जीडीपी में सुधार बनाए रखना मुश्किल!

भारत सरकार में फीलगुड का माहौल है। आर्थिक मोर्चे पर एक के बाद एक लगातार दो अच्छी खबरें आई हैं। पहली खबर सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी को लेकर आई थी।

जीडीपी 7.5 फीसदी गिरी

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.9 फीसदी की भारी भरकम गिरावट के बाद दूसरी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पादन में थोड़ा सुधार हुआ है और यह दूसरी तिमाही में साढ़े  सात फीसदी गिरा है।

माइनस 9.5 फीसदी रहेगी जीडीपी

कोरोना महामारी के संकट के बीच भले अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के दावे किए जा रहे हैं पर हकीकत यह है कि अर्थव्यवस्था इस पूरे वित्त वर्ष में निगेटिव ही रहने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की विकास दर के माइनस में रहने के अंदेशे पर मुहर लगा दी है

और लोड करें