शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी

maharashtra politics mahavikas aghadi Sarkar : महा विकास अघाड़ी महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार का नेतृत्व कर रही शिव सेना क्यों कांग्रेस पार्टी को ज्यादा महत्व नहीं दे रही है? क्यों शिव सेना के नेता एनसीपी के शरद पवार को तरजीह दे रहे हैं और कांग्रेस के खिलाफ बयान देते रहते हैं? क्यों शिव सेना ने राहुल गांधी को शरद पवार से सीखने की सलाह दी? शिव सेना क्यों कांग्रेस नेताओं जैसे नाना पटोले या भाई जगताप के बयानों पर ध्यान नहीं दे रही है? इन सब सवालों का एक ही जवाब है कि शिव सेना को कांग्रेस की मजबूरी पता है। उसे पता है कि कांग्रेस महा विकास अघाड़ी छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाली है। कम से कम अगले दो साल तक कांग्रेस को किसी तरह से शिव सेना के साथ ही रहना है। शिव सेना छोड़ दे तो अलग बात है। यह भी पढ़ें: नरसिंह राव को याद करने का समय नहीं यह भी पढ़ें: स्वतंत्र निदेशकों के लिए भी कुछ नियम बने! दूसरी ओर एनसीपी के साथ ऐसी मजबूरी नहीं है। एनसीपी को भाजपा के साथ राजनीति करने में भी कोई दिक्कत नहीं है। पिछले कुछ दिनों से इस बात की चर्चा हो रही है… Continue reading शिव सेना जानती है कांग्रेस की मजबूरी

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री के पीए और पीएस गिरफ्तार, Anil Deshmukh पर भी कसा जा सकता है शिकंजा

मुंबई | Money Laundering Case: महाराष्ट्र की राजनीति में अचानक से उबाल आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री (Former Maharashtra Home Minister) अनिल देशमुख  (Anil Deshmukh) के पीए कुंदन शिंदे और पीएस संजीव पलांडे को गिरफ्तार कर लिया है। देर रात गिरफ्तारी के बाद दोनों का मेडिकल कराया गया। ईडी ने दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money Laundering Case) के तहत की है। ईडी दोनों को आज पीएमएलए कोर्ट में पेश करेगी। शुक्रवार को धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के मध्यनजर प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के नागपुर स्थित घर पर छापे की कार्रवाई की थी। सूत्रों की माने तो ईडी अनिल देशमुख पर भी शिकंजा कस सकती है। ये भी पढ़ें:- ED Raids Anil Deshmukh’s house : ED की टीम ने आज सुबह महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री के घर पर की छापेमारी गौरतलब है कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की उगाही के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने बताया कि ऐसे इस तरह की बातों के वक्त अनिल देशमुख के साथ उनके पर्सनल सेक्रेट्री संजीव… Continue reading महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री के पीए और पीएस गिरफ्तार, Anil Deshmukh पर भी कसा जा सकता है शिकंजा

महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच!

महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच : महाराष्ट्र में भाजपा और शिव सेना का तालमेल इसी बात पर टूटा था। शिव सेना के नेता कह रहे थे कि बंद कमरे में अमित शाह ने वादा किया था कि मुख्यमंत्री का पद ढाई-ढाई साल के लिए दोनों पार्टियों के बीच बंटेगा। दूसरी ओर भाजपा ने इससे इनकार किया, जिसके बाद शिव सेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिल कर सरकार बनाई। पिछले दिनों फिर ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री की बात अचानक उभरी, जिस पर शिव सेना ने कहा कि एनसीपी के साथ ऐसी कोई बात नहीं हुई है और पांच साल तक शिव सेना का ही मुख्यमंत्री रहेगा। यह भी पढ़ें: कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह अब एक बार फिर ढाई साल का पेंच सामने आया है। अगले साल अप्रैल में उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री के तौर पर ढाई साल पूरे करेंगे। उसके बाद क्या होगा, इसका अंदाजा किया को नहीं है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उसके बाद वे अगले ढाई साल तक भाजपा के समर्थन से भी मुख्यमंत्री रह सकते हैं या उनके समर्थन से अगले ढाई साल के लिए भाजपा का मुख्यमंत्री बन सकता है। हालांकि शिव सेना के नेता इससे इनकार कर रहे हैं… Continue reading महाराष्ट्र में ढाई साल का पेंच!

कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह

कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह : महाविकास अघाड़ी बनने के बाद कांग्रेस और शिव सेना में कमाल का तालमेल दिखा था। दोनों के नेताओं ने एक दूसरे पर बहुत भरोसा दिखाया था। लेकिन अब वह भरोसा टूटता दिख रहा है। यही कारण है कि दोनों ओर से बयानबाजी शुरू हो गई है। सरकार बनने के थोड़े दिन बाद ही दोनों पार्टियों में अविश्वास पैदा होने लगा था। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि शिव सेना सांसद संजय राउत की पत्नी को ईडी का नोटिस जाने के बाद ज्यादा बदलाव हुआ है। उसके बाद शिव सेना का रुख भाजपा के प्रति नरम हुआ है। फिर जब उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तब घटनाक्रम में नया मोड़ आया। इसके तुरंत बाद संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। यह भी पढ़ें: रावत और ममता की चिंता अब शिव सेना के विधायक प्रताप सरनाईक ने उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिख कर कहा कि केंद्रीय एजेंसियां बहुत परेशान कर रही हैं और इसलिए शिव सेना को भाजपा के साथ तालमेल कर लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी और कांग्रेस दोनों शिव सेना को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेस को इन बयानों का मतलब समझ… Continue reading कांग्रेस में शिव सेना को लेकर संदेह

राज्यों में राजनीतिक हलचल बढ़ी

यह हैरान करने वाली बात है कि देश में कोरोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और सारे राज्य यह भी कह रहे हैं कि तीसरी लहर आ सकती है लेकिन अचानक जून के महीने में हर राज्य में राजनीति तेज हो गई है। देश के लगभग सभी राज्यों में राजनीतिक गतिविधियां ऐसे चल रही हैं, जैसे चुनाव होने वाले हैं। पक्ष और विपक्ष की पार्टियां राजनीति में लग गई हैं। आमतौर पर राज्यों में राजनीति का सीजन होता है। लोकसभा या राज्यों के चुनावों के समय ही राजनीति होती है या किसी राज्य में अगर अस्थिर सरकार है, त्रिशंकु विधानसभा है तो वहां राजनीति होती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है, जहां चुनाव नहीं हैं और स्थायी व स्थिर सरकार है वहां भी राजनीति हो रही है। गठबंधन की पार्टियों में अलग राजनीति हो रही है तो देश की सबसे बड़ी पार्टी के अंदर अलग राजनीति चल रही है। यह भी पढ़ें: राजनीति में उफान, लाचार मोदी! यह कोई समय नहीं था, लेकिन महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे दिल्ली आकर प्रधानमंत्री से मिले और उसके बाद गठबंधन की सरकार को लेकर सवाल उठने लगे। इसी बीच ममता बनर्जी के निर्देश… Continue reading राज्यों में राजनीतिक हलचल बढ़ी

नेताओं को मोदी का क्या मैसेज?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या अपनी और दूसरी पार्टी के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात के दौरान होने वाले सिटिंग अरेंजमेंट यानी बैठने की व्यवस्था के जरिए कोई मैसेज दे रहे हैं? मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने इसे मुद्दा बनाया है। असल में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने दिल्ली आए थे। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उनके बैठने की व्यवस्था सामान्य से अलग थी। अगल-बगल की दो कुर्सियों पर बैठने की बजाय प्रधानमंत्री अपने लिए निर्धारित कुर्सी पर बैठे और मुख्यमंत्री बीच की कुर्सी छोड़ कर उसके आगे वाली कुर्सी पर बैठे। इस तस्वीर को साझा करके कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री ने दूर बैठा कर मुख्यमंत्री से अपनी नाराजगी जाहिर की है। कहा जा सकता है कि इन दिनों कोरोना का जोर है और इसलिए सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हए इस तरह बैठने की व्यवस्था की गई है। लेकिन यह तर्क नहीं चल पा रहा है क्योंकि इस मुलाकात से दो-चार दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे थे तो वे प्रधानमंत्री की बगल वाली कुर्सी पर बैठे थे। उसी कुर्सी पर जो शिवराज की मुलाकात के दौरान खाली रखी गई थी। तो… Continue reading नेताओं को मोदी का क्या मैसेज?

