लंदन की ताजा एक झलक 

अब से ठीक 50 साल पहले मैं लंदन पहली बार आया था। उस समय यहां गांधीजी की जन्म शताब्दि (1969) मन रही थी। कई देशों के गांधी भक्त इकट्ठे हुए थे। उनमें मैं सबसे छोटा था लेकिन मुझे भी उस सम्मेलन में बोलने के लिए कहा गया था। इस बार शायद 8-10 साल बाद मेरा लंदन आना हुआ है। वह सिर्फ गांधीजी के डेढ़ सौ साल मनाने के लिए।