कानून के ऊपर कोई नहीं

इस सदी के आरंभ में मशहूर आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ हुई कार्रवाई जिन लोगों को याद है, उनके लिए इस खबर में कोई हैरत की बात नहीं है। अमेरिका में कंपनी चाहे जितनी बड़ी हो, अनुचित कारोबार या एकाधिकार कायम करने की छूट उसे नहीं मिलती।

दुनिया के नेता भी ऐसा ही कर रहे हैं!

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और पिछले छह साल से प्रधानमंत्री के रूप में अगर पूछा जाए कि मोदीजी का सबसे अच्छा दोस्त कौन है तो जवाब होगा- शी जिनफिंग। चीन के इस राष्ट्रपति से मोदी जी की कोई दर्जन भर मुलाकातें हुई हैं।

पर इससे बनेगा क्या?

अगर दुनिया के नेताओं के रास्ते पर चलते हुए भारत में मोदीजी अपनी सत्ता स्थायी कर लेते हैं या देश में संसदीय प्रणाली की जगह राष्ट्रपति प्रणाली लागू हो जाती है और मोदीजी अगले दस-बीस साल के लिए राष्ट्रपति बन जाते हैं या संविधान की समीक्षा करके उसे बदल दिया जाता है तब उससे क्या बनेगा

वायरस को लेकर चीन पर ट्रंप का हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को लेकर चीन पर तीखा हमला किया है। उन्होंने चीन पर कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा कि अगर चीन चाहता तो वह इस वायरस को अपने देश से बाहर नहीं निकलने देता।

चुनाव से पहले डरा अमेरिका

अमेरिका में 2016 के चुनाव में रूसी दखल इतना चर्चित हुआ कि उसकी जांच हुई। जांच रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई कि रूस ने चुनाव नतीजों को प्रभावित किया। अब एक बार फिर वैसी ही आशंकाएं घर गई हैं।

डोनल्ड ट्रंप की मारक नीति

डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने पिछले महीने एच-1बी और एल श्रेणी के रोजगार वीजा के लिए नए आवेदनों पर साल के अंत तक प्रतिबंध लगा दिया।

अमेरिकी हिंदू समझेंगे या बुद्धि फिरी रहेगी?

इस्लाम ने क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता दिलाई तो मुसलमान से डरे-परेशान हिंदुओं के लिए ट्रंप 2016 में अवतार थे। ट्रंप के जन्मदिन पर हिंदू केक काटते दिखलाई दिए थे।

भारत से प्रतिभा-पलायन कैसे रुके ?

अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने शीर्षासन करने में ज़रा भी देर नहीं लगाई। हमारे जो भी छात्र अमेरिका में पढ़ रहे थे, वे यदि अपनी शिक्षा ई-क्लासेस के द्वारा ले रहे थे तो ट्रंप प्रशासन ने उनके वीजा रद्द कर दिए थे और उन्हें भारत लौटने का आदेश दे दिया गया था।

भारत को ट्रंप की मीठी गोलियां

भारत के प्रति अमेरिकी नीति भी अजीब है। एक तरफ वह हमको चीन के खिलाफ उकसा रहा है और हर तरह की मदद की चूसनियां लटका रहा है

कोरोना के लिए चीन जिम्मेदार: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कोरोना वायरस का संक्रमण पूरी दुनिया में फैलने के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है।

सोशल मीडिया बनाम ट्रंप

ट्विटर के साथ ताजा विवाद के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया वेबसाइटों के खिलाफ एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत कर दिए। इसके जरिए 1996 के एक कानून की धारा को बदलने की कोशिश वो कर रहे हैं

डब्लुएचओ पर ट्रंप का फिर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर एक बार फिर सोमवार को हमला बोला और कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह स्वास्थ्य निकाय चीन के हाथ की ‘कठपुतली’ है।

व्हाइट हाउस ने मोदी को अनफॉलो किया

व्हाइट हाउस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर अकाउंट अनफॉलो कर दिया है। 19 दिन पहले जब भारत ने अमेरिका को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा निर्यात की थी,

लेकिन ये मजाक नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बाद में कह दिया कि ये बात उन्होंने हंसी-मजाक में कही। मगर इसे सिर्फ इसी रूप में नहीं लिया जा सकता।

अमेरिका ने दिया पांच सौ अरब डॉलर का पैकेज

अमेरिकी संसद ने कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में तेजी से बढ़ रही बेरोजगारी के बीच आर्थिक नुकसान झेल रहे नियोक्ताओं और अस्पतालों को राहत देने के लिए करीब पांच सौ अरब डॉलर की और सहायता देने का प्रावधान किया है।

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