सबके लिए एक-जैसा कानून कब बनेगा?

uniform code of conduct : दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बार फिर मांग की है कि सरकार देश के नागरिकों के लिए समान आचार संहिता ( uniform code of conduct  ) बनाए और संविधान की धारा 44 में जो अपेक्षा की है, उसे पूरा करे। समान आचार संहिता का अर्थ यह नहीं है कि देश… Continue reading सबके लिए एक-जैसा कानून कब बनेगा?

ईसाइयों को करना चाहिए आत्मचिंतन

कोविड-19 के वैश्विक प्रकोप के साए में विश्व (भारत सहित) ने 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाई। इस त्योहार के साथ नववर्ष की उल्टी गिनती भी शुरू हो जाती है। उस नाते सभी पाठकों को इसकी ढेरों शुभकामनाएं।

सरकार को ‘लव जिहाद’ के बारे में पता नहीं

नई दिल्ली। ‘लव जिहाद’ को लेकर भले भारतीय जनता पार्टी के नेता और दूसरे संगठन शोर मचाते रहे हैं पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने कहा है कि उसकी जानकारी में ‘लव जिहाद’ का कोई मामला नहीं आया है। इतना ही नहीं सरकार ने मंगलवार को संसद में यह भी कहा कि ‘लव… Continue reading सरकार को ‘लव जिहाद’ के बारे में पता नहीं

लव-जिहाद कितना सच और कितना फसाना?

गत दिनों कैथोलिक बिशप की सर्वोच्च संस्था ‘द सायनॉड ऑफ साइरो-मालाबार चर्च’ ने केरल में योजनाबद्ध तरीके से ईसाई युवतियों के मतांतरण का मुद्दा उठाया। लगभग उसी कालांतर में पाकिस्तान स्थित सिंध में तीन और नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण, जिसमें एक का मतांतरण के बाद जबरन निकाह कर दिया गया।

क्रिसमस पर कहां गए पर्यावरणविद्?

पच्चीस दिसंबर को देश-दुनिया ने क्रिसमस पर्व धूमधाम से मनाया। सभी पाठकों को इसकी ढेरों बधाई और नववर्ष 2020 की असीम शुभकामनाएं। क्या इस पर्व पर समाज के भीतर किसी प्रकार का शोर सुनाई दिया, जैसा अक्सर बहुसंख्यक के त्योहारों में सुनाई देता है? शायद नहीं। क्या यह माना जाए कि केवल हिंदुओं के त्योहार-… Continue reading क्रिसमस पर कहां गए पर्यावरणविद्?