Corona Vaccine : केंद्र COVID-19 टीकाकरण में तेजी लाने के लिए अगले महीने ‘हर घर दस्तक’ अभियान शुरू करेगा

केंद्र जल्द ही खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में नवंबर के अंत तक पूर्ण टीकाकरण प्राप्त करने का लक्ष्य रखते हुए एक मेगा COVID-19 टीकाकरण अभियान ‘हर घर दस्तक’ शुरू करेगा।

केंद्र ने मीडिया संगठनों से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का लोगो दिखाने को कहा

यह अभियान हमारे स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और पिछले 75 वर्षों में सामाजिक-सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक प्रगति की यात्रा का जश्न मनाता है।

रणदीप सुरजेवाला ने गुजरात ड्रग बरामदगी मामले पर केंद्र की खिंचाई, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बताया एकतरफा

एक 25,000 किलोग्राम शिपमेंट जो कथित तौर पर जून में अडानी पोर्ट से होकर गुजरा और सितंबर में उसी बंदरगाह पर 3,000 किलोग्राम का शिपमेंट पकड़ा गया।

फ्लैट खरीदारों को बिल्डरों की दया पर नहीं छोड़ा जा सकता – सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक नोटिस जारी कर केंद्र को एक मॉडल बिल्डर समझौता और रियल एस्टेट क्षेत्र में एजेंट-खरीदार समझौता करने के लिए निर्देश देने की मांग की।

3 महीने से कम उम्र के गोद लिए बच्चे को ही दिया जाता है मैटरनिटी लीव – सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टी नियमों पर केंद्र को नोटिस जारी..

12 सप्ताह के मातृत्व लाभ का लाभ उठाने के लिए एक व्यक्ति को तीन महीने से कम उम्र के बच्चे का दत्तक ( Adoption ) माता-पिता होना चाहिए।

महिलाओं का प्रवेश स्थगित नहीं किया जा सकता, SC ने NDA परीक्षा पर केंद्र की याचिका को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि महिलाओं को इस साल राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जानी चाहिए।

Historic Decision : महिलाओं को NDA में प्रवेश दिया जाएगा, केंद्र ने SC को बताया, रोडमैप के लिए समय मांगा

भारत के सशस्त्र बलों में स्थायी कमीशन के लिए महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश दिया जाएगा। इसे ऐतिहासिक निर्णय कहा और दिशानिर्देश तैयार करने के लिए और समय मांगा।

ये अनलॉक की शुरूआत है या कोरोना की तीसरी लहर का स्वागत-दिल्ली हाइकोर्ट

दिल्ली |  कोरोना की दूसरी लहर के मामलों में अब गिरावट होने लगी है। और सरकारों ने धीरे-धीरे अनलॉक की प्रक्रिया भी शुरु कर दी है। लेकिन छूट के साथ ही बाजारों में भीड़ बढ़ने लगी है। कुछ बाजारों की तस्वीरें वायरल हो रही है जिसमें लोग बिना मास्क के दिखाई दे रही है। कोरोना नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले का संज्ञान लिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही तीसरी लहर का आगमन बन सकती है। जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को इस संबंध में सचेत किया है। इस मामले में सख्त कदम उठाने को कहा है। कहा है कि आप सुनिश्चित करें कि कोई भी कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन ना करें। इस संबंध में दुकानदारों को जागरूक करें और बाजारों और विक्रेता संघों के साथ बैठक करें।  इस तरह की लापरवाही तीसरी लहर का कारण बन सकती है।   also read: Baba Ka Dhaba : बाबा का ढाबा संचालक कांता प्रसाद ने किया आत्महत्या का प्रयास, अस्पताल में भर्ती एम्स के डॉक्टर द्वारा भेजी गई तस्वीरें जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस आशा मेनन की अवकाश पीठ ने एम्स के एक… Continue reading ये अनलॉक की शुरूआत है या कोरोना की तीसरी लहर का स्वागत-दिल्ली हाइकोर्ट

