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अमेरिका में क्वाड की बैठक में हिस्सा लेंगे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो साल के बाद अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। अपने दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री वाशिंगटन जाएंगे, जहां उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति से दोपक्षीय वार्ता होगी

ये प्यार है साहब, इसे पैसों से नहीं तौलते : जापान की राजकुमारी ने अपनी ब्वॉयफ्रैंड के लिए छोड़ा शाही परिवार, ठुकराए इतनी करोड़…

टोक्यो | Princess Of Japan Marriage : इतिहास ऐसी कहानियों से भरा पड़ा है जिसमें प्रेम के लिए लोगों ने संपत्तियों को ठुकरा दिया हो. ताजा मामला जापान की राजकुमारी माको से जुड़ा हुआ है. शाही परिवार में जन्म देने वाली माको ने सब कुछ छोड़ कर अपने बॉयफ्रेंड के साथ शादी करने का निर्णय ले लिया है. माको ने यह बड़ा निर्णय एक आम आदमी से शादी करने के लिए लिया है. बताया जाता है कि इस निर्णय के कारण उन्होंने करीब 8 करोड रुपए और शाही जिंदगी को ठुकरा दिया है. बताया जा रहा है कि माको शादी के बाद अमेरिका में सेटल होने जा रही हैं. बता दें कि मां को के बॉयफ्रेंड का नाम कोमुरो है और वे पिछले 10 सालों से उनके साथ रिलेशनशिप में थी. लेकिन अब अंततः शादी करने का निर्णय ले लिया है. जापान के क्राउन प्रिंस की बेटी हैं माको Princess Of Japan Marriage : माको जापान से क्राउन प्रिंस की बेटी और सम्राट नारूहितो की भतीजी हैं. दोनों ने निर्णय लिया है कि वे बिना किसी पारंपरिक समारोह के एक दूसरे के हो जाएंगे. यहां बता दें कि दोनों की शादी को लेकर जापान की जनता नाखुश थी और सोशल… Continue reading ये प्यार है साहब, इसे पैसों से नहीं तौलते : जापान की राजकुमारी ने अपनी ब्वॉयफ्रैंड के लिए छोड़ा शाही परिवार, ठुकराए इतनी करोड़…

जापानी सेना के अनसुने वॉर क्राइम जहां महिलाओं के साथ जबरन संबंध बनाकर बॉडी में डाले जाते थे खतरनाक वायरस..

नई दिल्ली: इतिहास में कई भयानक युद्ध हुए हैं जिसके बारे में सुनकर आज भी हमारी रूह कांप जाती है। इन युद्ध में लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। ( Unheard War Crimes in japan ) अगर इतिहास के सबसे भीषण युद्ध की बात करें तो हमारे दिमाग में अमेरिकी सेना द्वारा जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराने की घटना सामने आती है।  वहीं किसी युद्ध में नागरिकों, महिलाओं और बच्चों पर होने वाले अपराधों यानी वार क्राइम के बारे में लोग कम जानते होंगे। एक ऐसे ही वार क्राइम के बारे में आपको बताते हैं जिसे जापान ने अंजाम दिया……. also read: टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे है हरविंद्र, हरियाणा से आर्चरी के एकमात्र खिलाड़ी ऐसे हुई जैविक हथियार बनाने की शुरुआत दरअसल, यूनिट 731 को जापान की सेना ने जैविक हथियार बनाने के लिए शुरू किया था, ताकि वो दुश्मनों पर इसका उपयोग कर सकें। ( Unheard War Crimes in japan ) इसकी सीक्रेट लैब्स में इंसानों के शरीर में खतरनाक वायरस और केमिकल्स डालकर प्रयोग होते थे। इंसानों को इस लैब में ऐसी खौफनाक यातनाएं दी जाती थीं। जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होगा। महिलाओं… Continue reading जापानी सेना के अनसुने वॉर क्राइम जहां महिलाओं के साथ जबरन संबंध बनाकर बॉडी में डाले जाते थे खतरनाक वायरस..

