प्रभारी मंत्रियों से चल रहा है काम!

नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने छह महीने के अंदर अपनी सरकार में फेरबदल की थी। लेकिन इस बार डेढ़ साल बाद भी सरकार में फेरबदल नहीं हुई है, जबकि इस इस बीच कई मंत्री पद खाली हुए हैं और प्रभारी मंत्री अनेक मंत्रालयों के कामकाज संभाल रहे हैं

सुशील मोदी को करना होगा इंतजार

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी इस बार बिहार में जदयू-भाजपा की सरकार बनने के बावजूद उप मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। चुनाव नतीजों के तुरंत बाद भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बता दिया गया सुशील मोदी की दिल्ली में जरूरत है।

चिराग अभी नहीं बन पाएंगे मंत्री

लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान का केंद्र सरकार में मंत्री बनने का इंतजार बहुत लंबा हो सकता है। जानकार सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार में पहला विस्तार जब भी करेंगे तब चिराग पासवान को उसमें जगह नहीं मिलेगी।

सिंधिया और उनके समर्थकों की मुश्किल

ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में शामिल हुए नौ महीने होने वाले हैं और अभी तक राज्यसभा की सीट मिल पाई है। मंत्री पद की उम्मीद अभी अधूरी है। उनके समर्थक पहले दिन से इस इंतजार में हैं कि वे नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बनने वाले हैं।

बिहार चुनाव के बीच ही कैबिनेट विस्तार!

भारतीय जनता पार्टी के संगठन में बड़ी फेरबदल के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के विस्तार की बारी है। ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बीच ही मोदी सरकार का पहला विस्तार हो सकता है।

पुराने नामों की फिर से चर्चा

जैसे ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल या विस्तार की चर्चा होती है वैसे ही कुछ नाम चर्चा में आ जाते हैं। पिछले छह साल से जो नाम लगभग हर बार चर्चा में आते हैं उनमें एक राम माधव का है। राम माधव को पिछले दिनों पार्टी के महासचिव पद से हटाया गया।

कैबिनेट विस्तार भी टला रहेगा

नरेंद्र मोदी सरकार के विस्तार की अटकलें अब थम गई हैं। पिछले एक साल से मंत्री बनने की आस लगाए बैठे नेता भी अब थक गए हैं। सबको लग रहा था कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार में बड़ी फेरबदल हो सकती है।

अब शिवराज, नरेंद्र, नरोत्तम, उमा के ‘सब्र’ का इंतिहान..

विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे सहयोगियों से विचार विमर्श के बाद राहुल गांधी ने कभी जिस ‘समय’ और ‘सब्र’ को कमलनाथ और ज्योतिरादित्य से

और लोड करें