बाइडेन की ये चाल

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने देश का नया त्रिगुट बना कर बाकी यूरोप के साथ चीन विरोधी गठजोड़ की संभावना को झटका दिया है।

Afghanistan से लौटे अमेरिकी सैनिक, समय सीमा से पहले छोड़ दी अफगानी धरती

अमेरिका के सैनिक 20 साल बाद पूरी तरह से वापस लौट गए है। अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को बुलाने की तारीख 31 अगस्त तय की थी लेकिन, समय सीमा से पहले ही अफगान में अमेरिकी सैनिक वापस लौट गए..

धमाकों से गूंजा काबुल एयरपोर्ट, 12 अमेरिकी सैनिकों समेत 72 लोगों की मौत, अमेरिका गुर्राया, कहा- हम उन्हें मार गिराएंगे

ISIS खोरासान के आतंकियों का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को मौत की नींद सुलाया है। वहीं तालिबान इन धमाकों में खुद का हाथ होने से इनकार किया है और घटना पर दुख जताते हुए आतंकी हमले की निंदा की है

स्वास्थ्य पर करो राजनीति, बनाओ मुद्दा

एक दशक से ज्यादा समय तक बीएसपी की राजनीति के बाद नरेंद्र मोदी ने विकास और अच्छे दिन का वादा किया। उन्होंने गुजरात मॉडल पूरे देश में बेचा। लेकिन उसमें भी स्वास्थ्य प्राथमिकता नहीं था। गुजरात की अपनी स्वास्थ्य व्यवस्था कैसी है इसकी पोल कोरोना वायरस की महामारी के समय हाई कोर्ट में हुई सुनवाइयों से खुल गई है। यह भी पढ़ें: विपक्ष में क्या हाशिए में होगी कांग्रेस? कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया के राजनीतिक विमर्श को बदल दिया है। अब दुनिया की राजनीति स्वास्थ्य और चिकित्सा के ईर्द-गिर्द घूम रही हैं। दशकों या सदियों तक मुख्यधारा में उपेक्षित रहा स्वास्थ्य का क्षेत्र ही अब राजनीति का केंद्र है। दुनिया के सभ्य और विकसित देशों में तो फिर भी लोगों का स्वास्थ्य राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहा है लेकिन विकासशाली और अविकसित देशों में यह कभी भी राजनीतिक विमर्श का केंद्र नहीं रहा। भारत में पिछले तीन दशक में राजनीति जरूर बदली है लेकिन एकाध राज्यों को छोड़ दें तो राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य का मुद्दा चर्चा का केंद्र नहीं रहा है। पार्टियां लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करने के वादे नहीं करती हैं और न स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाने का वादा किया जाता है। तीन दशक… Continue reading स्वास्थ्य पर करो राजनीति, बनाओ मुद्दा

भारत क्यों नहीं चीन से सवाल पूछता?

कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच की जरूरत से भारत सरकार ने सहमति जताई है। अमेरिका में सबसे पहले इसकी मांग उठी और अब यूरोप, ब्रिटेन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक से इसकी मांग उठ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी खुफिया एजेंसियों को 90 दिन में इसकी जांच करने और रिपोर्ट देने को कहा है। भारत ने इससे सहमति जताई है लेकिन उसके बाद चुप्पी साध ली है। भारत की ओर चीन का नाम नहीं लिया जा रहा है और उससे सवाल पूछा जा रहा है। अब सवाल है कि अमेरिका सवाल पूछ रहा है लेकिन पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद भारत सवाल नहीं पूछ रहा है, ऐसा क्यों? इसका जवाब भाजपा के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिया है। स्वामी ने कहा है कि अमेरिका ने चीन के वुहान इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी की रिसर्च को फंडिंग दी थी इसलिए वह सवाल पूछ रहा है लेकिन भारत में इसका उलटा हुआ है। स्वामी का कहना है कि चीन के वुहान इंस्टीच्यूट ने वायरस पर रिसर्च के लिए भारत की संस्था टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च यानी टीआईएफआर को फंड किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मुख्य वैज्ञानिक सलाहकारा विजय राघवन भी नगालैंड के वुहान प्रोजेक्ट से… Continue reading भारत क्यों नहीं चीन से सवाल पूछता?

