लखनऊ में सीएए-एनआरसी का प्रदर्शन स्थगित

उत्तर प्रदेश की राजधानी में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ चल रहे धरना प्रदर्शन को कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप

दिल्ली विधानसभा में एनपीआर, एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पारित

दिल्ली विधानसभा ने राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ शुक्रवार को प्रस्ताव पारित किया।

शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र

दिल्ली सरकार एनआरसी और कोरोनावायरस की स्थिति पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा का विशेष सत्र आयोजन करेगी।

शाहीनबाग : बंद दुकानों ने फीकी कर दी होली की रौनक

नई दिल्ली। देशभर में जहां एक ओर रंगों को त्योहार पूरी धूम-धाम से मनाया जा रहा है, वहीं इस बार मौजूदा समय में शाहीनबाग स्थित बंद दुकानों ने त्योहार की रौनक फीकी कर दी है। दुकानों के स्थायी ग्राहकों ने अब अन्य जगहों से सामान खरीदना शुरू कर दिया है। सरिता विहार में रहने वाली एक गृहणी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कोरोनावयरस के बढ़ते प्रकोप के चलते इस बार होली न ही मनाएं तो ज्यादा अच्छा है। गुलाल का टीका लगा देने से काम चल जाएगा। पहले बच्चों के कपड़ों सहित खाने-पीने की कई चीजें शाहीन बाग की दुकानों से ले लिया करते थे, अब कहीं और से ही खरीदा होगा। शाहीनबाग में कपड़ों की दुकान चलाने वाले रोहित ने कहा हमारे कर्मचारी त्योहार के लिए पैसे मांग रहे हैं, लेकिन ढाई महीने से दुकान बंद रहने के चलते इस वक्त तो हालत यह है कि खाने के लिए भी हमारे पास पैसा नहीं है। उन्हें कहां से दें? रोहित ने ग्रहकों के नहीं आने की बात बताते हुए कहा अब हमारे पास कौन आएगा? पुराने सभी ग्राहक दूसरी जगह से सामान लाने लगे हैं, नए ग्राहक बनाने में तीन महीनों से अधिक का समय… Continue reading शाहीनबाग : बंद दुकानों ने फीकी कर दी होली की रौनक

शाहीन बाग में दिन के समय नहीं जुट रही भीड़

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में पिछले 84 दिनों से चल रहा प्रदर्शन अब फीका पड़ने लगा है।

खौफ फैलाते मुद्दे

देश में पिछले दो-तीन महीने से नागरिकता संशोधित कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लेकर लेकर जिस तरह कोहराम मचा है

मेघालय की आग

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ और इनर लाइन परमिट व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर मेघालय में पिछले तीन दिन से जारी हिंसा में अब तक तीन लोग मारे जा चुके हैं।

अभी एनआरसी ठंडे बस्ते में!

तो भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी को थोड़े वक्त के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह थोड़ा वक्त कितना होगा, अभी नहीं कहा जा सकता है पर पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण का लब्बोलुआब यह है कि भाजपा अभी एनआरसी का मुद्दा नहीं उठाने जा रही है।

एनआरसी सिर्फ असम और बंगाल में!

ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी लागू करने का मुद्दा छोड़ सकती है। वैसे भी अभी इस बारे में सरकार ने कोई पहल नहीं की है। उसे अभी संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के तहत नागरिकता देने की चिंता है और साथ ही राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, एनपीआर को किसी तरह से लागू करना है।

एनआरसी पर विराम लगाने का समय!

