वित्त मंत्री के दावे और हकीकत

दुनिया की सभी सरकारों का अपने कामकाज, पिछली सरकारों के कामकाज और विपक्ष के प्रति व्यवहार लगभग एक जैसा होता है। जैसे दुनिया की सभी सरकारें अपने बुरे कामों और गलत फैसलों को भी अच्छा कहती हैं। इसी तरह दुनिया की सभी सरकारें अपनी तुलना पिछली सरकारों के काम से करती हैं और अपने काम को बेहतर बताती हैं। दुनिया की सभी सरकारें कमियों का ठीकरा पहले की सरकारों पर फोड़ती हैं और उसके अच्छे कामों का श्रेय लेती हैं। दुनिया की सभी सरकारें विपक्ष को गैर जिम्मेदार बताती हैं, चाहे विपक्ष वहीं काम क्यों न कर रहा हो, जो सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष में रहते हुए किया हो। ये सब यूनिवर्सल नियम हैं और भारत की मौजूदा सरकार भी अपवाद नहीं है। फर्क सिर्फ डिग्री का है। मौजूदा सरकार ये सारे काम बहुत ज्यादा बड़े पैमाने पर कर रही है या ऐसे भी कह सकते हैं कि सिर्फ ये ही काम कर रही है। प्रधानमंत्री के भाषणों, मंत्रियों की प्रेस कांफ्रेंस और पार्टी प्रवक्ताओं की टेलीविजन बहसों को देख कर इसे समझा जा सकता है। यह भी पढ़ें: अदालते है लोकतंत्र का दीया! यह भी पढ़ें: भारत भी तो कुछ कहे चीन को! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक… Continue reading वित्त मंत्री के दावे और हकीकत

केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला, Black Fungus की दवा पर नहीं लगेगा Tax, रेमडेसिविर से भी GST 12 से घटाकर 5 फीसदी किया

नई दिल्ली | Black fungus Medicine Tax Free: देश में कोरोना संक्रमण (Corona Pandemic) का प्रकोप भले ही कम हो रहा हो, लेकिन इससे उपजे ब्लैक फंगस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। कई राज्य इसकी चपेट में है जहां बड़ी संख्या में इसके मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे केेन्द्र सरकार ने ब्लैक फंगस (Black Fungus) की दवा पर टैक्स नहीं लगाने का बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी काउंसिल ने ब्लैक फंगस की दवा को टैक्स फ्री करने को मंजूरी दी है। वहीं कोरोना वैक्सीन पर 5 फीसदी GST दर को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। ये भी पढ़ें:- UP Corona Treatment: मुर्दों को देते थे रेमडिसिवर का इंजेक्शन, कालाबाजारी करते हुए पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 44वीं बैठक में हुए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेमडेसिविर (Remdesivir) दवा पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया गया है। साथ ही ऑक्सीमीटर, मेडिकल ग्रेड की ऑक्सीजन और वेंटिलेटर पर भी जीएसटी की दर… Continue reading केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला, Black Fungus की दवा पर नहीं लगेगा Tax, रेमडेसिविर से भी GST 12 से घटाकर 5 फीसदी किया

यूथ का आज, कल दोनों खराब!

भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन में युवाओं की बड़ी कमी हो गई है और इसलिए चीन ने कानून बदल कर लोगों को तीन बच्चे पैदा करने की छूट दी है। इसके उलट भारत में 18 से 44 साल की उम्र के लोगों की संख्या 60 करोड़ है। यानी भारत की पूरी आबादी में 40 फीसदी से ज्यादा लोग 18 से 44 साल की उम्र वाले हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण और उसको संभालने में भारत की विफलता ने सबसे ज्यादा इसी समूह के लोगों को प्रभावित किया है। भारत में 18 साल से कम उम्र की आबादी भी 25 फीसदी से ज्यादा है। इन बच्चों को भारत का भविष्य कहा जाता है। इन्हीं के बारे में नरेंद्र मोदी सरकार ने नारा दिया था- पढ़ेगा इंडिया, तभी तो बढ़ेगा इंडिया। एक नारा- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का भी दिया गया था। लेकिन कोरोना संक्रमण के बीच पढ़ाई सरकार की प्राथमिकता में रहा ही नहीं इसलिए भविष्य तो अंधकारमय हो गया है। युवाओं का वर्तमान भी पूरी तरह से चौपट हो गया है। यह भी पढ़ें: सब खलास, शिक्षा सर्वाधिक! यह भी पढ़ें: आर्थिकी भी खलास! एक-एक करके उनके लिए सारे… Continue reading यूथ का आज, कल दोनों खराब!

