SherShah में दिखाए गये एक दृश्य से नाराज हुआ कश्मीर का पत्रकार, कहा- कोर्ट तक जाऊंगा मेरे परिवार तक को है खतरा…

धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी शेरशाह ने उन्हें और उनके परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से हानि पहुंचाई है. इस कारण वह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं….

जम्मू-कश्मीर फिर आया OIC का बयान, कहा- विशेष राज्य का दर्जा फिर से मिले औऱ मानवअधिकारों का हनन..

इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के संपर्क समूह ने भारत से जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने के फैसले को …

सनातनी हिंदू का कनाडा अनुभव

कनाडा में हिंदुओं का वह रूतबा नहीं रहा जो 2014 से पहले था। क्यों? पहली बात जैसे भारत में हुआ वैसा ही कनाडा में हुआ।

जो डिस्मैंटलिंग चाहते वहीं तो ‘हिंदुत्व’ निर्माता!

सनातन धर्म याकि हिंदू समाज दो पाटों में पीस रहा है! एक पाट उन सेकुलर-वामपंथियों का है, जिन्होंने गोधरा कांड के बाद नरेंद्र मोदी को खलनायक करार दे कर उन्हें हिंदुओं में महानायक बनवाया।

मोदी राज की ‘हिंदुत्व’ स्टोरी!

कोई यदि हिंदुत्व को तालिबानी करार भी दे रहा है तो संघ परिवार को यह धन्यवाद करना चाहिए जो हिंदू शब्द का सात वर्षों में ऐसा ‘हिंदुत्वी’ कायाकल्प हुआ!

डिस्मैंटलिंग हिंदुत्वः हे राम! मोदी उपलब्धि या…

‘डिस्मैंटलिंग हिंदुत्व’ का? इस बात पर ‘नया इंडिया’ में बलबीर पुंज और शंकर शरण के लेख व मीडिया के लब्बोलुआब में समझने वाला पहला सवाल है कि क्या हम हिंदू दुनिया में बदनाम हो गए हैं?

‘डिसमैंटलिंग हिन्दुत्व’ कांफ्रेस की विचित्र बातें

कथित रूप से अमेरिका में आयोजित हुई ‘डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वा’ कांफ्रेंस की पहली विचित्र बात यह है कि इस के आयोजकों की पहचान गायब है। उस की केवल एक वेबसाइट हैं।

अब भारत विरोध मतलब हिंदूफोबिया!

“डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व” का उद्देश्य ही विश्व के इस भू-भाग में हिंदुओं को कमजोर या समाप्त करना है।

आतंकी हमले की खुफिया सूचनाएं आने लगीं

यह हकीकत है कि भारत की खुफिया एजेंसियां किसी बड़े आतंकवादी हमले की समय से सूचना नहीं दे पाई हैं।

Jammu Kashmir में आतंकियों ने फिर BJP नेता को गोलियों से भूना, अब तक कई नेताओं की कर दी हत्या

आतंकियों ने कुलगाम में आज भाजपा नेता के घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी। ये घटना अभी शाम 4 बजे के आस-पास की बताई जा रही है…

Vaccination in India : समस्याएं सुलझ नहीं, बढ़ रही हैं!