क्या इंसान 150 साल तक जीवित रह सकता है..आइये जानते है स्टडी क्या कहती है

पुराने जमाने में इंसान की उम्र 200 साल तक मानी जाती थी। जब भीष्म पितामह महाभारत का युद्ध लड़ रहे थे तो उनकी उम्र 150 साल थी। इस बात से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि पहले लोगों की उम्र ज्यादा होती थी। हमारे जो बुजुर्ग लोग होते वो ज्यादा से ज्यादा 80 साल तक जीवित रह सकते है। 21 वीं सदी में  80 वर्ष के आसपास जीने की उम्मीद कर सकते हैं, लेकिन कुछ लोग उम्मीद से आगे जाकर सौ बरस से अधिक भी जीते है। ओकिनावा, जापान और सार्डिनिया, इटली जैसे स्थानों में, ऐसे कई लोग हैं जो अपनी उम्र का सैकड़ा पार कर चुके हैं। इतिहास के सबसे उम्रदराज व्यक्ति के तौर पर फ्रांस की महिला जीन कैलमेंट का नाम लिया जाता है, जो 122 वर्ष की थी। वह 1875 में पैदा हुई थीं और उस समय औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 43 वर्ष थी। जिस तरह का माहौल चल रहा है उसमें कोई ज्यादा जीने की उम्मीद नहीं कर सकता है। कोरोना काल में अभी जो जीवित है वहीं सुरक्षित है। कौन कब चला जाए कुछ पता नहीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यही हीलत है। एक अनुमान यह लगया जाता है कि पहले के लोग… Continue reading क्या इंसान 150 साल तक जीवित रह सकता है..आइये जानते है स्टडी क्या कहती है

ओलिंपिक इतना जरूरी क्यों?

जब जापान कोरोना महामारी के कारण आपातकाल झेल रहा है, तब ये सवाल अहम है कि क्या कंपनियों का आर्थिक नुकसान खिलाड़ियों की सेहत और आम जन भावना से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है? गौरतलब है कि जापान में महामारी के कारण दो तिहाई लोग इन खेलों को रद्द करने के पक्ष मे राय जता रहे हैं। ये बात समझी जा सकती है कि अगर टोक्यो में होने वाले अगले ओलिंपिक खेलों को रद्द किया गया, तो उससे अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी), स्थानीय आयोजकों और प्रायोजकों को भारी नुकसान होगा। उस नुकसान के एक बड़े हिस्से भरपाई बीमा कंपनियों को करनी होगी, इसलिए ये कंपनियां भी नहीं चाहेंगी कि ये खेल टलें। लेकिन जब जापान कोरोना महामारी के कारण आपातकाल झेल रहा है, तब ये सवाल अहम है कि क्या कंपनियों का आर्थिक नुकसान खिलाड़ियों की सेहत और आम जन भावना से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है? जापान में फिलहाल महामारी के कारण आपातकाल लगा हुआ है। तमाम जनमत सर्वेक्षणों दो तिहाई लोग इन खेलों को रद्द करने के पक्ष मे राय जता रहे हैं। कई खिलाड़ियों ने भी अपनी आशंकाएं जताई हैं। लेकिन आईओसी और टोक्यो की स्थानीय आयोजन समिति इस माहौल में ही अगले 23 जुलाई से 8 अगस्त तक इन खेलों… Continue reading ओलिंपिक इतना जरूरी क्यों?

2020 के आंकड़ों से डर गये तो रुकिए..पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त- WHO ने दुनिया को किया आगाह

जिनेवा: देश सवा साल से कोरोना महामारी से जूझ रहा है। लगातार हालत और ज्यादा खराब होते जा रहे है। पिछले वर्ष मार्च 2020 में जब कोरोना के केस भारत में मिले थे और संख्या बढ़ने लगी तो भगवान का नाम लेकर 2020 को अलविदा किया था। और सोचा 2021 कुछ अच्छा लेकर आएगा। लेकिन जो हालात देखने को मिल रहे है इसे देखकर लगते है कि यह वर्ष उससे भी बुरा है। इन हालातों को देखकर WHO ने भी चेताया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस की महामारी पिछले साल के मुकाबले इस साल और ज्यादा घातक साबित होगी। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एदानोम गेब्रेसस ने कहा कि हम कोरोना वायरस की इस महामारी को पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा जानलेवा होता हुआ देख रहे हैं।  WHO ने बताया है कि दुनिया भर में अब तक 33 लाख 46 हजार से ज्यादा लोग कोरोना के कारण जान गंवा चुके हैं।  उधर ओलंपिक के आयोजन को रद्द करने की मांग के बीच जापान ने देश में आपातकाल की अवधि बढ़ा दी है। जापान में कोरोना की चौथी लहर चल रही है। इसे भी पढ़ें आइये जानते है आखिर क्या है ब्लैक फंगस? इससे बचने… Continue reading 2020 के आंकड़ों से डर गये तो रुकिए..पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त- WHO ने दुनिया को किया आगाह

इस देश में महामारी से पहले से ही लोग पहनते है मास्क, आइये जानते है भारत के बाहर होने वाली कुछ अजीबो-गरीब चीजों के बारे में..

