जियो प्लेटफॉर्म से देश पर राज

कहा जा सकता है कि अगर एक मोबाइल कंपनी एकाधिकार बना रही है तो उससे क्या बड़ी आफत आने वाली है? असल में आफत सिर्फ संचार और डाटा पर मोनोपॉली से नहीं आने वाली है, बल्कि उसके इस्तेमाल से बाकी सेवाओं को नियंत्रित करने की तैयारी से आने वाली है।

जियो का जलवा, 4 साल में जोड़े 40 करोड़ उपभोक्ता

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी के 2024 तक के पचास करोड़ उपभोक्ताओं के लक्ष्य की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए 2020-21 की पहली तिमाही में वैश्विक महामारी

जियो-फेसबुक करार पर कयास

पिछले हफ्ते जब रिलायंस जियो और फेसबुक में बड़ा करार हुआ, तो बहुत से लोगों को हैरत हुई। ये आम राय है कि फेसबुक ने जियो के लगभग 10 प्रतिशत शेयर के लिए 43 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की जो रकम चुकाई है, वह ज्यादा है।

अपना सिस्टम क्रोनी या भ्रष्ट, निकम्मा?

भारत का कौन खरबपति फिलहाल मन ही मन बम-बम होगा? जवाब है मुकेश अंबानी और उनकी जियो कंपनी। देश की पुरानी-स्थापित टेलीकॉम कंपनियां बरबादी की कगार पर हैं। ये दिवालिया होंगी तो जियो टेलीकॉम की चांदी है। भारत में सरकार, अदालत, मीडिया सबका कैसे इस्तेमाल कर एकाधिकार बना देश को, लोगों को चूना लगाना है, बिना लाइसेंस के टेलीकॉम की झुग्गी-झोपड़ी बना कर सीडीएमए तकनीक से सस्ती सेवा के बहाने रिलायंस कम्युनिकेशन का बाजार में छा कर बाकी कंपनियों को नानी याद कराते हुए, ग्राहकों को, बैंकों को चूना लगाने की दास्तां को लोग भूले नहीं हैं तो मुफ्त सेवा से जियो की एकाधिकारी रणनीति को भी हर समझदार बूझता है। क्रोनी पूंजीवाद और भ्रष्ट सिस्टम, निकम्मी सरकार व नेताओं के राज में अरबपति-खरबपति कैसे बना जाता है इसकी भारत दास्तां दुनिया में इसलिए् अनूठी है क्योंकि अच्छी-अच्छी विदेशी कंपनियां, देश के पुराने घराने (टाटा, बिड़ला, वाडिया) भी धागे से लेकर पेट्रोलियम-गैस, रिटेल, टेलीकॉम जैसे तमाम धंधों में चोरी, ऊपर से सीनाजोरी के अंदाज में मां भारती को लूटने में जैसे निर्लज्ज रहे हैं वैसे पुतिन के क्रोनी खरबपति भी नहीं रहे! इस वास्तविकता में भारत का राजा कोई हो, मनमोहन सिंह हों या नरेंद्र मोदी हमेशा सिस्टम, अफसर क्रोनी… Continue reading अपना सिस्टम क्रोनी या भ्रष्ट, निकम्मा?

दिल्ली पुलिस ने कुछ इलाकों में कॉल, इंटरनेट बंद रखने को कहा

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ गुरुवार को विरोध प्रदर्शन तेज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने एयरटेल, जियो, एमटीएनएल, बीएसएनएल और वोडाफोन आइडिया सेलफोन ऑपरेटरों को पत्र लिखा है कि वे राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में सभी संचार सेवाओं को बंद कर दें। दिल्ली पुलिस द्वारा सेलफोन ऑपरेटरों को लिखे गए पत्र में कहा गया है, मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह निर्देश दिया जाता है कि सभी प्रकार के संचार, यानी कॉल, एसएमएस और इंटरनेट को रोक दिया जाए। जिन क्षेत्रों में सेलुलर सेवाओं को रोकने के लिए कहा गया है, उनमें उत्तर और मध्य दिल्ली के इलाके शामिल हैं। इनमें मंडी हाउस, जामिया नगर, शाहीन बाग, सीलमपुर, जाफराबाद और बवाना ऐसे इलाके हैं, जहां मोबाइल सेवाओं को बंद करने के लिए कहा गया है। पुलिस के अनुसार, ये वह विशिष्ट क्षेत्र हैं, जहां से भीड़ विरोध प्रदर्शन के केंद्र में पहुंच सकती है। पुलिस ने मध्य दिल्ली क्षेत्र में धारा 144 लगा दी है और एहतियात के तौर पर कम से कम 17 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में… Continue reading दिल्ली पुलिस ने कुछ इलाकों में कॉल, इंटरनेट बंद रखने को कहा

दूरसंचार सेक्टर पर 7.88 लाख करोड़ का भारी कर्ज

नई दिल्ली। दूदरसंचार सेक्टर इन दिनों भारी दिक्कतों से गुजर रहा है। जियो के आने के बाद कई कपंनियां बद हो गई। आइडिया को वोडाफोन के साथ विलय करना पड़ा। कंपनियों में छिड़ी प्राइस वार की वजह से हजारों लोगों की नौकरियां गई। अब खबर है कि वोडाफोन और एयरटेल अपने कर्ज को चुकाने में असमर्थता जता रहे हैं। दूरसंचार सेक्टर की बुरी हालत के चलते अगले महीने से सभी कंपनियों ने टेरिफ बढ़ाने की भी बात की है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में एक जवाब में कहा कि 31 अगस्त 2017 की अंतर-मंत्रालयी समूह की रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार उद्योग का कुल कर्ज 7.88 लाख करोड़ रुपये है। दूरसंचार सेक्टर पर 7.88 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम कर्ज है और यह 31 अगस्त 2017 के आंकड़ों के अनुसार है। संसद में बुधवार को यह जानकारी दी गई। इसमें से भारतीय कर्ज कुल 1.77 लाख करोड़ रुपये, विदेशी कर्ज 83,918 करोड़ रुपये और कुल बैंक/एफआई कर्ज 2.61 लाख करोड़ रुपये है। बैंक गारंटी 50,000 करोड़ रुपये है। दूरसंचार विभाग की डेफर्ड स्पेक्ट्रम लायबिलिटीज 2.95 लाख करोड़ रुपये है। अन्य तीसरे पक्ष की देनदारियां 1.80 लाख करोड़ रुपये हैं। इस तरह से कुल देनदारियां 7.88 लाख करोड़ रुपये की… Continue reading दूरसंचार सेक्टर पर 7.88 लाख करोड़ का भारी कर्ज

नाकामी की ओर ‘सक्सेस स्टोरी’

टेलीकॉम को भारत की सक्सेस स्टोरी यानी सफलता की बड़ी कहानी बताया जाता रहा है। लेकिन अब ये क्षेत्र इतना संकटग्रस्त है कि ये कहानी अब नाकामी की कथा बन सकती है। दो बड़ी कंपनियां मुसीबत में हैं। और अनुमान लगाया जा रहा है कि फाइव जी सेवा आने पर जियो का इस क्षेत्र में पूरा एकाधिकार बन सकता है।

जियो की सभी सेवाएं हिंदी में भी उपलब्ध

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा है कि जियो की सभी सेवाएं हिंदी में भी उपलब्ध होंगी। इंदौर में शुक्रवार को आयोजित मैग्नीफिसेंट एमपी में मुकेश अंबानी आज अपनी कंपनी के बोर्ड की बैठक होने के कारण नहीं पहुंच सके।

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