बीएमसी चुनाव से पहले कंफ्यूजन

महाराष्ट्र में अगले साल बृहन्नमुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी का चुनाव है। राज्य में विधानसभा चुनाव के जितना ही महत्वपूर्ण यह चुनाव भी होता है। कम से कम शिव सेना के लिए बीएमसी का चुनाव विधानसभा की तरह की महत्व रखता है। पिछले 25 साल से बीएमसी पर शिव सेना का कब्जा है और वह किसी तरह से इसे बचाए रखने की प्रयास कर रही है। लेकिन उस चुनाव से पहले ही महाविकास अघाड़ी की तीनों पार्टियों के बीच कंफ्यूजन पैदा हो गया है। कांग्रेस और एनसीपी दोनों के सुर अलग दिख रहे हैं। यह भी पढ़ें: भाजपा के अंतर्कलहः न चर्चा, न खबर! कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कंफ्यूजन और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा है कि अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरेगी। मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष भाई जगताप ने कहा है कि बीएमसी का चुनाव कांग्रेस अकेले लड़ेगी। इसके बाद एनसीपी के प्रवक्ता और राज्य सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि तीनों पार्टियों में सरकार चलाने पर तो सहमति है लेकिन विधानसभा और लोकसभा चुनाव मिल कर लड़ना है या नहीं, ये बात तय नहीं हुई है। यह भी पढ़ें: तीरथ सिंह को उपचुनाव की चिंता इस बीच मुख्यमंत्री… Continue reading बीएमसी चुनाव से पहले कंफ्यूजन

डेढ़ घंटे चली मोदी-उद्धव की मुलाकात

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद दूसरी बार उद्धव की प्रधानमंत्री से यह दूसरी मुलाकात थी। इस बार वे मराठा आरक्षण के मसले पर बात करने आए थे। इसके अलावा उन्होंने चक्रवाती तूफान ताउते से हुई तबाही के लिए मुआवजे के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात डेढ़ घंटे से ज्यादा चली। मुलाकात के बाद उद्धव ने कहा कि राजनीतिक रूप से वे भाजपा के साथ नहीं हैं पर मोदी से रिश्ता खत्म नहीं हो गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मराठा आरक्षण लागू करने के लिए प्रधानमंत्री से मदद मांगी। उसके अलावा उन्होंने वैक्सीनेशन और तूफान से हुए नुकसान के मुआवजे के बारे में बात की। एक दिन पहले ही यह मुलाकात तय हुई है और दोनों ने मीटिंग अकेले में की। ये बातचीत करीब एक घंटा चालीस मिनट तक चली मुलाकात के बाद इस बारे में पूछे जाने पर उद्धव ने कहा- भले ही राजनीतिक रूप से साथ नहीं हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है… Continue reading डेढ़ घंटे चली मोदी-उद्धव की मुलाकात

महाराष्ट्र में पॉज़िटिव रेट ज्यादा और रेड जॉन वाले जिलों में होम आइसोलेशन पर पाबंदी, बेहतर स्वास्थ्य के लिए कोविड केयर सेंटर में भर्ती होंगे मरीज

Maharashtra : सवा साल से देश कोरोना से जंग लड़ रहा है और इस अंतराल में कोरोना ने अपने अनेक रूप बदले है। अपने बदलते हुए रूप के साथ कोरोना वायरस अधिक शक्तिशाली हो गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाला राज्य महाराष्ट्र में आज दोपहर एक नया आदेश ज़ारी किया गया है जिसमें होम आइसोलेशन पर रोक लगा दी गई। इससे पहले अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया जाता था तो वह अपने घर में ही क्वारनटीन हो जाता था। लेकिन अब यह संभव नहीं हो सकेगा। अब अगर कोई कोरोना पॉज़िटिव पाया जाता है तो उसे कोविड केयर सेंटर में आइसोलेट होना पड़ेगा। यह नियम सभी मरीजों पर अनिवार्य रूप से लागू होगें। पूरे देश में कोरोना के मामले कम होने शुरु हो गये है। जो राज्य कोरोना का गढ़ बने हुए थे उनमें कोरोना के मामलों में गिरावट आ रही है। महाराष्ट्र भी उन्हीं में से एक है। महाराष्ट्र में एक दिन में 22,000 मामले सामने आ रहे है जो पिछले 70 दिनों में सबसे कम है। इसे भी पढ़ें क्या होगा अगर पहली डोज़ कोविशील्ड और दूसरी डोज़ कोवैक्सीन की लगाई जाए….विशेषज्ञों ने दिया इसका जवाब बेहतर स्वास्थ्य के लिए जाना होगा कोविड केयर सेंटर महाराष्ट्र के… Continue reading महाराष्ट्र में पॉज़िटिव रेट ज्यादा और रेड जॉन वाले जिलों में होम आइसोलेशन पर पाबंदी, बेहतर स्वास्थ्य के लिए कोविड केयर सेंटर में भर्ती होंगे मरीज

