भाजपा और दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी के नेता एक-दूसरे पर अफवाह फैलाने के आरोप लगा रहे हैं। अफवाहें भी ऐसी, जिनका कोई सिर पैर नहीं है या जिनकी पुष्टि मिनटों में हो सकती है। पर ऐसा लग रहा है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने के लिए इन अफवाहों का सहारा लिया जा रहा है। जैसे यह अफवाह फैली की दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों और कच्ची बस्तियों में बिजली काटी जा रही है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विट करके सीधे उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ट्विट किया कि भाजपा के नेता टुच्ची राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अफवाह फैला रही है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार लोगों की बिजली-पानी का कनेक्शन काट रही है इसलिए लोग पलायन कर रहे हैं। सोचें, बिजली की सप्लाई का काम तो अब राज्य सरकार के पास है भी नहीं। दिल्ली में दो कंपनियां- टाटा समूह की एनडीपीएल और अनिल अंबानी की कंपनी बीएसईएस कर रही है। अगर कनेक्शन काटना होगा तो ये ही… Continue reading पार्टियां फैला रही हैं अफवाह!

केजरीवाल और उद्धव ने की अपील

नई दिल्ली/मुंबई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और महाराष्ट्र के अलग अलग शहरों से प्रवासी मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील की है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि जो जहां है वहीं रहे, उन्हें किसी किस्म की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। केजरीवाल ने तो यह भी ऐलान किया मजदूर अपने घरों के किराए की चिंता नहीं करें, उनका किराया सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजीरवाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस करके पलायन कर रहे लोगों से कहा कि जो लोग जहां हैं वहीं रहें और बाहर नहीं निकलें, दिल्ली सरकार उनके रहने और खाने का पूरा इंतजाम कर रही है। उन्होंने प्रवासी मजदूरों से अपील करते हुए कहा- आप अपने घर में रहें सरकार आपके कमरे का किराया दे देगी। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली और यूपी के बॉर्डर पर भारी भीड़ है। उन्होंने कहा- दूसरे राज्यों में भी लोग पलायन कर रहे हैं। गोवा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि में लोग शहर छोड़ कर गांव में जा रहे हैं। सभी से हाथ जोड़ कर अपील है कि पीएम ने कहा था कि जो जहां हैं, वहीं रहें। यही कोरोना को रोकने का मंत्र है। ये मंत्र नहीं लागू… Continue reading केजरीवाल और उद्धव ने की अपील

ये केजरीवाल का ट्रेलर तो नहीं

दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इरादे क्या होंगे ये तो वही जानें पर दिल्ली में लोग उन्हैं देश की राजनीति से जोड़कर देखने लगे हैं।

चुनाव फिर मोदी बनाम केजरीवाल में!

दिल्ली का विधानसभा चुनाव कोई मामूली चुनाव नहीं है। यह देश का मुख्य विपक्ष तय करने का चुनाव है। इसके चुनाव नतीजों से पता चलेगा कि आने वाले दिनों में भाजपा और नरेंद्र मोदी का क्या विपक्ष के पास जवाब है। करीब पांच साल के बाद किसी भी राज्य का यह पहला चुनाव है, जिसमें भाजपा नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ रही है। यह भी पहली बार हो रहा है कि दिल्ली के चुनाव में भाजपा नहीं एनडीए चुनाव लड़ रहा है। बिहार की उसकी दो सहयोगी पार्टियां इस बार गठबंधन में लड़ रही हैं। उसके मुकाबले कांग्रेस ने भी बिहार का अपना गठबंधन दिल्ली में उतारा है। यह अनायास नहीं है। इसके पीछे सोची समझी रणनीति है। ध्यान रहे दिल्ली के बाद बिहार विधानसभा का चुनाव होने वाला है। तभी दिल्ली का विधानसभा चुनाव मिनी बिहार का चुनाव बन गया है। पर हकीकत यह है कि दिल्ली का मुकाबला एनडीए और यूपीए का नहीं है, बल्कि नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल का है। एक तरफ मोदी का चेहरा है और दूसरी ओर केजरीवाल का। एक तरफ शासन का मोदी (गुजरात) मॉडल है और दूसरी ओर केजरीवाल मॉडल है। एक तरफ अनुच्छेद 370, संशोधित नागरिकता कानून, तीन तलाक और… Continue reading चुनाव फिर मोदी बनाम केजरीवाल में!

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