“ट्रिकल डाउन” से तौबा

ट्रिकल डाउन अर्थव्यवस्था का मतलब यह होता है कि अगर धनी तबकों के पास पैसा आता है, तो वह धीरे-धीरे रिस कर निम्न वर्ग तक जाता है। इससे सबकी स्थिति बेहतर होती है। इस आर्थिक सोच के पैरोकार इसे इस रूप में यह भी कहते रहे हैं कि नदी में पानी आता है, तो सबकी नांव ऊपर उठती है। अधिक गंभीर आर्थिक शब्दावली में इसे वॉशिंगटन कॉन्सेसस कहा जाता है, जिस पर अमेरिका और बाकी दुनिया पिछले तीन से चार दशक से चलती रही है। इसीलिए जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस समझ के विपरीत बात कही, तो उसने सबका ध्यान खींचा। राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल में पहली बार कांग्रेस (संसद) के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए बीते हफ्ते बाइडेन ने कहा- ‘ट्रिकल डाउन इकॉनमिक्स कभी कारगर नहीं हुआ। अब समय आ गया है, जब हम नीचे और मध्य स्तरों से अपना विकास करें।’ इस सोच को और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अति धनी तबकों पर टैक्स बढ़ाने की जरूरत बताई और कहा कि ऐसा करना अमेरिका में आर्थिक गैर-बराबरी की समस्या को हल करने के लिए जरूरी है। बात सिर्फ जुबानी नहीं है। बल्कि बाइडेन ने इसके पहले अपने बहुचर्चित ‘अमेरिकन जॉब्स प्लान’ के तहत… Continue reading “ट्रिकल डाउन” से तौबा

अरबपति का छोटा दिल

अमेरिकी पत्रिका फॉर्ब्स की जारी अरबपतियों की ताजा सूची से ये सामने आया कि पिछले साल भी अमेरिकी अरबपति जेफ बिजोस को कोई चुनौती नहीं दे सका। वे अभी दुनिया में सबसे धनी व्यक्ति हैं। इस वक्त उनकी संपत्ति लगभग 188 अरब डॉलर है। यानी पिछले तीन महीनों में इसमें लगभग 11 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। कोरोना महामारी की मार से जब बाकी दुनिया पीड़ित थी, तब उनकी संपत्ति में पिछले साल 75 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। तो ये उनकी हैसियत है। लेकिन बिजोस अपनी समृद्धि में अपने कर्मचारियों के साथ कुछ बांटना नहीं चाहते। इस बात की मिसाल अमेरिका के अलाबामा राज्य में स्थित उनकी कंपनी अमेजन के एक वेयर हाउस के कर्मचारियों का संघर्ष है। ये कर्मचारी इन दिनों यूनियन बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। जबकि बिजोस अपनी ताकत का इस्तेमाला कर कर्मचारियों के इस प्रयास में लगातार रोड़े अटका रहे हैं। ये मुद्दा काफी समय से अमेरिका में चर्चित है। गौरतलब है कि उस वेयर हाउस के लगभग छह हजार कर्मचारी तय सरकारी नियम के तहत यूनियन बनाने के सवाल पर मतदान कर चुके हैं। लेकिन अभी तक परिणाम नहीं आया है। अमेजन कंपनी ने तकनीकी रुकावटें खड़ी कर रखी है। ऐसी… Continue reading अरबपति का छोटा दिल

अपने-अपने दांव

अमेरिका ने एक साथ चीन और रूस दोनों के प्रति हमलावर रुख अपनाया है। नतीजा यह हुआ है कि चीन और रूस अब ज्यादा करीब आने को मजबूर हो गए हैं। पिछले हफ्ते अमेरिका और चीन के बीच अलास्का नाकाम रही। वहीं जो बाइडेन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के ‘हत्यारा’ कह दिया।

अमेरिका में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ी

अमेरिका में जो बाइडेन के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज हो गई है। उन्होंने शपथ लेने के तुरंत बाद मास्क भी अनिवार्य कर दिया था

फिलहाल भगवान भरोसे अमेरिका!

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राष्ट्रपति पद संभालने से पहले ही कोरोना महामारी को लेकर जो चिंता और समझ दिखाई है, वह आश्वस्त करने वाली है

अमेरिका की ट्रेजरी सेकट्रेरी बन सकती हैं जैनेट येलेन

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन फेडरल रिजर्व की पूर्व प्रमुख जैनेट येलेन को अमेरिका की अगली ट्रेजरी सेक्रेटरी के रूप में नामित करने की योजना बना रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया।

सोनिया और राहुल ने बाइडेन-हैरिस को दी चुनाव जीतने पर बधाई

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की ओर से 46 वें अमेरिकी राष्ट्रपति चुने गए जो बाइडेन और उप-राष्ट्रपति चुनीं गईं कमला हैरिस को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

बाइडेन और हैरिस जीते लेकिन अब आगे क्या होगा?

आज से लेकर 20 जनवरी 2021 के बीच 70 से ज्यादा दिन बाकी हैं, जब अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति शपथ ग्रहण करेंगे।शनिवार, 7 नवंबर को टेलीविजनों पर बाइडेन के प्रेसिडेंट चुने जाने की हेडलाइन प्रसारित हुईं।

मोदी ने बाइडेन को दी बधाई, कहा साथ मिल काम करेंगे दोनों देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर जो बाइडेन को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उपराष्ट्रपति के रूप में भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में उनका योगदान

भारत और अमेरिका का फर्क!

भारत के हम लोग फर्क को क्या बूझ सकते हैं? नहीं। और जैसे हम लोग नहीं समझ सकते कि अमेरिका का लोकतंत्र कैसे अलग है वैसे रूस, चीन, इस्लामी देश, तानाशाह देश भी नहीं बूझ सकते हैं।

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