दुनिया में कुछ ऐसी अजीबो-गरीब चीजे होती है जिनसे हम बेखबर होते है। भारत में कुछ ऐसी चीजें है जिनमें से कुछ को तो हम जानते है औक कुछ चीजो से हम बेखबर है। जहां हन रह रहे होते है वहां की चीजे हमें ज्यादा खास नहीं लगती है। अपने देश से बाहर की घटनाओं से हम ज्यादा प्रभावित होते है। हमारे आम जीवनशैली में कुछ ऐसे वाकये होते हैं, जिन्हें अमूमन नहीं देखा जाता। हालांकि कुछ देशों में ऐसी आम बातें हैं, जिसके बारे में जानने के बाद भारत के लोग भौचक्के भी हो जाएंगे। चलिए हम आपको ऐसे की कुछ अजीबोगरीब वाकये के बारे में बताते हैं.. इसे भी पढ़ें Delhi High Court :  गिड़गिड़ाइए, उधार लीजिए या चुराकर लाइए लेकिन कहीं से भी ऑक्सीजन लेकर आइए… रूस में रखने होते है दो पासपोर्ट भारत में एक ही पासपोर्ट पर लगभग सारे काम हो जाते हैं।  यदि घरेलू उड़ान भर रहे हैं तो उसके लिए कोई पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती है। लेकिन विदेश जाना हो तो पासपोर्ट होना बेहद जरूरी है। लेकिन रूस में घरेलू यात्रा के लिए अलग और विदेश जाने के लिए दूसरा पासपोर्ट रखना होता है।   इस देश में नहीं होते गलियों के नाम… Continue reading इस देश में महामारी से पहले से ही लोग पहनते है मास्क, आइये जानते है भारत के बाहर होने वाली कुछ अजीबो-गरीब चीजों के बारे में..

Tokyo Olympics 2021 : कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण निरस्त हो सकता है ओलम्पिक

टोक्यो | जापान के टोक्यो शहर (Japan Tokyo City) में प्रस्तावित ओलंपिक गेम्स (Olympics 2021) कोविड महामारी (Covid19 Pandemic) के बढ़ते प्रभावी के चलते निरस्त किए जा सकते हैं। इसको लेकर सत्तारूढ़ पार्टी के नेता का बयान आया है। अब ओलंपिक की डेडलाइन में 100 दिन शेष रहे हैं। इसे पढ़ें : IPL 2021: आउट होने के बाद कोहली ने कर दी थी तोड़फोड़ , डर गये थे डगआउट में बैठे खिलाड़ी लिबरल डेमेक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) जो जापान की सत्तारूढ़ पार्टी है के महासचिव तोशिहिरो निकाई ने कहा कि अगर कोरोना वायरस से स्थिति और बिगड़ती है। इस साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक को रद्द करना भी एक विकल्प हो सकता है। प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के बाद पार्टी में नंबर-2 के नेता निकाई का यह बयान खासा मायने रखता है। उन्होंने एक टीवी को बताया कि अगर कोरोना वायरस से स्थिति और बिगड़ती है तो खेलों को रद्द करना एक विकल्प हो सकता है। उनका बयान ऐसे समय में सामने आया है जब ओलंपिक शुरू होने में मात्र 100 दिन शेष रह गए थे। आपको बता दें कि यह ओलंपिक का आयोजन पिछले साल होना था। परन्तु कोरोना वायरस महामारी के कारण इसे 2021 तक स्थगित किया गया था। इसे… Continue reading Tokyo Olympics 2021 : कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण निरस्त हो सकता है ओलम्पिक

