अफगानिस्तान का इस्तेमाल आतंक के लिए न हो!

तालिबान से एक दौर की वार्ता कर चुकी भारत सरकार चाहती है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाए।

तालिबान को मान्यता देने की जल्दी नहीं

अमेरिका ने कहा है कि उसे या दुनिया के किसी और देश को तालिबान को मान्यता देने की कोई जल्दबाजी नहीं है, क्योंकि यह कदम पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा

अलकायदा ने छेड़ा कश्मीर का राग

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी होने के एक दिन बाद ही आतंकवादी संगठन अलकायदा सक्रिय हो गया है और उसने कश्मीर की आजादी की राग भी छेड़ दिया है।

बाइडेन ने फैसले का किया बचाव

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 20 साल के युद्ध के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के फैसले का बचाव किया है।

शुभ है भारत-तालिबान संवाद

मुझे खुशी है कि क़तर में नियुक्त हमारे राजदूत दीपक मित्तल और तालिबानी नेता शेर मुहम्मद स्थानकजई के बीच दोहा में संवाद स्थापित हो गया है।

अमेरिका की नियति है लड़ते रहना!

काबुल हवाईअड्डे पर 30 अगस्त की आधी रात को जब हथियारों से लैस पूरे मिलिट्री गियर में अमेरिकी सेना के मेजर जनरल क्रिस डोनह्यू सी-17 ट्रांसपोर्ट विमान में सवार हुए तो वह तस्वीर इतिहास में दर्ज हो गई।

तालिबान ने कहा- हम आजाद

अफगानिस्तान से अमेरिका के आखिरी सैनिक के विदा होने के साथ ही 30 अगस्त की आधी रात को तालिबान ने अफगानिस्तान की आजादी का ऐलान कर दिया।

अफगानिस्तान से जुड़ी दुविधा

भारत सरकार की दुविधा यह है कि उसके अपने घरेलू एजेंडे के तहत तालिबान से संपर्क बनाना माफिक नहीं लगता। लेकिन तालिबान ही अब अफगानिस्तान का शासक है।

काबुल से अमेरिकी वापसी

अब लगभग 20 साल बाद आज अमेरिका अफगानिस्तान से वापस लौट रहा है। विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र आज किस मुद्रा में है?

Taliban को मानते हैं कट्टर तो Islamic State Khorasan को क्या कहेेंगे…

आखिर 20 सालों तक तालिबान में रहने के बाद अमेरिकी सेना वापस चली गई. तय सीमा के पहले ही अमेरिका अपने सैनिकों को लेकर जाने में कामयाब…

मोदी सरकार तालिबान को गले लगाएगी!

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन और आतंकवाद की फैक्टरी तालिबान को दुनिया मान्यता देगी।

खतरा! अमेरिका, नाटो के बिना दक्षिण एशिया

सन् 2021 की 31 अगस्त की तारीख दक्षिण एशिया और खासकर भारत के लिए निर्णायक मोड़ है। अमेरिका और नाटो देशों की सेनाओं का अफगानिस्तान से लौटना पश्चिमी सभ्यता का वह फैसला हैI

अमेरिकी बदले के बावजूद

अफगानिस्तान में हालात ऐसे बनते दिखते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए चुनौती पैदा होगी। तालिबान की कामयाबी के साथ यही भय पहले से था।

Kabul Airport पर दहशत का माहौल, तालिबान ने और बुलाए आतंकी, बार-बार हो रही फायरिंग

अफगानिस्तान में तालिबान ने काबुल में अपने आतंकियों की संख्या में और इजाफा कर दिया है। तालिबान ने मैदान वरदग, लोगार और पक्तिका प्रांत से अपने आतंकियों को काबुल में बुला लिया हैं…

#Dronestrike : अमेरिका ने लिया काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमले का बदला, पिछले 2 दशकों का सबसे बड़ा हमला ….

काबुल एयरपोर्ट में हुए बम धमाकों और आतंकी हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिकों का बदला आज सरकार ने ले लिया है. बताया जा रहा है कि अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट कहने वाले आतंकवादी संगठन के खिलाफ ड्रोन हमला किय

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