एयरटेल ने जमा किया दस हजार करोड़

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने समायोजित सकल आय, एजीआर के बकाए में से दस हजार करोड़ रुपए की पहली किस्त चुका दी है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फटकार लगाने के बाद केंद्र सरकार ने भी सख्त रुख अख्तियार किया और कंपनियों पर बकाया चुकाने का दबाव बनाया। इसी का नतीजा था कि एयरटेल ने दस हजार करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। सरकार के आकलन के मुताबिक कंपनी पर उसका कुल 35 हजार 586 करोड़ रुपया बकाया है। दस हजार करोड़ रुपए जमा कराने के बाद कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह बाकी की राशि का भुगतान भी अपने आकलन के बाद कर देगी। बयान में कहा गया है- भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और टेलीनॉर की तरफ से कुल दस हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसमें भारती एयरटेल की ओर से साढ़े नौ हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसमें टेलीनॉर इंडिया का हिस्सा भी शामिल है क्योंकि उसका भारती एयरटेल में विलय हो गया था। बाकी पांच करोड़ रुपए का भुगतान भारती हेक्साकॉम की ओर से किया गया है। गौरतलब है कि एजीआर मामले में सर्वोच्च अदालत ने दूरसंचार कंपनियों से वसूली के… Continue reading एयरटेल ने जमा किया दस हजार करोड़

अपना सिस्टम क्रोनी या भ्रष्ट, निकम्मा?

भारत का कौन खरबपति फिलहाल मन ही मन बम-बम होगा? जवाब है मुकेश अंबानी और उनकी जियो कंपनी। देश की पुरानी-स्थापित टेलीकॉम कंपनियां बरबादी की कगार पर हैं। ये दिवालिया होंगी तो जियो टेलीकॉम की चांदी है। भारत में सरकार, अदालत, मीडिया सबका कैसे इस्तेमाल कर एकाधिकार बना देश को, लोगों को चूना लगाना है, बिना लाइसेंस के टेलीकॉम की झुग्गी-झोपड़ी बना कर सीडीएमए तकनीक से सस्ती सेवा के बहाने रिलायंस कम्युनिकेशन का बाजार में छा कर बाकी कंपनियों को नानी याद कराते हुए, ग्राहकों को, बैंकों को चूना लगाने की दास्तां को लोग भूले नहीं हैं तो मुफ्त सेवा से जियो की एकाधिकारी रणनीति को भी हर समझदार बूझता है। क्रोनी पूंजीवाद और भ्रष्ट सिस्टम, निकम्मी सरकार व नेताओं के राज में अरबपति-खरबपति कैसे बना जाता है इसकी भारत दास्तां दुनिया में इसलिए् अनूठी है क्योंकि अच्छी-अच्छी विदेशी कंपनियां, देश के पुराने घराने (टाटा, बिड़ला, वाडिया) भी धागे से लेकर पेट्रोलियम-गैस, रिटेल, टेलीकॉम जैसे तमाम धंधों में चोरी, ऊपर से सीनाजोरी के अंदाज में मां भारती को लूटने में जैसे निर्लज्ज रहे हैं वैसे पुतिन के क्रोनी खरबपति भी नहीं रहे! इस वास्तविकता में भारत का राजा कोई हो, मनमोहन सिंह हों या नरेंद्र मोदी हमेशा सिस्टम, अफसर क्रोनी… Continue reading अपना सिस्टम क्रोनी या भ्रष्ट, निकम्मा?

