जाम्बिया पर चीन का ऐसा मालिकाना!

भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-2: चीन 21वीं सदी में यदि क्षेत्र-आबादी विशेष को ईस्ट इंडिया कंपनी के तौर-तरीकों में बंधक, आश्रित, गुलाम बना रहा है तो प्रमाण क्या? कई उदाहरण हैं। ये अफ्रीका, मध्य एशियाई देशों से ले कर लातिनी अमेरिकी देशों में फैले हुए है। इसका विजुअल अनुभव जानना-समझना है तो पिछले शनिवार फ्रेंच टीवी चैनल पर ‘चाइनीज असर में जाम्बिया’ (Zambia: Under Chinese influence) शीर्षक से प्रसारित रिपोर्ट को चैनल की वेबसाइट पर जरूर देखें। अफ्रीका का देश जाम्बिया उन प्रतिनिधि देशों में से एक है, जहां के राष्ट्रपति एडगर लुंगु ने अपने देश को चीन पर इस कदर आश्रित बना डाला है कि अब वह न केवल उससे लिए कर्जों में डूबा है, बल्कि उसकी गुलामी के ताने-बाने में हर तरह से जकड़ा हुआ है। देश की अधिकांश आर्थिक गतिविधियों का कमोबेश वही नियंता है। जाम्बिया का राष्ट्रपति चीन की जेब में है और अपनी सत्ता के लिए चुनाव, देश की राजनीति में भी चीन पर आश्रित। जांबिया की सत्तारुढ़ पार्टी चीन की मदद से विपक्ष-विरोध को भी हाशिए में डाले रखने वाली। जाम्बिया पर चीन का ऐसा दबदबा मदद, विकास, सहयोग के नाम पर, उसकी योजनाओं से बना। चीन ने सब-सहारा देशों को बेल्ट एंड… Continue reading जाम्बिया पर चीन का ऐसा मालिकाना!

21वीं सदी में गुलामी और चीन!

भविष्य में चीन से अनिवार्य संकट-1: सचमुच सोचना, समझना और अनुभव की हकीकत में विश्वास वाली बात नहीं जो 21वीं सदी में वह होता हुआ है, जो 18वीं-19 वीं सदी में था! देश और लोग 21वीं सदी में वैसे ही गुलाम बन रहे हैं, जैसे 18वीं-19 वीं सदी में बने थे। आश्चर्य का और बड़ा हैरानी वाला पहलू क्षेत्र विशेष को उपनिवेश बनाने का तरीका भी घूमा-फिराकर पुराना। तरीके में शुरुआत व्यापार-धंधे और दोस्ती से। फिर सहयोग-मदद के नाम पर निवेश और अंत में वही सब जो ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत में हुआ था। अंग्रेजों ने जहांगीर के दरबार में नजराना दे कर पहले दोस्ती बनाई। धंधे की अनुमति ली और धीरे-धीरे ईस्ट इंडिया कंपनी के गोदाम बने। फिर छोटे-छोटे वे मालिकाना इलाके जो किले की तरह थे, जहां सुरक्षा का उनका खुद का सुरक्षा प्रबंध था। उनमें ठाठ से अंग्रेज रहते। हिंदुस्तानी नौकर-चाकरों से पंखा चलवाते, पांव दबवाते, बच्चों की देखभाल, घर का काम करवाते। बतौर मालिक उनका अलग खास जीवन! देशी-काले लोगों की लेबर में अंग्रेजों के शाही जीवन का वह नया अनहोना अंदाज था, जिसे देख देशी लोग हैरान होते थे। सेवादारी भक्ति से होती थी। जगत सेठ जैसे हिंदू सेठों को धंधे का नया अवसर… Continue reading 21वीं सदी में गुलामी और चीन!

चेन्नई टेस्ट (स्टम्प्स) : भारत मुश्किल में, 257 रनों पर गंवाए 6 विकेट

इंग्लैंड के साथ एमए चिदम्बरम स्टेडियम में जारी पहले टेस्ट मैच में भारत पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है। इंग्लैंड की पहली पारी के 578 रनों के जवाब में तीसरे दिन खेल खत्म होने तक अपनी पहली पारी में 257 रनों पर छह विकेट गंवा दिए हैं।

कांग्रेस ने सुरक्षा समिति पर लगाए आरोप

कांग्रेस ने बालाकोट हवाई हमले की सूचना लीक होने को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की साख पर लगे इस दाग को धोने के लिए सामने आना चाहिए।

