जदयू को चुभने लगी महंगाई

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती महंगाई का भाजपा की सहयोगी जनता दल यू ने भी विरोध किया है। जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा  है- पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हमें चुभ रही है, हमें दर्द हो रहा है और भारत सरकार पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर तत्काल रोक लगाए। गौरतलब है कि चार मई से लेकर अभी तक केंद्र सरकार की पेट्रोलियम कंपनियों ने दोनों ईंधनों के दाम में 24 बार बढ़ोतरी की है। इसे लेकर जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा- पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर सरकारी नियंत्रण बहुत जरूरी है। सरकार को कोई ऐसा उपाय करना चाहिए, जिससे पेट्रोल-डीजल की कीमत तय करने का अधिकार बाजार के हाथ में न हो। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि  राज्य सरकारों को वैट घटाना चाहिए। केसी त्यागी ने पेट्रोलियम पदार्थों पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों को टैक्स घटाने कहा। दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि महामारी के इस भयावह समय में तेल की कीमतों को बढ़ा कर सरकार आम लोगों से पैसे की उगाही कर रही है, जो सही नहीं है। कांग्रेस ने पिछले दिनों पेट्रोलियम उत्पादों की महंगाई को लेकर देश… Continue reading जदयू को चुभने लगी महंगाई

नीतीश की चिंता में भाजपा की कार्रवाई

बिहार विधान परिषद में भाजपा के विधायक टुन्ना जी पांडेय ने वहीं बात कही थी तो बिहार भाजपा के तमाम नेता अनौपचारिक बातचीत में कहते हैं। सबका कहना है कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहिए था क्योंकि उनकी पार्टी विधानसभा में तीसरे नंबर की पार्टी है। उनकी पार्टी के सिर्फ 43 विधायक जीते थे। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और उसे 75 सीटें मिली थीं। यहीं बात टुन्ना जी पांडेय ने कह दी। उन्होंने कहा कर चुनाव तो तेजस्वी जीते थे लेकिन परिस्थितियों के कारण नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई। उनके इस बयान के लिए भाजपा ने उनको पार्टी से निकाल दिया है।  भाजपा के नेताओं का कहना है कि पार्टी नीतीश कुमार की भावनाओं को लेकर इन दिनों कुछ ज्यादा ही संवेदनशील हो गई है। जब से लालू प्रसाद जेल से बाहर निकले हैं और जदयू नेताओं के उनके संपर्क में होने की खबरें आई हैं तब से भाजपा ज्यादा सावधान हो गई है। ऊपर से भाजपा-जदयू सरकार के दो सहयोगी, जीतन राम मांझी और मुकेश साहनी अलग तेवर दिखा रहे हैं। तभी टुन्ना जी पांडेय ने बयान दिया और आनन-फानन में पार्टी ने उनके… Continue reading नीतीश की चिंता में भाजपा की कार्रवाई

बिहार में कोई खिचड़ी पक रही है क्या?

राजद प्रमुख लालू प्रसाद के जेल के छूटने के बाद बिहार के राजनीतिक हलके में इस बात की चर्चा है कि अंदरखाने कोई खिचड़ी पक रही है। वैसे भी लालू प्रसाद जेल से रिहा होने के बाद से दिल्ली में ही है लेकिन भाजपा नेताओं की बेचैनी बढ़ी हुई है और दूसरी ओर उसकी सहयोगी जनता दल के नेताओं की तल्खी बढ़ी है। जनता दल के प्रवक्ता ने टेलीविजन की बहसों में परोक्ष रूप से भाजपा पर जिम्मेदारी डालने लगे हैं। उनको अपने मुख्यमंत्री का बचाव करना होता है लेकिन अब वे भाजपा को निशाना बनाने लगे हैं। ध्यान रहे भाजपा ने मंगल पांडेय को ही स्वास्थ्य मंत्री बनाया है, जो कोरोना की पहली लहर में भी आलोचना का शिकार हुए थे और मुख्यमंत्री को तीन बार स्वास्थ्य सचिव बदलना पड़ा था। ये भी पढ़ें: भाजपा में चले गए तो डर काहे का! बहरहाल, बिहार की राजनीति में कुछ बड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि हाल ही जनता दल यू में शामिल हुए एक बड़े नेता ने राजद से तार जोड़े हैं। दिल्ली में कुछ मुलाकातें होने की खबर है और जानकार सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद… Continue reading बिहार में कोई खिचड़ी पक रही है क्या?