राज्यों के समूह बन रहे हैं

भारत में अब तक राज्यों के मुख्यमंत्रियों या पार्टियों के नेताओं की बीच साझेदारी राजनीति को लेकर ही बनती थी। चुनाव के समय मोर्चा बनाने के लिए पार्टियों के नेता मिलते थे। लेकिन अभी कोरोना के संकट में राज्य दूसरे कारणों से अपने समूह बना रहे हैं। गैर भाजपा राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक साथ आ रहे हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने 11 राज्यों के  मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी है और कहा है कि वे केंद्र पर दबाव बनाएं कि वह खुद से वैक्सीन खरीदे और राज्यों को उसकी आपूर्ति करे। मुख्यमंत्री विजयन ने बहुत विस्तार से लिखी गई इस चिट्ठी में राज्यों की आर्थिक हालत के बारे में बताया है और यह भी कहा है कि जब तक पर्याप्त संख्या में लोगों को वैक्सीन नहीं लगती है तब तक हर्ड इम्यूनिटी नहीं बन सकती है। उन्होंने लिखा है कि राज्यों के टेंडर से बात नहीं बन रही है। इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसी मसले पर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है। गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री वैक्सीन नीति में बदलाव और वैक्सीन की केंद्रीकृत खरीद के लिए आगे और दबाव बनाएंगे। इसी तरह जीएसटी कौंसिल में वैक्सीन… Continue reading राज्यों के समूह बन रहे हैं

महान असफलताओं के दो साल!

असफलताओं को महान बताना एक किस्म का विशेषण विपर्यय है, लेकिन यह जरूरी है क्योंकि इन दो सालों की असफलताएं इतनी बड़ी हैं कि कोई दूसरा विशेषण उसके साथ न्याय नहीं कर सकता। ये असफलताएं हर किस्म की हैं। यह भी पढ़ें: आंसुओं को संभालिए साहेब! यह भी पढ़ें: कमान हाथ में लेने की नाकाम कोशिश! वैसे तो नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने सात साल हो गए हैं। लेकिन सिर्फ दो साल का आकलन इसलिए क्योंकि पहले पांच साल के उनके कामकाज पर देश की जनता ने अपनी सहमति दी है। उन्हें पहले से ज्यादा वोट और ज्यादा सीटें देकर फिर से सत्ता सौंपी। नोटबंदी और जीएसटी जैसी महान भूलों को जनता ने क्षमा किया या स्वीकार करके आगे बढ़ने का निश्चय किया। उन पांच सालों की बातें भले इतिहास में जिस रूप में दर्ज हुई हों पर भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में उसे एक सफलता के तौर पर देखा जाएगा। उसकी सफलता थी, जो नरेंद्र मोदी ज्यादा बड़े बहुमत के साथ 30 मई 2019 को फिर से देश के प्रधानमंत्री बने। आजाद भारत के इतिहास में वे तीसरे नेता हैं, जिन्होंने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करके लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। अगले हफ्ते उनके… Continue reading महान असफलताओं के दो साल!

जो कुछ नहीं करते कमाल करते हैं!

भारत सरकार इन दिनों सिर्फ कमाल ही कर रही है। चाहे देश की वैक्सीनेशन नीति बनाने वाले हों या सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार हों, देश की वित्त मंत्री हों या देश के कानूनी अधिकारी हों, सब अपने अपने स्तर पर कमाल कर रहे हैं। देश की वित्त मंत्री ने रविवार को एक के बाद एक 16 ट्विट करके ममता बनर्जी की एक मांग का जवाब दिया। लेकिन क्या कमाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन और दवाओं पर जीएसटी लगाना जरूरी है क्योंकि अगर टैक्स नहीं लगाया तो इनकी कीमत बढ़ जाएगी, जो जनता को चुकानी होगी, जैसे जीएसटी दूसरे ग्रह के लोग चुका रहे हैं! इस कमाल के बारे में आगे चर्चा करेंगे लेकिन उससे पहले यह जानें कि देश के सबसे बड़े कानूनी अधिकारियों ने क्या कमाल किया है। उन्होंने वैक्सीनेशन नीति की कमियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर केंद्र सरकार का हलफनामा दिया है, जिसमें कहा है कि वैक्सीन का बोझ तो जनता पर पड़ ही नहीं रहा है क्योंकि राज्य वैक्सीन खरीद रहे हैं और मुफ्त में लगवा रहे हैं। सोचें, जैसे राज्य मंगल ग्रह से पैसे लाकर वैक्सीन खरीद रहे हैं! सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने… Continue reading जो कुछ नहीं करते कमाल करते हैं!

एक लाख 41 हजार करोड़ की जीएसटी वसूली

नई दिल्ली। वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी कानून लागू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि लगातार सात महीने तक जीएसटी का कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर रहा और नए वित्तीय वर्ष के पहले महीने अप्रैल में जीएसटी की वसूली एक लाख 41 हजार करोड़ रुपए की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। इससे पहले मार्च में भी एक लाख 24 हजार करोड़ रुपए की वसूली हुई थी और वह भी एक रिकार्ड था। एक मई को जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में कुल एक लाख 41 हजार 384 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ है। कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन व आर्थिक गतिविधियों के सुस्त होने के बावजूद लगातार सातवें महीने जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर रहा है। सरकार की ओर से जारी अप्रैल महीने के जीएसटी आंकड़ों के मुताबिक, इसमें से सीजीएसटी यानी केंद्र सरकार का हिस्सा 27,837 करोड़ रुपए था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक एसजीएसटी यानी राज्यों का हिस्सा 35,621 करोड़ रुपए था। आईजीएसटी यानी एकीकृत जीएसटी के तहत 68,481 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ। इसमें सामानों के आयात से 29 हजार 599 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ। जबकि सेस के रूप में 9,445 करोड़ रुपए का कलेक्शन… Continue reading एक लाख 41 हजार करोड़ की जीएसटी वसूली

