देश भर में किसानों का प्रदर्शन

कृषि से जुड़े तीन कानूनों को लेकर देश भर में प्रदर्शन जारी है। इन कानूनों के विरोध में भारत बंद के आयोजन के दो दिन बाद सोमवार को एक बार फिर पूरे देश में किसान सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया।

केंद्र का कानून खारिज करेंगी कांग्रेस सरकारें

कांग्रेस पार्टी की राज्य सरकारें कृषि सुधार के नाम पर बनाए गए तीन नए कानूनों को खारिज करने की तैयारी कर रही हैं। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसका संकेत देना शुरू कर दिया है और इसके बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उन्हें ऐसा करने के लिए कहा है।

कई राज्यों में दिखा बंद का असर

तीन विवादित कृषि विधेयकों के विरोध में देश भर के किसान संगठनों की ओर से आयोजित भारत बंद का असर कई राज्यों में दिखा है। शुक्रवार को पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि इलाकों में बंद का जबरदस्त असर दिखा।

कृषि विधेयक के विरोध में भारत बंद सफल : भाकियू

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को आहूत भारत बंद को सफल बताया है। भाकियू समेत अनेक संगठनों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश

कृषि विधेयक के खिलाफ किसानों का चक्का जाम

पंजाब में कृषि विधेयकों के विरोध में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के तीन दिवसीय रेल रोको आंदोलन के दूसरे दिन आज किसान और मजदूर संगठन रेलवे ट्रेक और सड़कों पर धरने पर बैठे हुए हैं।

मंडियां तोड़ने, एमएसपी समाप्त करने का ढांचा है कृषि विधेयक: भाकियू

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कृषि विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह मंडियां तोड़ने और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) समाप्त करने की कोशिश है।

रेल रोको’ आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों को किया रद्द

संसद में कृषि विधेयकों को पारित किए जाने के बाद किसानों द्वारा देश के कुछ हिस्से में तीन दिवसीय ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया है, जिसके चलते उत्तर रेलवे ने तीन ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है

राष्ट्र को 62 करोड़ किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए : कांग्रेस

कांग्रेस ने लोगों से आज किसानों के आंदोलन में शामिल होने और कृषि विधेयकों का विरोध करने की अपील की, जिसे हाल ही में संसद ने पारित किया है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह

आज किसानों का भारत बंद

कृषि से जुड़े तीन विवादित विधेयकों को ध्वनि मत से पास कराए जाने के मसले पर संसद में कई दिनों तक चली राजनीति अब सड़कों पर आ गई है। देश भर के किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का आह्वान किया है।

लोकतांत्रितक मूल्यों को समाप्त कर रही है केंद्र सरकार: माकपा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सांसद एलामरम करीम, केके रागेस और बिकास रंजन भट्टाचार्य नेे आज यहां कहा कि तमाम विरोध के बावजूद राज्यसभा में बिना चर्चा के कृषि विधेयकों को पारित करना दर्शाता है कि केंद्र सरकार लोकतांत्रितक मूल्यों को समाप्त कर रही है।

किसानों को विश्वास में लेकर लेना चाहिए था निर्णय : मायावती

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार के कृषि विधेयक पर एक बार फि र सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार किसानों को विश्वास में लेकर निर्णय लेती तो बेहतर होता।

संसदीय समितियां और कृषि विधेयक

मोदी सरकार ने जिस तरह से विपक्ष की परवाह न करते हुए तीनो विवादास्पद कृषि विधेयक को संसद के दोनों सदनो में पारित करवाया है उससे कमोबेश देश में कई जगह सड़को पर विरोध शुरू हो गया है।

फिर संसद की जरूरत क्या है?

संसद का मॉनसून सत्र महज 18 दिन का होना था और वह भी दस दिन में ही खत्म कर दिया गया। सत्र चला भी तो उसमें कई संसदीय गतिविधियों को सीमित कर दिया गया। सत्र के दौरान मोटे तौर पर सिर्फ सरकारी कामकाज हुआ।

किसानों के प्रदर्शन को लेकर राजधानी में चौकसी बढ़ी

किसानों द्वारा कृषि विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शनों को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। दिल्ली सहित इसके सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

रविवार को राज्य सभा में हुए हंगामे के पीछे क्या नंबर गेम था?

राज्यसभा में रविवार को कृषि संबंधी दो विवादास्पद विधेयकों को लेकर हुए हंगामे के पीछे कारण क्या नंबर गेम था? यदि कोई विपक्ष की बातों पर विश्वास करता है, तो ऐसा हो सकता है।

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