लालू ने पार्टी नेताओं को दी नसीहत

पटना। हाल ही में जेल से छूटे लालू प्रसाद अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स से डिस्चार्ज हो गए हैं और रविवार को करीब साढ़े तीन साल के बाद उन्होंने पार्टी नेताओं को संबोधित किया। हालांकि यह संबोधन वर्चुअल था पर इसे लेकर राजद नेताओं में खासा उत्साह था। लालू प्रसाद करीब साढ़े तीन साल बाद अपनी पार्टी के नेताओं से रूबरू हुए। हालांकि वे खराब तबियत की वजह से तीन-चार मिनट से ज्यादा नहीं बोल पाए। उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं को जनता के बीच जाने और उनकी मदद करने को कहा। लालू प्रसाद ने पार्टी के करीब डेढ़ सौ नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग में कोरोना से परेशान बिहार के लोगों के प्रति चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वस्थ होते ही वे पार्टी के लोगों के बीच में आएंगे। लालू प्रसाद ने कहा- आप सभी पूरी तरह से अपने गरीब लोगों की सेवा करिए। लाखों लाख लोगों की मौत हुई है। चारों तरफ तबाही है। ऐसे समय में आपका फर्ज होता है कि जितना हो सके, जनता के बीच जाकर उनकी सेवा करिए। हम बीमार हैं, इस स्थिति में कहीं नहीं जा रहे हैं। जैसे ही ठीक होंगे, आप सबके बीच आएंगे। इससे पहले बिहार… Continue reading लालू ने पार्टी नेताओं को दी नसीहत

लालू के पटना में होने से कौन ज्यादा परेशान

लालू प्रसाद को जमानत मिल गई है। वे चारा घोटाले से जुड़े तीन मामलों में सजायाफ्ता हैं और जेल काट रहे थे। उनको इन तीनों मामलों में जमानत मिल गई है। इसलिए वे जेल से रिहा हो गए हैं। हालांकि अभी उनका इलाज चल रहा है इसलिए अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे पटना पहुंचेंगे। तभी सवाल है कि उनके पटना में रहने से किसको ज्यादा परेशानी होगी- भाजपा को या जदयू को? इसका पता तब चलेगा, जब वे पटना पहुंचेंगे। लेकिन उससे पहले भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी जिस तरह के ट्विट कर रहे हैं उससे भाजपा की परेशानी जाहिर हो रही है। उन्होंने लालू प्रसाद को जमानत मिलते ही ऐसी भद्दी भाषा में और ऐसे अहंकार से भरे ट्विट किए, जिससे लगा कि वे काफी परेशान हैं। राजद के नेता शिवानंद तिवारी ने उनके ट्विट के लिए उनकी खूब लानत-मलानत भी की। एक तरफ भाजपा परेशान है तो दूसरी ओर नीतीश कुमार चैन में दिख रहे हैं। उनको अपनी अनोखी स्थिति का पता है। उनके पास सिर्फ 44 विधायक हैं पर वे जानते हैं कि उनके बगैर न तो राजद की सरकार बन सकती है और न भाजपा की चल… Continue reading लालू के पटना में होने से कौन ज्यादा परेशान

जदयू का आंतरिक संतुलन बिगड़ेगा

उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी में शामिल होने और राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनने के बाद स्थितियां बदलेंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि कुशवाहा वापस अपने पैर जमा लेते हैं या उनकी भी स्थिति प्रशांत किशोर वाली होती है।

जदयू का सरकार में शामिल होना मुश्किल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तो सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर थी कि उनकी पार्टी जनता दल यू केंद्र सरकार में शामिल हो सकती है।

आलोचना कैसे हो बर्दाश्त!

नीतीश कुमार पिछले चुनाव अभियान के समय से आपा खोते रहे हैं। विधानसभा के पिछले सत्र के दौरान वे विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से तू तू- मैं मैं पर उतर आए थे।

बिहार में भाजपा के निशाने पर जदयू

बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन की दोनों बड़ी पार्टियों जदयू और भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। पहले दिन से दोनों में खींचतान चल रही है। दोनों के बीच विवाद का एक मुद्दा गृह मंत्रालय भी है।

सच के सामने नीतीश

कहा जाता है कि जीवन काल में ही इनसान को अपने हर सच का सामना करना पड़ता है। ऐसा लगता है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन में अपने सच से रू-ब-रू होने का वक्त आ गया है।

बिहार में रूका मंत्रिमडल विस्तार

बिहार में सरकार बनने के एक महीने के बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो सका है। इसे लेकर चल रही अटकलों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार रूका हुआ है।

बिहार सरकार ठप्प पड़ी है

बिहार में सरकार बने एक महीना होने जा रहा है। 10 नवंबर को आए चुनाव नतीजों के छह दिन बाद 16 नवंबर को सरकार बनी थी। लेकिन पिछले एक महीने से सरकार पूरी तरह से ठप्प है।

बिहार के मंत्रियों की छुट्टी होगी!

पता नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में फेरबदल कब करेंगे, लेकिन उससे पहले कई किस्म के अटकलें लगाई जा रही हैं। उन्हीं में से एक अटकल बिहार के मंत्रियों को लेकर भी है।

नीतीश की ताकत घटी, सुशील मोदी बाहर

भाजपा ने पहला मौका मिलते ही बिहार की राजनीति से सुशील कुमार मोदी को बाहर कर दिया। असल में प्रदेश भाजपा के कई ऐसे नेता तो पार्टी आलाकमान के करीबी माने जाते हैं वे बरसों से इस समय के इंतजार में थे

मोदी ने क्यों किया इतना बड़ा शो?

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनावी जीत पर बड़ा शो नहीं कर रहे हैं। उन्होंने शपथ समारोह भी बहुत छोटा रखा। उससे पहले भी कोई विजय रैली या जुलूस नहीं निकाला गया।

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