धर्म की राजनीति करना देश के लिये खतरा: हार्दिक

गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने कहा है कि हिन्दू- मुसलमान के नाम पर राजनीति करना देश के लिये खतरा है।

मप्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा का खतरा

मध्य प्रदेश में हो रहे विधानसभा के उप-चुनाव के दौरान जारी दल बदल ने कांग्रेस कार्यकतार्ओं को असमंजस में डाल दिया है और उनमें परिणाम से पहले निराशा का भाव बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है।

हाई-ब्लडप्रेशर, हाईपरटेंशन में वायु प्रदूषण का योगदान : शोध

उत्तर भारत के एक बड़े क्षेत्रीय हिस्से के लिए वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है। वहीं बीते साल सर्दियों के मौसम में प्रदूषण के कारण दिल्ली-एनसीआर में स्वास्थ्य आपातकाल लगा दिया गया था।

राजस्थान: विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, नहीं तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। साथ ही कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या कांग्रेस पार्टी के अंदर लोकतंत्र मौजूद है।

भारतीय सीमा पर चीनी कब्जा बना गंभीर खतरा : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि भारतीय सरजमीं पर चीन ने डेपसाँग प्लेस तथा पैंगोंग त्सो लेक इलाके में जबरन कब्जा कर सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य निर्माण भी कर दिया है

गुर्दा रोग के मरीजों को कोरोना से ज्यादा खतरा

नई दिल्ली। गुर्दा रोग से पीड़ित मरीज जिन्हें डायलिसिस करवानी पड़ रही है उनको कोरोनावायरस से ज्यादा खतरा हो सकता है। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। अध्ययन के नतीजों में बताया गया है कि जिन मरीजों के गुर्दे क्षतिग्रस्त हो गए हैं उनको खासतौर से संक्रमण का खतरा बना रहता है और उनमें रोग के लक्षण व संक्रमण ज्यादा तब्दीली देखने को मिल सकती है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में ‘जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ-इंडिया के कार्यकारी निदेशक और इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के अध्यक्ष प्रोफेसर विवेकानंद झा के हवाले से कहा गया है कि ऐसे मरीजों (गुर्दा रोग से पीड़ित) की स्थिति अन्य लोगों जैसी नहीं होती क्योंकि इन्हें ज्यादा खतरा होने के बावजूद हर सप्ताह दो या तीन बार डायलिसिस के लिए ले जाना ही पड़ेगा। इसलिए कोरोनावायरस के संक्रमण से बचाने के लिए इनकों दूसरों से अलग-थलग और घर में ही नहीं रखा जा सकता है। लिहाजा, गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों में एक दूसरे से भी संक्रमण का खतरा रहता है और उनसे उनके परिवार के सदस्यों, मेडिकल स्टाफ और कर्मचारी व अन्य लोगों को संक्रमण का शिकार बनने का खतरा बना रहता है।… Continue reading गुर्दा रोग के मरीजों को कोरोना से ज्यादा खतरा

संजय पाठक ने खुद की जान को खतरा बताया

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा के विधायक संजय पाठक ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री कमलनाथ से देर रात मुलाकात होने की खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि उनकी जान को खतरा है। पाठक ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं भाजपा में था, भाजपा में हूं और भाजपा में रहूंगा। मीडिया में एक वीडियो दिखाकर बताया जा रहा है कि मैं कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता से मिलने गया और मुझे निवास से बाहर निकलते हुए देखा गया। इस वीडियो में जिस व्यक्ति को दिखाया गया है, उसकी कलम नहीं दिखाई गई है, जबकि मैं कलम रखता हूं। सवाल है कि क्या रात भर में कलम के बाल उग गए। आप सभी मेरे हर अंग को जानते हैं। उन्होंने आगे कहा, “उनके साले की हालत गंभीर है, उसका हैदराबाद में ऑपरेशन है, बीती रात को मैं किसी से नहीं मिला। मेरे साथ जो हो रहा है, उसे पूरे प्रदेश की जनता देख रही है। कम से कम मेरी हत्या न हो जाए, बस इस बात का ध्यान रखिए। हो सकता है कि राजनीतिक लाभ और फायदे के लिए ये लोग मुझे कहीं मारकर फेंक भी सकते हैं। बीती रात मैं न किसी से… Continue reading संजय पाठक ने खुद की जान को खतरा बताया

और लोड करें