शर्म और संवेदना दोनों खत्म!

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिवंगत नेता डीपी त्रिपाठी ने एक बार कहा था कि नेता होने के लिए दो अनिवार्य गुणों की जरूरत है- अकल्पनीय चापलूसी और असीमित बेशर्मी! पहला गुण नेता होने की निजी जरूरत है, लेकिन दूसरा सामूहिक है। पार्टियां हों या सरकारें बेशर्मी उनका अनिवार्य गुण है। चाहे कुछ भी हो जाए… Continue reading शर्म और संवेदना दोनों खत्म!

हमारे गांवः भगवान भरोसे?

हमारे टीवी चैनल और अंग्रेजी अखबार शहरों की दुर्दशा तो हमें काफी मुस्तैदी से बता रहे हैं लेकिन देश के एक-दो प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के हिंदी अखबार हमें गांवों की भयंकर हालत से भी परिचित करवा रहे हैं। मैं उन बहादुर संवाददाताओं को प्रणाम करता हूं, जिन्होंने पत्रकारिता का धर्म सच्चे अर्थों में निभाया है।… Continue reading हमारे गांवः भगवान भरोसे?

कोरोना: घटे टेस्ट, कम हुए केस!

नई दिल्ली। देश में लगातार चार दिन तक चार लाख से ज्यादा केसेज आने के बाद ऐसा लग रहा है कि राज्यों ने अचानक टेस्टिंग में कमी कर दी, जिससे कोरोना संक्रमण के केसेज कम हो गए। रविवार को देश के ज्यादातर राज्यों में संक्रमण के मामले घटे हैं, जिसकी वजह से रविवार को देश… Continue reading कोरोना: घटे टेस्ट, कम हुए केस!

Health workers wearing personal protective equipment carry the body of a COVID-19 victim for cremation in Gauhati, India, Thursday, Sept. 10, 2020. India is now second in the world with the number of reported coronavirus infections with over 5.1 million cases, behind only the United States. Its death toll of only 83,000 in a country of 1.3 billion people, however, is raising questions about the way it counts fatalities from COVID-19. (AP Photo/Anupam Nath)

चार हजार से ज्यादा मौतें, दुनिया में हर तीसरी मौत भारत में

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में तेजी से बढ़ती संक्रमितों की संख्या के बीच संक्रमण से होने वाली मौतें, चिंताजनक रफ्तार से बढ़ रही हैं। शनिवार को लगातार दूसरे दिन संक्रमण से मरने वालों की संख्या चार हजार से ऊपर रही। शुक्रवार को 4,191 लोगों की मौत हुई थी और शनिवार को खबर… Continue reading चार हजार से ज्यादा मौतें, दुनिया में हर तीसरी मौत भारत में

अपने मोदीजी अब गिरधर गमांग!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज किस मनोदशा में होंगे? अपना मानना है गिरधर गमांग की मनोदशा में। सन् 1999 में ओडिसा में आदिवासी गिरधर गमांग मुख्यमंत्री थे। वे भाग्य से सीएम बने लेकिन बुद्धी, समझ में उनका भगवान मालिक! अक्टूबर 1999 में ओडिसा परजबसुपर साइक्लोन की विपदा आई तो उनका उस वक्त इसी उधेडबुन में वक्त… Continue reading अपने मोदीजी अब गिरधर गमांग!

मोदीजी, बुद्धि उधार लीजिए, मानिए ये सुझाव

वैसे पहले आईटम से लगा होगा कि मैं आज व्यंग्य के मूड में हूं। लेकिन ‘हम’ मानवता के लिए इतनी बड़ी त्रासदी बन चुके है कि बार-बार सोचना होता है कि भारत के प्रधानमंत्री को कैसे गंभीर बनाया जाए? कैसे सवर्ज्ञ होने की उनकी गलतफहमी में जमीनी हकीकत के व्यवहारिक नुस्खे घुसाएं जाएं? तभी फिर… Continue reading मोदीजी, बुद्धि उधार लीजिए, मानिए ये सुझाव

दूसरी लहर से सबक लें

दुनिया के सभी सभ्य और विकसित देशों ने कोरोना वायरस की पहली लहर से सबक लिया था और दूसरी लहर से निपटने की तैयारी की थी। सभ्य देशों ने इतिहास से भी सबक लिया था और उनको पता था कि दूसरी लहर ज्यादा भयानक होती है। आखिर ठीक एक सौ साल पहले आए स्पेनिश फ्लू… Continue reading दूसरी लहर से सबक लें