राजनाथ के घर होगी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक

कोरोना के संकट से निजात पाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए आर्थिक पैकेज को जरूरतमंदों तक पहुंचाने और आर्थिक सुधारों की रणनीति तय करने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की

आर्थिक पैकेज में राहत नहीं मिलने से दूरसंचार उद्योग निराश

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) आर्थिक पैकेज में दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत की घोषणा नहीं होने पर निराशा जताई है। कोरोना वायरस महामारी के

सरकारी पैकेज जीडीपी का मात्र 1.6 प्रतिशत : कांग्रेस

कांग्रेस ने आज सरकार पर आर्थिक पैकेज के नाम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र द्वारा घोषित उपाय भारत के सकल घरेलू उत्पाद

आर्थिक पैकेज से जाहिर कंट्रास्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जो आर्थिक पैकेज जारी कर रहे हैं उसे लेकर खूब सवाल उठ रहे हैं और अलग अलग किस्म की व्याख्या भी हो रही है। आर्थिकी की समझ रखने वाले भी और नासमझ लोग भी अपने अपने हिसाब से इसका मजाक उड़ा रहे हैं क्योंकि यह ऐसा राहत पैकेज है, जिसमें लाखों करोड़ रुपए बंट गए और किसी को कुछ मिला भी नहीं।

चिदंबरम ने आर्थिक पैकेज को स्पष्ट करने की मांग की

पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा की तीसरी किश्त पर सवाल उठाते हुए बजट को स्पष्ट तरीके

कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को एक लाख करोड़

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी से निपटने और देश की अर्थव्यवस्था सेहत सुधारने के लिए घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के तहत किए गए

सबका साथ सबका विकास है आर्थिक पैकेज: शाह

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गरीबों, किसानों , मजदूरों और अन्य वर्गों के लिए घोषित विशेष आर्थिक पैकेज

आत्मनिर्भर बनाने वाली पुरानी योजनाएं कहां हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार के भाषण का बीज मंत्र ‘आत्मनिर्भरता’ था। उन्होंने इसके साथ वोकल फॉर लोकल का भी नारा दिया। उन्हें आत्मनिर्भरता अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा भी की। पर सवाल है कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इससे पहले जो योजनाएं घोषित की गई थीं, उनका क्या हुआ? प्रधानमंत्री तो पिछले छह साल से देश को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। और देश के नागरिकों का एक बड़ा वर्ग चीन से आने वाली झालरें और छोटी-छोटी अनेक चीजों का बहिष्कार करते हुए वोकल फॉर लोकल का अभियान भी चला रहा है। सो, यह बताना चाहिए उन सबका क्या हुआ?
सबसे पहले को मेक इन इंडिया के बारे में बताना चाहिए कि इस अभियान से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में कितनी सफलता मिली। मेक इन इंडिया असल में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए अभियान का पहला कदम है। दूसरा कदम स्टार्ट अप इंडिया था। इस योजना का भी बड़े धूम-धड़ाके प्रचार किया गया और हजारों करोड़ रुपए के कर्ज भी बांटे गए। इसका तीसरा कदम मुद्रा योजना थी, जिसके तहत लोगों को छोटे से बड़े कर्ज दिए जाते थे ताकि वे स्वरोजगार शुरू करके आत्मनिर्भर बनें। सरकार का दावा था कि पकौड़े के ठेले लगाने सहित कई कामों में करीब आठ करोड़ लोगों को उसने स्वरोजगार दिया यानी उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। हकीकत यह है कि मुद्रा योजना के तहत दिया गया ज्यादातर कर्ज एनपीए हो गया है और बैंकों की खराब हालत के पीछे इसका भी हाथ है।
सवाल है कि जब मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया आदि के सहारे आत्मनिर्भरता की इतनी सारी योजनाएं पहले से चल रही हैं तो एक नए अभियान की क्या जरूरत आन पड़ी? क्या पहले की योजनाएं फेल हो गई हैं या उनसे वांछित नतीजे हासिल नहीं हुए हैं, इसलिए सबको मिला कर एक नई योजना शुरू हो रही है? जितना धूम-धड़ाका हुआ है उससे यह अंदेशा है कि कहीं इसका भी हस्र पहले जैसी योजनाओं जैसा न हो।

यह कैसा आर्थिक पैकेज: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा

एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपये का कोलेट्रल फ्री ऋण

कोरोना वायरस के कारण मंद पड़ी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और इस संकट को एक अवसर के रूप में बदलने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में से तीन लाख करोड़ रुपये का

लॉकडाउन 4.0 पर चर्चा के लिए पीएम मोदी ने की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेगा 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा करने के एक दिन बाद आज एक और महत्वपूर्ण कार्य में व्यस्त हैं।

भारत बनेगा ‘सुपर इकोनॉमिक पावर’: गडकरी

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से घोषित किये गये आर्थिक पैकेज की सराहना करते हुए आज कहा कि यह देश को एक उत्कृष्ट आर्थिक

उम्मीद है कि आर्थिक पैकेज भाजपा की और घोषणाओं जैसा न हो: कांग्रेस

कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से आर्थिक पैकेज के ब्यौरे की जानकारी दिए जाने से पहले आज कहा कि उसे यह उम्मीद है कि यह पैकेज भाजपा की पहले की कई बड़ी घोषणाओं

प्रधानमंत्री के आर्थिक पैकेज पर बिहार में सियासी पारा चढ़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोरोना संकट के बीच कुल 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद बिहार की सियासत गरम हो गई

पहले 15 लाख का झूठा वादा, अब 20 लाख करोड़ का दावा: अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज प्रधानमंत्री द्वारा 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा को लेकर तंज कसा।

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