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वंशवाद कमजोरी नहीं ताकत है

कांग्रेस पार्टी किसी भी और बात के मुकाबले इस बात को लेकर ज्यादा बैकफुट पर है कि उसके नेतृत्व पर वंशवादी होने का आरोप है। यह भाजपा, खास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बनाए एजेंडे की सौ फीसदी सफलता का संकेत है, जो कांग्रेस नेता ऐसा सोच रहे हैं।

सिंधिया को मिला राज्यसभा का टिकट

भाजपा ने बुधवार को मध्यप्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा के पार्टी उम्मीदवार के रूप में नामित किया । सिंधिया बुधवार को ही भाजपा में ही शामिल हुए हैं ।

हिंसा रोकने में केंद्र नाकाम, शाह इस्तीफा दें: सौगत

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली के उत्तर पूर्व इलाकों में हुई हिंसा को ‘सुनियोजित नरसंहार’ करार देते हुए इसे रोकने में केंद्र सरकार की नाकामी को लेकर लोकसभा में बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। तृणमूल के प्रोफेसर सौगत रॉय ने दिल्ली हिंसा को लेकर नियम 193 के अधीन चर्चा के दौरान कहा कि जब राजधानी दिल्ली में दंगे हो रहे थे, तब शाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आवभगत के लिए अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शाह जब गृह मंत्रालय से 10-20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दंगों से निपटने में नाकामयाब रहते हैं तो उन्हें गृ़ह मंत्री के पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। श्री शाह को मंत्री पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली जल रही थी, तब शाह क्या कर रहे थे? जब लोग दंगों के शिकार हो रहे थे तब श्री शाह कोई कार्रवाई करने से चूक क्यों गये? उनकी मंशा क्या थी? रॉय ने सत्ता पक्ष में आगे की अपनी सीट पर बैठे शाह से कहा, दिल्ली हिंसा को काबू करने में आपकी नाकामी आपके माथे पर चिपक गया है। यह खबर भी पढ़ें:- कांग्रेस ने… Continue reading हिंसा रोकने में केंद्र नाकाम, शाह इस्तीफा दें: सौगत

गृह मंत्री,एनआईए प्रमुख का इस्तीफा जरूरी: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आरोपी को क्लीन चिट मिलने और फर्जी दावे तथा बरगलाने वाले संदेशों को रोकने में असफल रहने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और एनआईए प्रमुख वाई सी मोदी जिम्मेदार हैं और दोनों को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

अमित शाह इस्तीफा दे: ब्रह्मचारी

नई दिल्ली। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की भाजपा सरकार ने देश में आग लगवा दिया है। उन्होंने कहा की हमारा देश सर्व धर्म संभाव के भाव में विश्वास रखने वाला देश है परंतु धर्म के नाम पर देश को बांटने का प्रयास हो रहा है। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की अमेरिका के राष्ट्रपति की मौजूदगी में जिस तरह देश की राजधानी में तांडव हुआ वो निंदनीय है। सरेआम दिल्ली की सड़कों पर हत्या हुई गृह मंत्री अमित शाह चुप रहे स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का दावा करते हैं और ये क्या हो रहा है आख़िर मोदी चुप क्यों हैं। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की सरकार के संरक्षण में दंगे हो रहे हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आखिर एसा क्यों किया इस पर भाजपा कोई जवाब क्यों नहीं दे रही है। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की देश के निर्माण में सभी धर्म के लोगों का योगदान रहा है परंतु भाजपा यह मानने को तैयार नहीं है। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतिहास माफ नहीं करेगा।

क्यों बदल गया सियासी माहौल?

झारखंड में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार हुई। यहां तक कि मुख्यमंत्री रघुबर दास तक को भी हार का मुंह देखना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे स्टार प्रचारकों की कई रैलियों के बावजूद भाजपा हार गई। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 37 सीटों मिली थी, जबकि इस बार वह सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल का गठबंधन सत्ता में आ गया है। जेएमएम के नेता हेमंत सोरेन फिर एक बार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा ने झारखंड में धूमधाम से सरकार बनाई थी। 2019 के लोकसभा चुनावों में राज्य की पांच में से तीन सीटें जीतने के साथ पार्टी ने 50 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। लेकिन ताजा नतीजों ने राज्य की सत्ता से उसकी विदाई कर दी है। तो चंद महीनों में राज्य की जतना ने अपना मन क्यों बदल लिया? जानकारों के मुताबिक भाजपा की इस हार के पीछे मूल कारण है देश के ग्रामीण और अंदरूनी इलाकों में असंतोष। उसकी वजह आर्थिक मंदी और नौकरियों की कमी है। अब लोगों को लगता है कि सरकार ने ऐसा कुछ नहीं… Continue reading क्यों बदल गया सियासी माहौल?

उफ! विपक्ष का रूमानीपना

तमाम सेकुलर खुश हैं। विपक्ष के सभी नेता विरोध-आंदोलन की फुटेज, नैरेटिव से बम-बम हैं। ये सब मुगालते में हैं कि मोदी-शाह के खिलाफ माहौल बन रहा है। जाहिर है विपक्ष में यह तनिक भी विचार नहीं हुआ है कि गृह मंत्री अमित शाह तीन तलाक, अनुच्छेद 370, अयोध्या में मंदिर, नागरिकता कानून में संशोधन और एनआरसी के काम को एक-एक कर आगे बढ़ा रहे है तो ऐसा किसी रोडमैप, सियासी शतरंज में ही हो रहा होगा और इसका राजनैतिक अर्थ क्या है? क्या यह नहीं सोचा जाना चाहिए कि क्यों अमित शाह लगातार वह कर रहे हैं, जिसमें प्रत्यक्ष-परोक्ष हिंदू बनाम मुसलमान बहस, विवाद, नैरेटिव और चिंता सतत पकती जाए! हिसाब से यह सब ढर्रे में है। यहीं मोदी-शाह की मूल पूंजी है। कांग्रेस-लेफ्ट-सेकुलर सबको सन् 2014 से पहले के अनुभव से समझा हुआ होना था कि नरेंद्र मोदी का ग्राफ तब बनता जाता है जब हिंदू बनाम मुस्लिम चलता रहता है। जब दंगा, झगड़ा और मुसलमानों के साथ भेदभाव का हल्ला हो। इसे न समझ पाना विपक्ष का वह रूमानीपना है, जिसमें आज के भारत को वह सन् 2014 से पहले वाला समझे हुए है। मतलब हम सन् 2014 से पहले वाले लोकतंत्र में, उसकी सेकुलर तासीर में… Continue reading उफ! विपक्ष का रूमानीपना

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