चीन बढ़ा रहा है सैनिक

पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर भारतीय जवानों के साथ झड़प में कामयाब नहीं होने के बाद चीन अब उत्तरी इलाके में अपनी सैनिक तैनाती बढ़ा रहा है।

चीन को लाल आंख दिखाने का समय

नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तंज करते हुए कहा था कि वे चीन को लाल आंख क्यों नहीं दिखाते हैं? अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी खुद चीन को लाल आंख दिखाएं।

चीन से सभी चिंतित

चीनी सेना के बारे में अमेरिकी कांग्रेस में अपनी सालाना रिपोर्ट में पिछले दिनों पेंटागन- यानी अमेरिका रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अगले एक दशक के अंदर चीन अपने परमाणु हथियारों की संख्या दोगुनी कर सकता है।

भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच फिर से झड़प

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच फिर झड़प हो गई है। इसमें दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे को डराने-धमकाने और पीछे धकेलने

चीन से झड़प की सच्चाई बताएं मोदी,राजनाथ : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि सीमा पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ एवं झडपों की ताजा खबरें चिंता पैदा करती हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को इस मामले में सामने आकर यथास्थिति से देश को अवगत कराना चाहिए।

चीन से कैसे निपटेगा भारत?

चीन ने वैसे तो पूरी दुनिया को कोरोना वायरस की समस्या में उलझाया है पर भारत को उसने इसके साथ-साथ एक दूसरी मुश्किल में भी डाला है। उसने कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बीच सीमा पर नया विवाद खड़ा किया है।

सोनोवाल ने सोनितपुर मामले की जांच का आदेश दिया

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से उत्तरी असम के सोनितपुर जिले में विभिन्न समूहों के समर्थकों के बीच हुई झड़पों की जांच करने को कहा है।

चीन ने पेंगोंग सो क्षेत्र में नया निर्माण किया

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) के पास डेढ़ महीना पहले भारतीय सेना के साथ हुए झड़प के बाद अब चीनी सेना पीछे हट गई है, लेकिन उसने पोंगोंग सो क्षेत्र में कई नए निर्माण किए हैं।

ट्रंप ने मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया

भारत और चीन दोनों के मना कर देने के बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच पंच बनने का प्रस्ताव दिया है।

चीन को डराना है जरूरी!

भारत क्या चीन से डर रहा है या उसकी सैनिक, कूटनीतिक और आर्थिक ताकत को लेकर वह आशंकित है, जिसकी वजह से टकराव मोल लेने की बजाय जल्दी से जल्दी समझौते की पहल कर रहा है? भारत के उलट चीन समझौते को अपना विशेषाधिकार मान रहा है

चीन के सपने पर मोदी का हमला

पूर्वी लद्दाख में भारत चीन सीमा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 15-16 जून की रात भारत और चीन के सैनिकों में हुई खूनी झड़प के महज 18 दिन के भीतर ही तीन जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक लद्दाख का दौरा करके सबको चौंका डाला।

पीछे हटी भारत, चीन की सेनाएं

द्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा, एलएसी पर दो महीने तक रहे गतिरोध के बाद भारत और चीन की सेनाओं के पीछे हटने का काम कई जगहों पर पूरा हो गया है।

जीत का श्रेय लेने भाजपा प्रवक्ता नहीं पहुंचे!

यह बहुत हैरान करने वाली बात थी पर जिस समय लद्दाख में विवाद की जगह से चीन और भारत के सैनिक पीछे हटने लगे

भारत को क्यों जल्दी थी समझौते की?

यह बिल्कुल समझ में नहीं आने वाली बात है कि भारत को आखिर चीन के साथ समझौता करने की इतनी क्यों जल्दी थी?

चिदंबरम के गलवान पर सवाल

लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर हुए समझौते पर कांग्रेस ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन सवाल उठाए।

और लोड करें