केंद्र सरकार को अब राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी को लेकर सीधी घोषणा कर देनी चाहिए। अब समय आ गया है कि सरकार कहे कि वह पूरे देश में एनआरसी नहीं लागू करने जा रही है।

भाजपा-जदयू में शह-मात का खेल

बिहार में गजब हुआ है। एनडीए का राज है और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, एनपीआर और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास हुआ है। सोचें, भाजपा ने जदयू, राजद और कांग्रेस की हां में हां मिलाते हुए कहा कि बिहार में एनपीआर को 2010 के फॉर्मेट में यानी तब की यूपीए सरकार के बनाए फॉर्मेट में लागू किया जाना चाहिए और एनआरसी तो किसी कीमत पर लागू नहीं होनी चाहिए।

शाहीन बाग और सवाल

यह सवाल पहले भी उठा था कि नागरिकता संशोधन विरोधी कानून के खिलाफ आंदोलन में हिंसा केवल उन राज्यों में क्यों हुई, जहां भारतीय जनता पार्टी का शासन है। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सिर्फ भाजपा शासित राज्यों और दिल्ली में ही शाहीन बाग जैसे प्रदर्शन हो रहे हैं। संकेत साफ है कि ये प्रदर्शन भाजपा सरकारों की वजह से हो रहे हैं। ठाकरे ने सीएए का समर्थन किया है। इसीलिए उनका ये सवाल उठाना महत्त्वपूर्ण है। दिल्ली में शाहीन बाग का धरना बहुचर्चित हो चुका है। इसे समाप्त कराने की कोई पहल केंद्र सरकार की तरफ से नहीं की गई है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट को वहां वार्ताकारों को भेजना पड़ा। वार्ताकार इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहा प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। भारत के पहले मुख्य सूचना आयुक्त और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन वार्ताकारों में से एक हबीबुल्ला ने इस संबंध में एक हलफनामा दिया है। इसमें कही गई बातों के बारे में मीडिया में रिपोर्ट छपी है। बाकी दो वार्ताकारों- संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन ने भी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को दे दी है, लेकिन उसमें क्या कहा… Continue reading शाहीन बाग और सवाल

एनपीआर 2010 के प्रारूप में हो लागू : नीतीश

बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन आज नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर जमकर हंगामा हुआ।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में तीसरे दिन भी तनावपूर्ण माहौल

उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीएए और एनआरसी को लेकर भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। तीसरे दिन भी मौजपुर-बाबरपुर इलाके में सुबह से ही पथराव हो रहा है

जाफराबाद मुस्लिम-दलित गठजोड़ का खतरा

शाहीन बाग़ में हो रहे धरने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही कहा था , यह प्रदर्शन एक संयोग नहीं , एक प्रयोग है। कर्नाटक , महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में हू-ब-हू शाहीन बाग़ दोहराया गया और रविवार को दिल्ली में ही जाफराबाद और चाँद बाग़ दोहराया गया। असदुद्दीन ओवेसी ने कहा था कि अगर पुलिस ने जबरदस्ती की तो शाहीन बाग़ जलियांवाला बाग़ बनेगा। औरतों और बच्चों को आगे कर के मुस्लिम कट्टरपंथियों की रणनीति शाहीन बाग़ को जलियांवाला बाग़ बनवाने की थी। शाहीन बाग़ की तरह अब चाँद बाग़ को चुना गया है , जाफराबाद भी दिल्ली का मुस्लिम बहुल इलाका है। शाहीन बाग़ का यह प्रयोग इस लिए आगे बढ़ रहा है क्योंकि सुप्रीमकोर्ट कोई साफ़ निर्देश नहीं दे रही।कोर्ट ने संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन को उन्हें जगह बदलने के लिए मनाने का जिम्मा सौंपा था , लेकिन वे धरने पर जा कर उन की होंसला अफजाई कर आए। अपने आप मध्यस्थता के लिए तैनात वजाहद हबीबुल्लाह ने तो कोर्ट को कह ही दिया कि धरना देने वालों ने रास्ता नहीं रोका , रास्ता पुलिस ने रोका हुआ है। वह खुद पश्चिमी उतर प्रदेश में दलित नेता चन्द्र शेखर आज़ाद के साथ याचिकाकर्ता हैं। भीम आर्मी के… Continue reading जाफराबाद मुस्लिम-दलित गठजोड़ का खतरा

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