नेपाली राजनीति अधर में

नेपाल की सरकार और संसद एक बार फिर अधर में लटक गई है। राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने अब वही किया है, जो उन्होंने पहले 20 दिसंबर को किया था याने संसद भंग कर दी है और 6 माह बाद नवंबर में चुनावों की घोषणा कर दी है। याने प्रधानमंत्री के.पी. ओली को कुर्सी में टिके… Continue reading नेपाली राजनीति अधर में

नेपाल के खेल में भारत कहां है?

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली एक बार फिर प्रधानमंत्री बन गए हैं। संसद में बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से पिछले हफ्ते उनको इस्तीफा देना पड़ा था। उसके बाद राज्यपाल विद्या भंडारी ने विपक्षी पार्टियों को सरकार बनाने का मौका दिया। नेपाली कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए पहल भी की। उसे उम्मीद… Continue reading नेपाल के खेल में भारत कहां है?

पाकिस्तान से गुपचुप वार्ता से क्या हासिल?

भारत सरकार बिल्कुल नए अंदाज में कूटनीति कर रही है। एक तरफ पाकिस्तान से सारे संबंध तोड़े हुए हैं। वार्ता बंद है। क्रिकेट और दूसरे खेलों में खिलाड़ियों का आना-जाना बंद है। यहां तक कि एक-दूसरे के यहां दोनों देशों को उच्चायुक्त नहीं हैं। फिर भी परदे के पीछे गुपचुप वार्ता चल रही है। अगर… Continue reading पाकिस्तान से गुपचुप वार्ता से क्या हासिल?

कूटनीति में अदानी-अंबानी के मजे

आजाद भारत के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि भारत की कूटनीति चंद उद्योगपतियों के कारोबारी हितों से है। चीन ने पूर्वी लद्दाख में भारत की जमीन कब्जाली, डोकलाम में भारत को उलझाए रखा और अरुणाचल प्रदेश पर दावा बढ़ा रहा है बावजूद इसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भी बार चीन… Continue reading कूटनीति में अदानी-अंबानी के मजे

कूटनीति अब घरेलू राजनीति के लिए!

देश के राजनीतिक दलों के बीच तमाम मतभेदों के बावजूद विदेश और रक्षा नीति पर एक राय होने की परंपरा रही है। नेहरू के जमाने से विदेश और रक्षा नीति के मामले में सरकार देश हित को ऊपर रखते हुए फैसले लेती थी और विपक्षी पार्टियों का समर्थन भी उसे मिलता था। सरकारें कूटनीति के… Continue reading कूटनीति अब घरेलू राजनीति के लिए!

56 इंची छाती और पिचकी कूटनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 56 इंची छाती वाले हैं और वे इसी अकड़ के साथ घरेलू राजनीति करते हैं। घरेलू राजनीति में उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के सहारे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं, गैर सरकारी संगठनों, मीडिया समूहों आदि को उनकी हैसियत दिखा कर रखी है। लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति की बात आती है तो 56 इंची… Continue reading 56 इंची छाती और पिचकी कूटनीति

कूटनीति नहीं है सैन्य ताकत का विकल्प

यह बात चीन के संबंध में भी सही है और नेपाल जैसे छोटे से छोटे देश से लेकर पाकिस्तान जैसे जन्म जन्मांतर के दुश्मन देश के बारे में भी सही है कि कूटनीति कभी भी सैन्य ताकत का विकल्प नहीं हो सकती है।

नेपाल में विवादित नक्शे को मंजूरी

भारत के तीन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताते हुए बनाए गए नए नक्शे को नेपाल की संसद से मंजूरी मिल गई है। अब सिर्फ राष्ट्रपति का दस्तखत होना बाकी है, उसके बाद यह नक्शा मंजूर हो जाएगा।

इसे हलके से ना लें

भारत-नेपाल सीमा पर शुक्रवार को जो घटना हुई, उसे दोनों देशों की सरकारों ने स्थानीय घटना कहकर ज्यादा तव्वजो नहीं दी। अगर आम दिन होते, तो इसे ऐसा ही माना जाता।

नेपाल के नक्शे में भारत के इलाके

नेपाल की संसद ने भारत के कुछ इलाकों को अपना बताने के लिए नक्शे में बदलाव से जुड़ा बिल शनिवार को पास कर दिया।

नेपाल की अनावश्यक आक्रामकता

लद्दाख के सीमांत पर भारत और चीन की फौजें अब मुठभेड़ की मुद्रा में नहीं हैं। पिछले दिनों 5-6 मई को दोनों देशों की फौजी टुकड़ियों में जो छोटी-मोटी झड़पें हुई थीं, उन्होंने चीनी और भारतीय मीडिया के कान खड़े कर दिए थे।

आखिर वार्ता से गुरेज क्यों?

यह रहस्यमय है कि नेपाल के साथ सीमा विवाद पर बातचीत करने में भारत ने दिलचस्पी क्यों नहीं दिखाई? गौरतलब है कि ये विवाद खड़ा होते ही नेपाल ने बातचीत की अपील की।

भारत-चीन-नेपालः तिकोनी कूटनीति

इधर छलांग लगाते हुए कोरोना से भारत निपट ही रहा है कि उधर चीन और नेपाल की सीमाओं पर सिरदर्द खड़ा हो गया है लेकिन संतोष का विषय है कि इन दोनों पड़ौसी देशों के साथ इस सीमा-विवाद ने तूल नहीं पकड़ा।

क्या बज रहा भारत का डंका?

कहां तो हल्ला मचा था कि पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है और दावा किया जा रहा था कि पहली बार भारत की बात को दुनिया गंभीरता से सुन रही है। भाजपा और सरकार के मंत्रियों का भी दावा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से दुनिया में भारत की ताकत… Continue reading क्या बज रहा भारत का डंका?