बूढ़ा पहाड़
सिंधिया के जाने के बाद ग्वालियर में कांग्रेस जीवित हो गयी है : दिग्विजय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने के बाद ग्वालियर में कांग्रेस जीवित हो गयी है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया का सच

जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने की खबर पढ़ी तो उनका इतिहास भूगोल पढ़कर बहुत अजीब सा लगा। पिछली बार गुना से लोकसभा चुनाव लड़ते समय उन्होंने अपनी संपत्ति कुल तीन करोड़ रुपए दिखाई थी जबकि सच्चाई यह कि वे एक लाख करोड़ की संपत्ति के वारिस हैं व उस पर अपना अधिकार हासिल करने के लिए अपनी सगी बुओं के साथ मुकदमा लड़ रहे हैं। जिनसे दो भाजपा में ही हैं। पूरा मामला बहुत रोचक है। इस परिवार के राजनीति में आने की कहानी उनकी दादी विजय राजे सिंधिया को कांग्रेस में शामिल होने से शुरू होती है जो कि मूलतः सागर में पैदा हुई थी व नेपाल के राणा शाही परिवार से संबंध रखती थी। उनके पिता उत्तर प्रदेश के डिस्ट्रिक्ट कलक्टर थे। उनका विवाह ग्वालियर के अंतिम राजा जीवाजीराव सिंधिया से हुआ था व उनके पांच बच्चे थे चार बेटियां व इकलौता बेटा माधवराव सिंधिया। उनकी पहली बेटी पद्मा राजे सिंधिया दूसरी उषा राजे, बेटा माधवराव सिंधिया, वसुंधरा राजे (राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री) व यशोधरा राजे मध्यप्रदेश की पूर्व खेल मंत्री थी। ऊषा राजे नेपाल में रहती हैं व सबसे पहले उनकी दादी विजय राजे सिंधिया कांग्रेस में आई थी। ग्वालियर परिवार की गिनती देश… Continue reading ज्योतिरादित्य सिंधिया का सच

नैक की सूची में एलएनआईपीई फिर नंबर-वन

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यापयन परिषद (नैक) द्वारा हाल ही में जारी सूची में देश के मशहूर खेल प्रशिक्षण संस्थान और डीम्ड यूनिवर्सिटी लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) को पहले पायदान पर रखा गया है।

राम-नाम सत्य की खोज में निकलने के बाद

मैं व्यक्तिगत तौर से जानता हूं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का मन कांग्रेस में तीन-चार महीने से नहीं, तीन-चार साल से नहीं लग रहा था। सो, वे कांग्रेस छोड़ कर चले गए। और, चूंकि वे सिर्फ़ जाना ही नहीं चाहते थे, थप्पड़ मार कर जाना चाहते थे, सो, भारतीय जनता पार्टी में चले गए। उस भाजपा में, जो ‘मोशा’-भाजपा है और जिसमें, सिंधिया भी जानते हैं कि, नरेंद्र भाई मोदी और अमित भाई शाह के अलावा किसी और की कोई हैसियत नहीं है। इसलिए मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि सिंधिया ने यह थप्पड़ कांग्रेस के नहीं, खुद के गाल पर मारा है। अपने गाल का गुलाबीपन अगर ढलता भी दिखने लगे तो भला उसे खुद थप्पड़ मार कर कौन लाल करता है? मगर सिंधिया ने यही करतब दिखाया है। मैं इसे मूर्खता इसलिए नहीं कहूंगा कि इस शब्द का इस्तेमाल करना अशिष्टता होगी, मगर मैं इतना ज़रूर कहूंगा कि किसी के दिमाग़ी-स्खलन की ऐसी मिसाल ताज़ा राजनीतिक इतिहास में आपको दूसरी नहीं मिलेगी। कांग्रेस में सिंधिया का जो स्थान था, वह भाजपा के सामाजिक-मंत्रों का सात जनम पाठ करने के बाद भी वहां कभी नहीं बनेगा। कांग्रेस में तो उनके लड़कपन को सोनिया गांधी के मातृ-भाव की छाया मिल जाती… Continue reading राम-नाम सत्य की खोज में निकलने के बाद

सिंधिया ने दोहराया परिवार का इतिहास

ज्यो‍तिरादित्य सिंधिया कुछ नया नहीं कर रहे हैं वे ग्वालियर के सिंधिया राजघराने का इतिहास दोहरा रहे हैं। उनकी दादी और उनके पिता ने जो किया वे भी वहीं कर रहे हैं। तभी यह पक्के तौर पर नहीं मानना चाहिए कि अभी जो उन्होंने किया है वह आखिरी बार किया है और इसके बाद वे फिर पार्टी बदल का काम नहीं करेंगे।

भाजपा ने इस तरह बुना कमलनाथ सरकार के लिए चक्रव्यूह!

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ग्वालियर चंबल संभाग में शानदार प्रदर्शन की वजह ज्योतिरदित्य सिंधिया थे। इसी वजह से भाजपा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर रह गई।

कांग्रेस विधायक गोयल ने विधानसभा के पास दिया धरना

मध्यप्रदेश के ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मुन्नालाल गोयल ने अपने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर आज यहां पूर्व घोषणा के

प्रश्न पत्र में गलत जानकारी पर होगी सख्त कार्रवाई: पटवारी

भोपाल। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय के एम़ ए़ तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा के प्रश्न पत्र में क्रांतिकारियों को आतंकवादी लिखे जाने के प्रकरण में जांच के आदेश दिए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पटवारी ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को तीन दिन में समिति द्वारा जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एम.ए. तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा में पूछे गऐ एक प्रश्न में क्रांतिकारियों को आतंकवादी लिखा गया था, जिसके विरोध में छात्र संगठन ने ज्ञापन सौंपा है।

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