संघीय ढांचे के लिए चुनौती

राजीव गांधी के सत्ता से बाहर होने के बाद केंद्र में गठबंधन की राजनीति का जो दौर शुरू हुआ था उस दौर में देश की संघीय व्यवस्था सबसे बेहतर ढंग से चली। कमजोर केंद्र की वजह से राज्यों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिला। गठबंधन की मजबूरी में केंद्र सरकारों ने राज्यों के साथ ज्यादा विवाद नहीं बढ़ाया। करीब 25 साल की उस अवधि में राज्य सरकारों को बरखास्त करने और राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले भी बहुत कम हुए। एक तरह से कमजोर केंद्र की वजह से राज्यों की स्वायत्तता मजबूत हुई। यह भी पढ़ें: झूठे आंकड़ों से बढ़ेगा संकट भारत सैद्धांतिक रूप से एक अर्ध संघ है, जिसमें मजबूत केंद्र की अवधारणा के साथ शासन की संघीय व्यवस्था बनाई गई है। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने इसे सहकारी संघवाद का नाम दिया। तभी उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उम्मीद बंधी थी कि देश में संघवाद की व्यवस्था मजबूत होगी क्योंकि वे पहले नेता थे, जो 13 साल तक एक राज्य का मुख्यमंत्री रहने के बाद प्रधानमंत्री बने थे। उनसे पहले मोरारजी देसाई, वीपी सिंह, नरसिंह राव और एचडी देवगौड़ा ही ऐसे प्रधानमंत्री हुए, जो पहले मुख्यमंत्री रहे थे। लेकिन सबका मुख्यमंत्री का कार्यकाल… Continue reading संघीय ढांचे के लिए चुनौती

ज्यादा शवदाह गृह के लिए याचिका

देश में अब तक सुप्रीम कोर्ट और उच्च अदालतों में रचनात्मक और सकारात्मक जरूरत की चीजों के लिए जनहित याचिका दायर की जाती थी। स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बनाने के साथ साथ सूचना के अधिकार और शिक्षा के अधिकार का मामला अदालत में सुना जाता था। यह भी पढ़ें: पंजाब में क्या कैप्टेन समझेंगे? पहली बार ऐसा हुआ है कि ज्यादा शवदाह गृह बनाने के लिए जनहित याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई है। एक व्यक्ति ने दिल्ली में श्मशान गृहों में लगने वाली कतारों का हवाला देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से कहा है कि दिल्ली में बिजली से या सीएनजी से चलने वाले नए शवदाह गृह बनवाने का आदेश दिया जाए। यह भी पढ़ें: सीएए के नियम क्यों नहीं बना रही सरकार? दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। ध्यान रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली में सवालिया लहजे में कहा था कि कब्रिस्तान बन रहा है तो श्मशान बनना चाहिए या नहीं। उन्होंने सरकारी खर्च से श्मशान बनाने का वादा किया था।… Continue reading ज्यादा शवदाह गृह के लिए याचिका

हेमा मालिनी ने सांसद के तौर पर पूरे किए सात साल,ट्विटर पर जताया आभार तो यूजर बोले-गलती सुधारेंगे इस बार..

केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) की सरकार 30 मई को अपने सात साल पूरे करने जा रही है। इस तरह कई सांसद ऐसे भी हैं जो अपनी संसदीय सीट से सात साल का समय पूरा करने जा रहे हैं। इनमें एक नाम बीजेपी सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी (Hema Malini) का भी है। उत्तर प्रदेश के मथुरा (Mathura) से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी (Hema Malini) ने एक ट्वीट किया है और अपने संसदीय क्षेत्र की जनता का आभार जताया है। लेकिन इस पर ट्विटर पर जोरदार रिएक्शन आ रहे हैं, और लोग उन पर संसदीय क्षेत्र की अनदेखी करने के आरोप भी लगा रहे हैं। लोग उनको वोट देने पर गलती का नाम दे रहे है। इसे भी पढ़ें ठंडे पड़े योग गुरु बाबा रामदेव के तेवर माफी मांगते हुए कहीं ये बड़ी बात… हेमा मालिनी का ट्वीट हेमा मालिनी ने मथुरा संसदीय क्षेत्र से सात साल पूरे करने पर अपने ट्वीट में लिखा है, ‘मैं अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा के लोगों का मेरे काम की तारीफ करने के लिए आभार जताती हूं और मेरे साथ सात साल से रहने के लिए भी मैं उनकी आभारी हूं। मैंने मथुरा और वृंदावन में जितने भी प्रोजेक्ट पूरे किए हैं,… Continue reading हेमा मालिनी ने सांसद के तौर पर पूरे किए सात साल,ट्विटर पर जताया आभार तो यूजर बोले-गलती सुधारेंगे इस बार..

