रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स कानून खत्म होगा

केंद्र सरकार रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स यानी पिछली तारीख से टैक्स लगाने के लिए बनाए गए कानून को खत्म करने जा रही है। इसे खत्म करने के लिए एक विधेयक संसद में पेश किया गया है।

वाह! वैक्सीन पर टैक्स और टेस्टिंग पर राहत,GST काउंसिल ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले

आने वाले कुछ दिनों में ही लोगों को इन सामग्रियों में रेट के गिरने का पता चल जाएगा.

जो कुछ नहीं करते कमाल करते हैं!

भारत सरकार इन दिनों सिर्फ कमाल ही कर रही है। चाहे देश की वैक्सीनेशन नीति बनाने वाले हों या सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार हों, देश की वित्त मंत्री हों या देश के कानूनी अधिकारी हों, सब अपने अपने स्तर पर कमाल कर रहे हैं। देश की वित्त मंत्री ने रविवार को एक के बाद एक 16 ट्विट करके ममता बनर्जी की एक मांग का जवाब दिया। लेकिन क्या कमाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन और दवाओं पर जीएसटी लगाना जरूरी है क्योंकि अगर टैक्स नहीं लगाया तो इनकी कीमत बढ़ जाएगी, जो जनता को चुकानी होगी, जैसे जीएसटी दूसरे ग्रह के लोग चुका रहे हैं! इस कमाल के बारे में आगे चर्चा करेंगे लेकिन उससे पहले यह जानें कि देश के सबसे बड़े कानूनी अधिकारियों ने क्या कमाल किया है। उन्होंने वैक्सीनेशन नीति की कमियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर केंद्र सरकार का हलफनामा दिया है, जिसमें कहा है कि वैक्सीन का बोझ तो जनता पर पड़ ही नहीं रहा है क्योंकि राज्य वैक्सीन खरीद रहे हैं और मुफ्त में लगवा रहे हैं। सोचें, जैसे राज्य मंगल ग्रह से पैसे लाकर वैक्सीन खरीद रहे हैं! सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार ने… Continue reading जो कुछ नहीं करते कमाल करते हैं!

वैक्सीन पर टैक्स जरूरी : वित्त मंत्री

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एक के बाद 16 ट्विट करके पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री…

“ट्रिकल डाउन” से तौबा

ट्रिकल डाउन अर्थव्यवस्था का मतलब यह होता है कि अगर धनी तबकों के पास पैसा आता है, तो वह धीरे-धीरे रिस कर निम्न वर्ग तक जाता है। इससे सबकी स्थिति बेहतर होती है। इस आर्थिक सोच के पैरोकार इसे इस रूप में यह भी कहते रहे हैं कि नदी में पानी आता है, तो सबकी नांव ऊपर उठती है। अधिक गंभीर आर्थिक शब्दावली में इसे वॉशिंगटन कॉन्सेसस कहा जाता है, जिस पर अमेरिका और बाकी दुनिया पिछले तीन से चार दशक से चलती रही है। इसीलिए जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस समझ के विपरीत बात कही, तो उसने सबका ध्यान खींचा। राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल में पहली बार कांग्रेस (संसद) के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए बीते हफ्ते बाइडेन ने कहा- ‘ट्रिकल डाउन इकॉनमिक्स कभी कारगर नहीं हुआ। अब समय आ गया है, जब हम नीचे और मध्य स्तरों से अपना विकास करें।’ इस सोच को और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अति धनी तबकों पर टैक्स बढ़ाने की जरूरत बताई और कहा कि ऐसा करना अमेरिका में आर्थिक गैर-बराबरी की समस्या को हल करने के लिए जरूरी है। बात सिर्फ जुबानी नहीं है। बल्कि बाइडेन ने इसके पहले अपने बहुचर्चित ‘अमेरिकन जॉब्स प्लान’ के तहत… Continue reading “ट्रिकल डाउन” से तौबा

हाईवे प्राधिकरण सोने की खान!

nitin gadkari : नितिन गडकरी बहुत बेबाक अंदाज में अपनी बात कह देते हैं। उन्होंने बहुत पहले ही आरक्षण के बारे में कहा था कि इसकी जरूरत क्या है, जब सरकारी नौकरियां बचेगी ही नहीं! उनकी बात अक्षरशः सही साबित हुई। वे जिस सरकार में शामिल हैं वह सभी सरकारी कंपनियों को बेचती जा रही है इसलिए सरकारी नौकरियां भी खत्म होती जा रही हैं। ऐसे ही गडकरी ने पिछले दिनों कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिककरण यानी एनएचएआई सोने की खान है और यह कभी भी कर्ज के जाल में नहीं फंस सकता है। सचमुच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सोने की खान है पर उस खान का रास्ता लोगों की जेब तक जाता है। वह सोने की खान ऐसे ही नहीं बन गया है। पहले फास्ट टैग और अब जीपीएस के जरिए लोगों के खाते से सीधे पैसे काटने की व्यवस्था के जरिए इसे सोने की खान बनाया गया है। पिछले दिनों nitin gadkari ने खुद जीपीएस के जरिए पैसे काटने की योजना का ऐलान किया। असल में फास्ट टैग की सुविधा लागू करने के बाद भी एनएचएआई पर लगे टोल से सरकार को 30 हजार करोड़ रुपए की ही कमाई होती है। बहुत से लोग कम दूरी की यात्रा करते… Continue reading हाईवे प्राधिकरण सोने की खान!

सरकार कहां से जुटाएगी पैसा?

यह सरकार के लिए चिंता की बात होनी चाहिए कि उसका वित्तीय घाटा पूरे साल के लिए तय लक्ष्य को अभी ही पार कर गया है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष यानी 2019-20 के लिए वित्तीय़ घाटे का जो लक्ष्य तय किया था उससे नौ फीसदी ज्यादा पहले पांच महीने में ही हो चुका है।

कोरोना से बचे तो लोग महंगाई से मरेंगे

हो सकता है कि जिस समय आप इसे पढ़ रहे हों उस समय मंगलवार को लगातार 17वें दिन पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो चुकी हो। नहीं भी हुई हो तो कोई खास फर्क नहीं पड़ता है

भारत से छिन सकती है टी-20 विश्वकप की मेजबानी

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में टैक्स को लेकर चल रहे टकराव के कारण भारत को टी20 विश्वकप 2021 की मेजबानी से हाथ धोना पड़ सकता है।

कांग्रेस शासन वाले राज्य क्या करेंगे?

क्या कांग्रेस पार्टी के शासन वाले राज्य पेट्रोल-डीजल पर टैक्स नहीं बढ़ाएंगे या शराब के ऊपर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएंगे? कई राज्यों ने ऐसा करना शुरू कर दिया है।

क्लीयरटैक्स ने लाँच किया निल जीएसटी रिटर्न फाइलिंग फीचर

टैक्स और इन्वेस्टमेंट सलाह प्लेटफार्म क्लीयरटैक्स ने शून्य जीएसटी रिटर्न दाखिल करने वालों को ध्यान में रखते हुये गुरूवार को नया फीचर ‘निल जीएसटी

और लोड करें