गहरी चिंता की बात

जापान अगर पूरी दुनिया को पहले से भरोसे में ले लेता, तो फुकुशिमा न्यूक्लीयर प्लांट के दूषित जल को प्रशांत महासागर में बहाने के उसके फैसले पर इतनी आशंकाएं पैदा नहीं होतीं। फिलहाल जापान सरकार के फैसले से इस क्षेत्र के देशों में पैदा हुई गहरी चिंता को वाजिब ही कहा जाएगा। गौरतलब है कि चीन और दक्षिण कोरिया ने इस पर अपना विरोध खुल कर जताया है। उनकी इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता इस कदम का बुरा असर आसपास के सभी देशों पर पड़ेगा। बल्कि गैर सरकारी संस्था ग्रीनपीस ने तो जापान सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए यहां तक कहा है कि ये निर्णय मानव अधिकारों और फुकुशिमा के लोगों के अधिकारों की पूरी अनदेखी करते हुए लिया गया है। इसका खराब असर पूरे एशिया प्रशांत क्षेत्र पर पड़ेगा। ग्रीनपीस की जर्मनी शाखा ने आरोप लगाया है कि जापान सरकार गलत जानकारियां देकर अपनी जनता और दुनिया को धोखा दे रही है। उसके मुताबिक फुकुशिमा प्लांट का जल अब भी दूषित और खतरनाक है। इसलिए ये कहना गलत है कि इससे मानव जीवन को कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। 2011 में आए भूकंप और सुनामी के कारण फुकुशिमा परमाणु संयंत्र नष्ट हो गया… Continue reading गहरी चिंता की बात

अपने में खोये युवा!

जापान के युवा आज दुनिया, यहां तक कि अपने भी समाज की ज्यादा चिंता नहीं करते। एक हालिया अध्ययन में देखा गया कि आज का जापानी युवा बहुत ही गैर राजनीतिक सोच वाला है। जब तक उसका मोबाइल फोन काम कर रहा हो, वह तब तक खुश रहता है। इससे आगे की उसे चिंता नहीं होती। ये नौजवान जापान की बदलती राजनीति पर कोई राय नहीं रखते। विरोध प्रदर्शनों में उसे कोई लाभ नहीं दिखता। यानी कुल मिला कर उसकी दुनिया बहुत सिमट चुकी है। जापान के क्योटो स्थित रित्सुमिकान विश्वविद्यालय में हुए एक शोध का यही नतीजा है। इसके मुताबिक जापानी युवाओं में सामाजिक आंदोलनों के प्रति दिलचस्पी अन्य देशों के मुकाबले काफी घट चुकी है। आज महज 20 फीसद युवा जापानी ही मानते हैं कि वे समाज में कोई बदलाव ला सकते हैं। विश्वविद्याल के शोधकर्ताओं की तरफ से इस संबंध में नौ देशों में सर्वेक्षण कराया गया। उनमें चीन, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन शामिल हैं। उनके बीच राजनीति में सबसे कम दिलचस्पी जापानी युवा में ही दिखी। शोधकर्ताओं ने बताया है बकि 1960 और 1970 के दशक में हुए जापान में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में युवाओं की बड़ी भागीदारी होती थी। लेकिन आज सिर्फ 10 फीसदी… Continue reading अपने में खोये युवा!

चीन की बौखलाहट और क्वाड का भविष्य

हाल में क्वाड देशों- भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा संवाद हुआ। वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न इस अनौपचारिक स्वरूपी सम्मेलन का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि पहली बार चारों देशों के राष्ट्रप्रमुखों ने बैठक की। यूं

बाइडेन में है दम, मोदी सुधरें और लपकें मौका

यह शीर्षक अपने डॉ. वेदप्रताप वैदिक की थीसिस के विपरीत है। वैदिकजी भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया केक्वाड यानी‘क्वाड्रीलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग’ अर्थात चीन विरोधी मोर्चे परइस अखबार में लिख चुके हैं कि भारत क्यों किसी का मोहरा बने

अमेरिका के असली इरादे जाहिर हुए

चौगुटे की असलियत जल्दी ही सामने आ गई। चौगुटे के चारों राष्ट्रों के नेताओं ने अपने-अपने भाषण में चीन का नाम तक नहीं लिया था और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक लचीले और समावेशी संगठन की बात कही थी

ओलंपिक मशाल रिले का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार होगा

इस साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक की मशाल रिले का आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार जापान के फुकुशिमा प्रायद्वीप में 25 मार्च को होगा।

क्वाड नहीं है सॉफ्ट डिप्लोमेसी का मंच

सवाल है कि हिंद-प्रशांत में शांति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों पर आधारित व्यवस्था बनाने के लिए क्वाड के देश किस तरह से काम करेंगे? क्या इसके लिए क्वाड के देश कोई सैन्य गठजोड़ करने वाले हैं?

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