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थक गए हैं आंदोलनकारी

दिल्ली के कई लोग शाहीन बाग में आंदोलन करते-करते लोग थक गए हैं। दो महीने हो गए। अब तक किसी बड़े नेता ने भाव नहीं दिया। अखबारों के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को सलाह दी गई थी

मोदी और शाह में मनमुटाव: बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएए और एनआरसी को लेकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर शुक्रवार को बड़ा हमला बोला है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बीच मनमुटाव हो गया है, जिसके चलते पूरा देश पिस रहा है। राज्य में हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिली सफलता पर राजधानी में आयोजित जनमत का सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, बीते पांच साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के थे और वर्तमान सरकार के जो सात माह हुए हैं, वह गृहमंत्री अमित शाह के हैं। पिछले कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी, जीएसटी आदि लाया तो वर्तमान के सात माह में गृहमंत्री ने सीएबी, सीएए, धारा 370 हटाया, राममंदिर का मामला लाया। बघेल ने आगे कहा, प्रधानमंत्री कहते हैं कि देश में एनआरसी लागू नहीं होगा, मगर गृहमंत्री क्रोनोलॉजी बताते हुए कहते हैं कि एनआरसी लागू होगा। लगता है कि दोनों के बीच मनमुटाव हो गया है, जिसमें देश की जनता पिस रही है। यह पता ही नहीं चल रहा है कि कौन सही और कौन गलत बोल रहा है। पुलवामा हमले को लेकर भी बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। यह खबर भी पढ़ें:- एनआईए कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट… Continue reading मोदी और शाह में मनमुटाव: बघेल

भाजपा सरकार अब क्या करे?

युवा आंदोलनों और प्रदर्शनों की आग अब सिर्फ भारत के कोने-कोने में ही नहीं, विदेशों में भी फैल रही है। पिछले पांच साल में नरेंद्र मोदी ने विदेशों में भारत की छवि को जो चमकाया था, वह धूमिल पड़ रही है। दबी जुबान से ही हमारे मित्र राष्ट्र भी हमारी आलोचना कर रहे हैं। इसका कारण क्या है ? यदि गृहमंत्री अमित शाह की माने तो इन सारे आंदोलनों और तोड़-फोड़ के पीछे कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों का उकसावा है। आंशिक रुप से यह सत्य है। उनका उकसावा क्यों न हो ? वे आखिरकार विपक्षी दल हैं। वे भाजपा की खाट खड़ी करने के किसी भी बहाने को हाथ से क्यों फिसलने  देंगे? लेकिन इस बगावत की आग के फैलते होने का ठीकरा सिर्फ विपक्षी दलों के माथे फोड़ देना शतुर्मुर्ग-नीति ही कहलाएगा। इसकी बहुत ज्यादा जिम्मेदारी भाजपा की अपनी है। उसने तीन तलाक, बालाकोट और कश्मीर का पूर्ण विलय- ये तीनों काम ऐसे किए कि उसे जनता का व्यापक समर्थन मिला लेकिन शरणार्थियों को नागरिकता देने का ऐसा विचित्र कानून उसने बनाया कि देश के न्यायाप्रिय लोगों और खासकर मुसलमानों को उसका जबर्दस्त विरोध करने का मौका मिल गया। नागरिकता रजिस्टर जैसी उत्तम और सर्वस्वीकार्य जैसी चीज़ भी उक्त कानून… Continue reading भाजपा सरकार अब क्या करे?

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