महाराष्ट्र, बिहार में बढ़ा लॉकडाउन

मुंबई/पटना। कोरोना वायरस से सर्वाधिक संक्रमित महाराष्ट्र में लॉकडाउन 15 दिन और बढ़ा दिया गया है। अब एक जून तक राज्य में सब कुछ बंद रहेगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बाहर से आने वाले सभी लोगों के लिए कोरोना की आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। बिहार में भी राज्य सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। बिहार में इसे 10 दिन के लिए बढ़ाया गया है। अब राज्य में 25 मई तक सब कुछ बंद रहेगा। महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, किसी भी माध्यम से राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को अपनी निगेटिव कोरोना रिपोर्ट दिखानी होगी। राज्य में संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है लेकिन मरने वालों की संख्या में अपेक्षित कमी नहीं हो रही है। इस लेकर बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चिंता जाहिर की गई। बुधवार की बैठक में ही लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया गया था, जिसकी गुरुवार को दिशा-निर्देशों के साथ घोषणा की गई। उधर बिहार में लॉकडाउन को अब 25 मई तक बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा- हमारी समीक्षा में लॉकडाउन का सकारात्मक… Continue reading महाराष्ट्र, बिहार में बढ़ा लॉकडाउन

कांग्रेस के प्रति शिव सेना का सद्भाव

भारत की राजनीति में अक्सर दिलचस्प चीजें देखने को मिलती रहती हैं। महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार में शामिल तीन पार्टियों- शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस में जिस तेजी से समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं और इस समय की सबसे दिलचस्प घटना है। पहले लगता था कि शिव सेना हिंदुवादी पार्टी है तो कांग्रेस के साथ उसका तालमेल नहीं बैठेगे, जबकि एनसीपी के नेता शरद पवार पहले कांग्रेस में थे तो उनके साथ सहज तालमेल रहेगा। लेकिन अब उलटा हो रहा है। कांग्रेस और एनसीपी में शह-मात का खेल शुरू हो गया है तो दूसरी ओर कांग्रेस और शिव-सेना में कमाल का सद्भाव देखने को मिला है। एक तरफ एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और उनकी पार्टी भाजपा विरोधी मोर्चे की कमान कांग्रेस के साथ निकाल कर अपने हाथ में लेने की तैयारी कर रहे हैं तो दूसरी ओर शिव सेना का कहना है कि भाजपा विरोधी मोर्चे की अगुवाई कांग्रेस को ही करनी चाहिए। शिव सेना ने तो तीसरे मोर्चे की संभावना को ही खत्म कर दिया है, जिसके बारे में ममता बनर्जी और दूसरे कई क्षत्रप बात कर रहे हैं। एनसीपी सुप्रीम शरद पवार भी तीसरे मोर्चे की राजनीति में शामिल हो सकते हैं। लेकिन शिव सेना… Continue reading कांग्रेस के प्रति शिव सेना का सद्भाव

Maharasthra Police वसूली रैकेट मामले में आया एनकाउंटर किंग प्रदीप शर्मा का भी नाम, NIA ने की पूछताछ, वाझे से बार—बार क्यों मिले?