एयरटेल ने 23 रुपए के बेस प्री-पेड रिचार्ज को बढ़ाकर 45 रुपए किया

नई दिल्ली। एयरटेल ने सभी सर्किलों में प्री-पेड यूजर्स के लिए 23 रुपये का बेस रिचार्ज प्लान बंद कर दिया है। अब यह प्री-पेड बेस प्लान 95 फीसदी की वृद्धि के साथ 45 रुपए में मिलेगा। कंपनी ने एक सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से ग्राहकों को इस प्लान की नई कीमत के बारे में सूचित किया है। यह 45 रुपए का प्री-पेड रिचार्ज 23 रुपए के प्लान के समान लाभ प्रदान करेगा। सार्वजनिक सूचना में कहा गया है कि नए 45 रुपए के एयरटेल स्मार्ट रिचार्ज में स्थानीय और एसटीडी वॉयस कॉलिंग 2.5 पैसे प्रति सेकंड, राष्ट्रीय वीडियो कॉल पांच पैसे प्रति सेकंड और डेटा के लिए 50 पैसे प्रति एमबी की दर लागू होगी। इसके अलावा एसएमएस टैरिफ एक रुपए प्रति मैसेज लोकल, राष्ट्रीय एसएमएस के लिए 1.5 रुपए और अंतरराष्ट्रीय संदेशों के लिए प्रति एसएमएस पांच रुपए शुल्क लगेगा। नए 45 रुपए वाले प्लान की वैधता 28 दिनों की होगी। ये वही लाभ हैं, जो 23 रुपए की प्री-पेड रिचार्ज योजना में भी मिलते थे। कंपनी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रत्येक 28 दिनों पर 45 रुपए या उससे अधिक के वाउचर के साथ रिचार्ज करना अनिवार्य होगा। उपरोक्त… Continue reading एयरटेल ने 23 रुपए के बेस प्री-पेड रिचार्ज को बढ़ाकर 45 रुपए किया

दिल्ली पुलिस ने कुछ इलाकों में कॉल, इंटरनेट बंद रखने को कहा

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ गुरुवार को विरोध प्रदर्शन तेज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने एयरटेल, जियो, एमटीएनएल, बीएसएनएल और वोडाफोन आइडिया सेलफोन ऑपरेटरों को पत्र लिखा है कि वे राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में सभी संचार सेवाओं को बंद कर दें। दिल्ली पुलिस द्वारा सेलफोन ऑपरेटरों को लिखे गए पत्र में कहा गया है, मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह निर्देश दिया जाता है कि सभी प्रकार के संचार, यानी कॉल, एसएमएस और इंटरनेट को रोक दिया जाए। जिन क्षेत्रों में सेलुलर सेवाओं को रोकने के लिए कहा गया है, उनमें उत्तर और मध्य दिल्ली के इलाके शामिल हैं। इनमें मंडी हाउस, जामिया नगर, शाहीन बाग, सीलमपुर, जाफराबाद और बवाना ऐसे इलाके हैं, जहां मोबाइल सेवाओं को बंद करने के लिए कहा गया है। पुलिस के अनुसार, ये वह विशिष्ट क्षेत्र हैं, जहां से भीड़ विरोध प्रदर्शन के केंद्र में पहुंच सकती है। पुलिस ने मध्य दिल्ली क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है और एहतियात के तौर पर कम से कम 17 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में… Continue reading दिल्ली पुलिस ने कुछ इलाकों में कॉल, इंटरनेट बंद रखने को कहा

पलट गई दूरसंचार क्रांति

भारत की बहुचर्चित दूरसंचार क्रांति ठहर तो बहुत पहले गई थी, अब यह पलटती हुई दिख रही है। तीन सेवादाता कंपनियों का ताजा फैसला इसी बात का संकेत देता है। वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल के प्रीपेड उपभोक्ताओं की जेबों पर तीन दिसंबर से अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है।

