kishori-yojna
आमिर खान के पानी फाउंडेशन ने बंजर जमीन पर उगाया जंगल

आमिर खान गर्व से अभिभूत हैं और इसका कारण पानी फाउंडेशन की हालिया उपलब्धि है। अभिनेता ने वीडियो को साझा करते हुए कई उपलब्धियां गिनाईं।

क्या सचमुच जंगल फैले हैं?

सरकार ने हाल में वन क्षेत्र में काफी बढ़ोतरी का दावा किया। इस पर देश में खुशी मनाई गई। लेकिन ये खुशी ज्यादा समय नहीं टिकी, क्योंकि जल्द ही जानकारों ने इस दावे की पोल खोनी शुरू कर दी। इससे सामने आया कि भारतीय वन सर्वेक्षण की तरफ से जारी इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट- आईएसएफआर 2019- के मुताबिक सरकारी रिकॉर्ड में वन क्षेत्र के 7,67,419 वर्ग किलोमीटर में से 2,26,542 वर्ग किलोमीटर में फॉरेस्ट कवर नहीं है। करीब 30 प्रतिशत जंगलविहीन इलाके पर सड़क निर्माण, खनन और खेती की जा रही है। ये अजीबोगरीब स्थिति है कि यह क्षेत्र फाइल में तो जंगल के रूप में दर्ज है, लेकिन वहां असल में जंगल नहीं है। वन नियमों के मुताबिक उस भूभाग को फॉरेस्ट कवर कहा जाता है, जिसका दायरा एक हेक्टेयर का हो और जिसमें वृक्ष वितान (कैनपी) की सघनता दस प्रतिशत से ज्यादा है। लेकिन वन विभाग के दस्तावेजों में जो जमीन जंगल की है, वो जंगल क्षेत्र में मान ली जाती है, लिहाजा मापन में उस इलाके को भी वन क्षेत्र में शामिल कर लिया जाता है जहां वस्तुतः सघन वृक्ष उपस्थिति नहीं है। इसीलिए सरकार के दावे पर सवाल उठे हैं। जंगल की कानूनी वैधता, उसकी… Continue reading क्या सचमुच जंगल फैले हैं?

चिंताजनक पहलुओं पर गौर करें

देश में वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है। लेकिन पूर्वोत्तर भारत में इसमें तेजी से कमी आई है। पर्यावरणविदों ने इसे खतरे की घंटी बताया है। इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2019 के मुताबिक देश में वन क्षेत्र में 3,976 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। लेकिन पूर्वोत्तर में असम और त्रिपुरा को छोड़ बाकी छह राज्यों में 765 वर्ग किमी वन क्षेत्र कम हो गया है। हर दो साल बाद सर्वेक्षण के जरिए देश के वन संसाधनों का आकलन किया जाता है। 1987 से अब तक 16 बार यह रिपोर्ट जारी हुई है। इससे पहले की कई रिपोर्ट्स में भी इलाके में वन क्षेत्र के सिमटने का जिक्र किया गया था। ताजा आईएसएफआर में कहा गया है कि देश में जंगलों का क्षेत्रफल बीते दो साल में 5,188 वर्ग किमी बढ़ा है। इसमें 3,976 वर्ग किमी फॉरेस्ट कवर यानी वन आवरण और 1,212 वर्ग किमी वृक्ष आवरण है। इसके साथ ही जंगलों में कार्बन स्टाक 4.26 करोड़ टन बढ़ा है, जो वातावरण से कार्बन घटाने में काम आता है। इस दौरान मैंग्रोव वन का क्षेत्रफल 54 वर्ग किमी बढ़ी है। इसमें दो वर्ष के दौरान 1.10 फीसदी वृद्धि हुई। केंद्र का कहना है कि ये रिपोर्ट अच्छा संकेत… Continue reading चिंताजनक पहलुओं पर गौर करें

और लोड करें