CORONA Arrangements : जिनके पास ऑक्सीजन उनको ही रेमडेसिविर ..इस व्यवस्था पर दिल्ली हाइकोर्ट की केंद्र पर टिप्पणी

देश के नागरिकों का हमेशा से ही न्यायपालिका पर विश्वास रहा है और हो भी क्यों ना..न्यायपालिका ने हमेशा से ही अपना काम बखूबी किया है। तो आज भी इस मुश्किल दौर में भारत की न्यायपालिका इस विश्वास की डोर को मजबूती दे रही है। न्यायपालिका में जहां नरमी दिखाते हुए सरकारों को समझाया है तो वहीं जरूरत पड़ने पर सख्ती दिखाने से भी परहेज नहीं किया। इसी का ताजा उदाहरण है कि दिल्ली हाइकोर्ट ।  दिल्ली हाइकोर्ट ने देश के मौजूदा हालात पर केंद्र सरकार द्वारा किये गए फैसलों पर तल्ख टिप्पणी की है। दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा है कि केंद्र चाहता है कि लोग मरते रहें क्योंकि Covid-19 के इलाज में रेमडेसिविर के इस्तेमाल को लेकर नए प्रोटोकॉल के मुताबिक केवल ऑक्सजीन पर आश्रित मरीजों को ही यह दवा दी जा सकती है। इसे भी पढ़ें UP News : योगी सरकार ने दिया निर्देश, अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई की कन्ट्रोल रूम से होगी निगरानी जिनके पास ऑक्सीजन नहीं उनके नसीब में रेमडेसिविर भी नहीं जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने केंद्र सरकार से कहा, ‘यह गलत है. ऐसा लगता है दिमाग का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं हुआ है। अब जिनके पास ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है उन्हें रेमडेसिविर दवा नहीं मिलेगी।… Continue reading CORONA Arrangements : जिनके पास ऑक्सीजन उनको ही रेमडेसिविर ..इस व्यवस्था पर दिल्ली हाइकोर्ट की केंद्र पर टिप्पणी

केंद्र को जिंदगी की परवाह नहीं, कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को बुधवार को लगातार दूसरे दिन फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा ऑक्सीजन को लेकर इमरजेंसी जैसे हालात हैं और ऐसा लग रहा है कि केंद्र को इंसानी जिंदगी की कोई परवाह नहीं है। केंद्र को फटकार लगाते हुए अदालत ने सवालिया लहजे में कहा- जमीन हकीकत को लेकर केंद्र सरकार इतनी बेखबर क्‍यों है? अदालत ने यह भी कहा कि उसकी चिंता सिर्फ दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे देश में है। हाई कोर्ट ने उद्योगों को ऑक्सीजन की सप्लाई तुरंत रोकने का निर्देश देते हुए कहा कहा कि इन पर पहला हक मरीजों का है। ऑक्सीजन की कमी पर हाई कोर्ट ने कहा- यह अपने आप में इमरजेंसी जैसे हालात हैं, इसके मायने हैं कि सरकार के लिए इंसान की जिंदगी कोई मायने नहीं रखती। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी अदालत ने केंद्र को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह रोज इस मामले की सुनवाई करेगी। दूसरे दिन बुधवार को सख्‍त टिप्‍पणी करते हुए हाई कोर्ट ने कहा- सरकार आखिर वास्‍तविक हालात पर जाग क्‍यों नहीं रही, सरकार जमीनी हकीकत… Continue reading केंद्र को जिंदगी की परवाह नहीं, कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा

घर-घर राशन पहुंचाने की योजना केंद्र ने रोकी

दिल्ली सरकार के अधिकारों में कटौती का बिल लाने के बाद केंद्र सरकार ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को एक और झटका दिया है।

दिल्ली में राशन योजना : केजरीवाल सरकार बोली केंद्र ने डोरस्टेप राशन डिलीवरी योजना को रोक रखा है

आम आदमी पार्टी (आप) की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने केंद्र पर प्रमुख डोरस्टेप राशन वितरण योजना को रोक कर रखने का आरोप लगाया है।

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