Vaccination in India : इस सप्ताह दो दिन योग दिवस-टीकाकरण महाअभियान का हल्ला था। अगले तीन दिन कश्मीर की हेडलाइंस! दोनों से क्या रियलिटी उभरी? क्या लगा देश टीकाकरण में जुट गया है? क्या माना जा सकता है कश्मीर ‘नॉर्मल’ होने की दिशा में है? टीकाकरण भी अब घसीटता हुआ तो अगले सप्ताह कश्मीर भी ठंडे बस्ते में। ले देकर मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दफ्तर का हर सप्ताह दो-तीन बातों का नैरेटिव-हेडलाइंस बनवाने भर का है ताकि लोग मूर्ख बने रहें कि देखो कितना काम हो रहा है। प्रधानमंत्री लगातार फोकस में कभी कश्मीर, कभी कोरोना, कभी स्कूली परीक्षा का मसला सुलझाते हुए! …. यह सिलसिला सात सालों से चला आ रहा है! लेकिन ईमानदारी से, दिल पर हाथ रख कर सोचें कि 140 करोड़ लोगों के जीवन में समस्याओं के सुलझने का तनिक भी सुख या चैन बना है? यह भी पढ़ें: पर मोदीजी मेहनत तो कर रहे! उलटे समस्याओं का अंबार बनता जा रहा है, समस्याएं इतनी जटिल-रामभरोसे होती जा रही हैं कि पूरी व्यवस्था, सभी सरकारें लाचार-बेबस हैं। तभी महामारी के भारत अनुभव को देख वैश्विक राय में भारत अब ‘असफल राष्ट्र’ (failed State) करार है! ‘अव्यवस्था’ याकि केहोस (chaos) का वह आलम है, जिसके… Continue reading Vaccination in India : समस्याएं सुलझ नहीं, बढ़ रही हैं!

पर मोदीजी मेहनत तो कर रहे!

Modi is working hard : निःसंदेह मेहनत हर दिन फोटो शूट और हेडलाइन मे दिखलाई देती है। कभी वे उत्तर प्रदेश को ठीक करते लगते हैं, कभी मंत्रियों-मंत्रालयों की समीक्षा करते दिखलाई देते हैं। कभी योग करवाते, वैक्सीन लगवाते दिखते हैं तो कभी कश्मीर की बैठक बुलाने और कश्मीर की समस्या सुलटाते दिखते हैं। उस नाते भारत ही वह चमत्कारी देश है, जिसका प्रधानमंत्री हर रोज एक समस्या, एक एजेंडा लेता है और जादू-मंतर करके उसे निपटा देता है। उन कश्मीरी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री का क्या गजब फोटोशूट हुआ, जिन्हें देशद्रोही करार दे कर जेल में डाला हुआ था! प्रधानमंत्रियों की पहले भी कश्मीरी नेताओं के साथ बैठकें हुईं हैं। लेकिन गुरूवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सबके साथ खड़े हो कर जैसा ग्रुप फोटो खिंचवाया वैसा अपन ने कभी खींचा नहीं देखा। हो सकता है इसके पीछे अमेरिका के राष्ट्रपति, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को फोटो दिखाना हो। उन्हें अहसास कराना हो कि जम्मू-कश्मीर की समस्या सुलझा दी है। आगे चुनाव होंगे और सब ठीक हो जाएगा। यह भी पढ़ें: समस्याएं सुलझ नहीं, बढ़ रही हैं! ठीक होने की यह मैसेजिंग भारत के लोगों के लिए भी है। सब ठीक है, सब ठीक हो रहा है इसकी मैसेजिंग के लिए… Continue reading पर मोदीजी मेहनत तो कर रहे!

उत्तराखंड का सपूत मनदीप सिंह नेगी कश्मीर में देश की रक्षा में हुआ शहीद, चला गया घर का इकलौता चिराग

उत्तराखंड का वीर जवान बेटा गुलमर्ग कश्मीर ( mandeepsingh negi martyr ) में अपने देश की सेवा कर रहा था। मनदीप सिंह नेगी अपनी ड्यूटी के दौरान शहीद हो गये। पौड़ी जनपद के पोखड़ा ब्लॉक के अंतर्गत सकनोली गांव के रहने वाले मनदीप सिंह नेगी की शहादत की सूचना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हर ओर शोक की लहर है। देश की रक्षा में शहीद हुए मनदीप सिंह नेगी की उम्र 23 साल से भी कम बताई  जा रही है। इतनी छोटी सी उम्र में ही मनदीप सिंह वीरगति को प्राप्त हुए। मनदीप सिंह 20 साल की उम्र में थल सेना का हिस्सा बन गए थे। 11वीं गढ़वाल राइफल्स के जवान के रूप में इन दिनों वो अपनी सेवा जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग इलाके में दे रहे थे। also read: Educatin Minster On CBSE Results: शिक्षा मंत्री ने छात्रों और अभिभावकों के संशय दूर करते हुए कहा- अंकों से संतुष्ट नहीं होने वालों को मिलेगी ‘वैकल्पिक परीक्षा’ मौका इकलौती संतान है मनदीप ( mandeepsingh negi martyr ) शहीद मनदीप सिंह नेगी अपने माता-पिता की एक ही संतान थे। मनदीप के अलावा उनका कोई चिराग नहीं है। मनदीप सिंह नेगी की शहीद होने की सूचना मिलने के… Continue reading उत्तराखंड का सपूत मनदीप सिंह नेगी कश्मीर में देश की रक्षा में हुआ शहीद, चला गया घर का इकलौता चिराग