मुंबई | महाराष्ट्र पुलिस वसूली रैकेट मामले में तीन सौ से अधिक अपराधियों को खत्म करके एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से प्रसिद्ध पूर्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रदीप शर्मा का नाम भी जुड़ा है। एनआईए ने इस मामले में एनकाउंटर किंग शर्मा से लम्बी पूछताछ की है। उनसे पूछा ​गया है कि वे सचिन वाझे से बार—बार क्यों मिल रहे थे। आपको बता दें कि प्रदीप शर्मा शिवसेना के टिकट पर 2019 का चुनाव भी लड़ चुके हैं। सचिन वाझे उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास विस्फोटकों से लदी एसयूवी स्कॉर्पियो और उसके मालिक मनसुख हीरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप शर्मा, जिनके काम पर कई फिल्में बॉलीवुड में बन चुकी हैं, जिनमें ‘अब तक छप्पन’, ‘सत्या’, ‘कंपनी’ सहित अन्य फिल्में शामिल हैं। सचिन वाजे की ओर से पुलिस मुठभेड़ों में 63 बदमाशों को एनकाउंटर करने का दावा किया जाता है, जबकि प्रदीप शर्मा के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने 35 वर्ष के पुलिस कैरियर में 300 से अधिक अपराधियों को मौत की नींद सुला दिया था। यही नहीं प्रदीप शर्मा को उनकी टीम के सदस्य ‘एनकाउंटर किंग’ भी कहते हैं। अब शर्मा का इस केस में नाम आने के बाद… Continue reading Maharasthra Police वसूली रैकेट मामले में आया एनकाउंटर किंग प्रदीप शर्मा का भी नाम, NIA ने की पूछताछ, वाझे से बार—बार क्यों मिले?

Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh ने उद्धव ठाकरे को सौंपा इस्तीफा, High Court ने दिए थे CBI जांच के आदेश

मुम्बई । महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) ने अपने पद से इस्तीफा (Resign) दे दिया है। उन पर सौ करोड़ की वसूली मामले में आरोप लगे थे। इसके बाद बोम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे और पन्द्रह दिन में प्राथमिक जांच पूरी करने की बात कही। पूर्व सीएम देवेन्द्र फड़नवीस ने उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की थी। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में देशमुख ने लिखा कि उन पर सीबीआई जांच उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रारंभ की गई है। इसलिए नैतिकता की दृष्टि से वे इस पद पर नहीं रह सकते। इसके चलते वे इस्तीफा दे रहे हैं। दिलीप पाटिल बन सकते हैं नए गृहमंत्री सूत्रों का कहना है कि नए गृहमंत्री के तौर पर दिलीप वलसे पाटिल को शपथ दिलाई जा सकती है। बॉम्बे हाई कोर्ट की ओर से गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई को प्रारंभिक जांच करने का आदेश दिए जाने के बाद राकांपा के मुखिया शरद पवार के घर बैठक के बाद यह फैसला किया गया। इस इस्तीफ के बाद महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित… Continue reading Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh ने उद्धव ठाकरे को सौंपा इस्तीफा, High Court ने दिए थे CBI जांच के आदेश

Bombay High Court ने कहा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए आरोप गंभीर, CBI जांच करे, EX CM देवेन्द्र फड़नवीस बोले इस्तीफा दो

मुंबई | महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख (Maharashtra Home Minister Anil Deshmukh) पर लगाए आरोपों की जांच अब केन्द्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (CBI) करेगी। इस बाबत बोम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) की ओर से आदेश देते हुए कहा गया है कि वह पन्द्रह दिनों में प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट दे और अनिल देशमुख पर लगाए आरोपों की सत्यता जांचे। न्यायालय ने कहा कि देशमुख राज्य के गृहमंत्री हैं। ऐसे में महाराष्ट्र पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच होने की संभावना कम है। इसी शुरूआती जांच के आधार पर तय होगा कि अनिल देशमुख पर मुकदमा चलेगा या नहीं। इधर पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस (Ex Chief Minister Devendra Fadanvis) ने होम मिनिस्टर अनिल देशमुख से पद से इस्तीफा देने को भी कहा है। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी.एस. कुलकर्णी की खंडपीठ ने 31 मार्च को सिंह की याचिका और इस मुद्दे से जुड़ी कुछ अन्य जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद अपने आदेश सुरक्षित रख लिए थे। इस आदेश के बाद भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे गृह मंत्री अनिल देशमुख को बॉम्बे हाई कोर्ट से करारा झटका लगा है। अधिवक्ता जयश्री पाटिल की ओर से दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। आपको याद… Continue reading Bombay High Court ने कहा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए आरोप गंभीर, CBI जांच करे, EX CM देवेन्द्र फड़नवीस बोले इस्तीफा दो

विपक्ष की कमान कौन संभालेगा?

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बीच कायदे से विपक्ष के नेतृत्व संभालने वाली बात नहीं उठनी चाहिए थी लेकिन विपक्षी पार्टियों के नेताओं की राजनीति से यह सवाल उठा है।

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