जीएसटी प्रणाली भटकी: सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देश में ‘एक देश, एक कर’ की अवधारणा के तहत शुरू की गयी कर प्रणाली ‘वस्तु एवं सेवा कर’ (जीएसटी) को देश में लागू करने के तौर-तरीके को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए बुधवार को कहा कि यह प्रणाली अपने मकसद से भटक गयी है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कहा कि संसद की मंशा थी कि जीएसटी नागरिकों के लिए सुगम कर प्रणाली हो, लेकिन जिस तरह से इसे देश भर में लागू किया जा रहा है, वह इसके मकसद को खत्म कर रहा है।हिमाचल प्रदेश जीएसटी के एक प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि कर अधिकारी हर कारोबारी को धोखेबाज नहीं कह सकता। हिमाचल प्रदेश जीएसटी अधिनियम, 2017 के उस प्रावधान को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि मामले की कार्यवाही लंबित रहने के दौरान अधिकारी चाहे तो बैंक खाते और अन्य सम्पत्ति जब्त कर सकता है।

GST Collection ने मार्च महीने में बनाया नया रिकॉर्ड, 1.23 लाख करोड़ का हुआ कलेक्शन, अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन

नई दिल्ली। लॉकडाउन के बाद देश में आर्थिक गतिविधियों में आ रही तेजी के साथ ही GST revenue collection में भी तेजी का रुख बना हुआ है और इस वर्ष मार्च में अब तक के रिकार्ड 123902 करोड़ रुपए का जीएसटी राजस्व सँग्रहीत हुआ है। मार्च में लगातार छठवें महीने GST राजस्व संग्रह एक लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। अक्टूबर 2020 से लगातार GST revenue collection एक लाख करोड़ रुपए के पार बना हुआ है। अक्टूबर 2020 में 105,155 करोड़ रुपए, नवंबर 2020 में 104,963 करोड़ रुपए, इसे भी पढ़ें – West Bengal Assembly Election : ममता ने रोया नंदीग्राम में गड़बड़ियों का रोना, राज्यपाल ने दिया ये जवाब दिसंबर 2020 में 115,174 करोड़ रुपये और इस वर्ष जनवरी में 119,875 करोड़ रुपए और फरवरी में 113143लाख करोड़ रुपए जीएसटी राजस्व सँग्रहीत हुआ था। मार्च 2021में जीएसटी राजस्व पिछले वर्ष इसी महीने में सँग्रहीत राजस्व से 27 फ़ीसदी अधिक है। वित्त मंत्रालय द्वारा आज यहां जारी GST Collection के आँकड़ों के अनुसार मार्च 2021 में संग्रहीत राजस्व में सीजीएसटी 22,973 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 29,329 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 62,842 करोड़ रुपये और 8,757 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति उपकर शामिल है। आईजीएसटी में 31,097 करोड़ रुपये और क्षतिपूर्ति उपकर में 660 करोड़ रुपये… Continue reading GST Collection ने मार्च महीने में बनाया नया रिकॉर्ड, 1.23 लाख करोड़ का हुआ कलेक्शन, अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन

पेट्रोलियम उत्पाद जीएसटी में नहीं

केंद्रीय वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का जिक्र करके इनके दाम कम होने की जो उम्मीद बंधाई थी उन पर भाजपा सांसद सुशील मोदी ने पानी फेर दिया है।

पेट्रोल-डीजल पर सरकार का दिखावा

अगर सचमुच केंद्र सरकार गंभीर है और कीमत कम करना चाहती है तो उसे यह दिखावा करने की जरूरत नहीं है।

एक लाख 13 हजार करोड़ जीएसटी मिला

अभी देश की अर्थव्यवस्था में भले तेजी नहीं लौटी है पर वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी की वसूली में तेजी लौट आई है। फरवरी के महीने में लगातार पांचवें महीने सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जीएसटी मिली है

सरकार कैसी आर्थिकी बनाना चाहती है?

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में बहुत ज्यादा लोकतंत्र है, जिसकी वजह से कड़े सुधारों लागू करने में मुश्किल आती है। उन्होंने इस कार्यक्रम में देश की भविष्य की अर्थव्यवस्था और देश की आर्थिकी को लेकर इस सरकार के विजन के बारे में भी बहुत कुछ कहा।

जीएसटी के कर्ज का ब्याज कौन देगा?

देश के सभी अखबारों में और खास कर कारोबारी अखबारों में यह खबर प्रमुखता से छपी है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी के बकाया मद में 42 हजार करोड़ रुपए राज्यों को जारी किया।

कानून वापसी तक चलेगा आंदोलन

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा है कि कानून वापस होने तक उनका आंदोलन चलेगा।

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