भारत को कहां ले आए?

तो आज कश्मीर, पाकिस्तान, तालिबान और चीन- सब मामलों में एक तरह से भारत सरकार की नीति या पलट चुकी है या गंभीर रूप से डांवाडोल है। ये कहना मुश्किल है कि इसकी जड़ें उसके रणनीतिकारों की नासमझी में है या सरकार किसी ऐसी कमजोरी में, जिसे हम नहीं जानते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi Kashmir Issue ) ने कश्मीर के उन नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, जिन्हें अभी कुछ महीने पहले तक सत्ता पक्ष और उसका समर्थक मीडिया ‘गुपकार गैंग’ और ना जाने क्या-क्या लांछनों के साथ बुलाता था। उधर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार में सहमति बनी कि दोनों देश मिल कर आतंकवाद और चरमपंथ का मुकाबला करेंगे। उससे पहले इस बात की लगभग पुष्टि हो गई कि भारत तालिबान के साथ सीधी बातचीत कर रहा है। इसी बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने ये साफ कर दिया कि लद्दाख में जहां तक पिछले साल चीन की सेना आई थी, वहां से लौटने का उसका कोई इरादा नहीं है। उससे भी ज्यादा चिंताजनक बात उसने यह कही कि ये सेना वहां इसलिए तैनात है ताकि भारतीय फौजें सीमा का उल्लंघन ना कर पाएं। इस बयान पर भारत सरकार की… Continue reading भारत को कहां ले आए?

दुशांबे में वे यह मौका क्यों चूके ?

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हुई शांघाई सहयोग संगठन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक काफी सार्थक रही। सबसे पहली बात तो यह अच्छी हुई कि भारतीय और पाकिस्तानी प्रतिनिधियों के बीच कोई कहा-सुनी नहीं हुई। पिछली बैठक में हमारे प्रतिनिधि अजित दोभाल को बैठक का बहिष्कार करना पड़ा था, क्योंकि पाकिस्तानी नक्शे में भारतीय कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ताजिकिस्तान इस वर्ष इस संगठन का अध्यक्ष है। वह मुस्लिम बहुल राष्ट्र है। उसके राष्ट्रपति ई. रहमान ने अपने भाषण में आतंकवाद, अतिवाद, अलगाववाद, अंतरराष्ट्रीय तस्करी और अपराधों की भर्त्सना तो की ही है, उनसे भी ज्यादा मजहबी उग्रवाद की की है। आश्चर्य है कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ ने इस बयान पर कोई एतराज़ नहीं किया। मज़हब के नाम पर दुनिया में यदि कोई एक राष्ट्र बना है तो वह पाकिस्तान है। इस मजहबी जोश के कारण ही आज पाकिस्तान बेहद परेशान है। लाहौर के जौहर टाउन इलाके में ताज़ा बम-विस्फोट इसका प्रमाण है। पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादियों की मेहरबानी से जितने लोग भारत और अफगानिस्तान में मारे गए हैं, उनसे कहीं ज्यादा पाकिस्तान में मारे गए हैं। यह भी पढ़ें: भाजपा-विरोधी ‘राष्ट्रमंच’ की… Continue reading दुशांबे में वे यह मौका क्यों चूके ?

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