दूरसंचार सेक्टर पर 7.88 लाख करोड़ का भारी कर्ज

नई दिल्ली। दूदरसंचार सेक्टर इन दिनों भारी दिक्कतों से गुजर रहा है। जियो के आने के बाद कई कपंनियां बद हो गई। आइडिया को वोडाफोन के साथ विलय करना पड़ा। कंपनियों में छिड़ी प्राइस वार की वजह से हजारों लोगों की नौकरियां गई। अब खबर है कि वोडाफोन और एयरटेल अपने कर्ज को चुकाने में असमर्थता जता रहे हैं। दूरसंचार सेक्टर की बुरी हालत के चलते अगले महीने से सभी कंपनियों ने टेरिफ बढ़ाने की भी बात की है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में एक जवाब में कहा कि 31 अगस्त 2017 की अंतर-मंत्रालयी समूह की रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार उद्योग का कुल कर्ज 7.88 लाख करोड़ रुपये है। दूरसंचार सेक्टर पर 7.88 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम कर्ज है और यह 31 अगस्त 2017 के आंकड़ों के अनुसार है। संसद में बुधवार को यह जानकारी दी गई। इसमें से भारतीय कर्ज कुल 1.77 लाख करोड़ रुपये, विदेशी कर्ज 83,918 करोड़ रुपये और कुल बैंक/एफआई कर्ज 2.61 लाख करोड़ रुपये है। बैंक गारंटी 50,000 करोड़ रुपये है। दूरसंचार विभाग की डेफर्ड स्पेक्ट्रम लायबिलिटीज 2.95 लाख करोड़ रुपये है। अन्य तीसरे पक्ष की देनदारियां 1.80 लाख करोड़ रुपये हैं। इस तरह से कुल देनदारियां 7.88 लाख करोड़ रुपये की… Continue reading दूरसंचार सेक्टर पर 7.88 लाख करोड़ का भारी कर्ज

नाकामी की ओर ‘सक्सेस स्टोरी’

टेलीकॉम को भारत की सक्सेस स्टोरी यानी सफलता की बड़ी कहानी बताया जाता रहा है। लेकिन अब ये क्षेत्र इतना संकटग्रस्त है कि ये कहानी अब नाकामी की कथा बन सकती है। दो बड़ी कंपनियां मुसीबत में हैं। और अनुमान लगाया जा रहा है कि फाइव जी सेवा आने पर जियो का इस क्षेत्र में पूरा एकाधिकार बन सकता है।

4 जी डाउनलोड स्पीड में जियो की बादशाहत बरकरार

नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो की औसत 4 जी डाउनलोड स्पीड के मामले में लगातार 21 महीने से बादशाहत कायम है। ट्राई के सितंबर के लिए इस संबंध में प्रकाशित आंकड़ों में दूरसंचार क्षेत्र की अन्य प्रमुख कंपनियां बहुत पीछे हैं। आपको बता दें कि जियो की सितंबर माह में औसत 4 जी डाउनलोड स्पीड 21 एमबीपीएस रही। संबंधित खबरें: आईयूसी कॉल पर शुल्क वसूलेगी जियो ट्राई के नवीनतम आंकड़ों में सितम्बर के दौरान भारतीय एयरटेल के प्रदर्शन में मामूली सुधार रहा। एयरटेल की औसत 4 जी डाउनलोड स्पीड अगसत के 8.2 एमबीपीएस की तुलना में मामूली सुधार के साथ सितंबर में 8.3 एमबीपीएस रही। अगस्त में कंपनी की स्पीड जुलाई के 8.8 एमबीपीएस से घटकर 8.2 एमबीपीएस रह गई थी। संबंधित खबरें: 6 पैसे प्रति मिनट वसूलने के जियो के कदम का क्या होगा असर? रिलायंस जियो की औसत 4 जी डाउनलोड स्पीड की तुलना में एयरटेल की करीब ढाई गुना कम है। वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर ने कारोबार का विलय कर लिया है और अब यह वोडफोन आइडिया के रुप में काम कर रही हैं। ट्राई दोनों के आंकड़े अलग-अलग दर्शाती है। संबंधित खबरें: अन्य ऑपरेटर्स पर कॉल के रिचार्ज पर मिलेगा ज्यादा डाटा : जियो… Continue reading 4 जी डाउनलोड स्पीड में जियो की बादशाहत बरकरार

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