चिलीः बनेगा वामपंथी संविधान

चिली में 1970 के दशक में आरंभ में सल्वादोर एलेंदे के नेतृत्व में सोशलिस्ट सरकार बनी थी। लेकिन वहां जनरल अगस्तो पिनोचे के नेतृत्व में तख्ता पलट दिया गया। तो सोशलिस्ट नीतियां पलट दी गईं। फिर चिली में नव उदारवाद का दौर आया। अब एक बार वहां हवा का रुख फिर पलट गया है। चिली… Continue reading चिलीः बनेगा वामपंथी संविधान

एक उम्मीद तो जगी

म्यांमार की हालत के बारे में दुनिया में एक तरह का असहाय होने का भाव रहा है। म्यांमार के सैनिक शासक बेरहमी से लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों की जान लेते रहे हैं, लेकिन बाहरी दुनिया से वहां किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं हुआ है। पश्चिमी देशों ने जो पहल की उसे चीन और रूस ने नाकाम… Continue reading एक उम्मीद तो जगी

क्या बदलेगी भारत की म्यांमार नीति?

अब क्या म्यांमार के प्रति भारत की नीति बदलेगी? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि अमेरिका के एसएंडपी डाउ जोंस के इंडेक्स से अडानी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन को हटाने का फैसला किया गया है। डाउ जोंस की ओर से कहा गया है कि 15 अप्रैल को एपीएसईजेड को इंडेक्स से हटा दिया… Continue reading क्या बदलेगी भारत की म्यांमार नीति?

शरणार्थियों से बेरुखी क्यों?

म्यांमार के शरणार्थियों के मामले में भारत सरकार ने क्यों निर्मम रुख अपना रखा है, इसे समझना मुश्किल है। रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में सरकार के ऐसे रुख पर समझा गया था कि चूंकि रोहिंग्या मुसलमान हैं, इसलिए ये मौजूदा भाजपा सरकार की हिंदुत्व की नीति से मेल नहीं खाते। सरकार किसी रूप में मुस्लिम… Continue reading शरणार्थियों से बेरुखी क्यों?

म्यांमारः भारत दृढ़ता दिखाए

म्यांमार में सेना का दमन जारी है। 600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। आजादी के बाद भारत के पड़ौसी देशों— पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल, मालदीव— आदि में कई बार फौजी और राजनीतिक तख्ता-पलट हुए और उनके खिलाफ इन देशों की जनता भड़की भी लेकिन म्यांमार में जिस तरह से 600 लोग पिछले 60-70 दिनों… Continue reading म्यांमारः भारत दृढ़ता दिखाए

म्यांमार पर कूटनीति अब ठीक

मैने चार-पांच दिन पहले लिखा था कि म्यांमार (बर्मा) में चल रहे नर-संहार पर भारत चुप क्यों है ? उसका 56 इंच का सीना कहां गया लेकिन अब मुझे संतोष है कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ और दिल्ली, दोनों स्थानों से म्यांमार में चल रहे फौजी रक्तपात पर अपना मुंह खोलना शुरु कर… Continue reading म्यांमार पर कूटनीति अब ठीक

कहानी से संभलेगी बात?

म्यांमार के सैनिक शासक अपनी छवि सुधारना चाहते हैं। यानी वे चाहते हैं कि जिस तरह का दमन कर रहे हैं, दुनिया उस पर ध्यान ना दे। या ध्यान दे तो यह समझे कि आखिर वे क्यों ऐसा कर रहे हैं।

जहां चाह, वहां राह

म्यांमार में इस बार सैनिक शासकों के लिए पहले जैसी आसानी नहीं है। इस बार वहां की जनता ने साफ कर दिया है कि उन्हें लोकतंत्र का गला घोंटा जाना मंजूर नहीं है

म्यांमार में गजब का जज्बा

म्यांमार में सैनिक तख्ता पलट के बाद इस बार वहां की जनता ने गजब का जज्बा दिखाया है। सैनिक शासकों की तमाम ज्यादतियों का विरोध करते हुए लगभग रोज ही दसियों हजार लोग शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग ले रहे हैं।

म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ प्रदर्शन

म्यांमार के सबसे बड़े शहर यंगून में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ रविवार को हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया और देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू ची की रिहाई की मांग की।

जो अंदेशा था, वो हुआ

तो आखिरकार म्यांमार में सेना ने तख्ता पलट दी। नव निर्वाचित संसद की बैठक से ठीक पहले वाली रात में वहां एक दशक पहले वाली हालत बहाल कर दी गई। आंग सान सू ची सहित तमाम राजनेता जेल में डाल दिए गए।

म्यांमार में तख्ता—पलट

भारत के पड़ौसी देश म्यांमार (बर्मा या ब्रह्मदेश) में आज सुबह-सुबह तख्ता-पलट हो गया। उसके राष्ट्रपति बिन मिन्त और सर्वोच्च नेता श्रीमती आंग सान सू की को नजरबंद कर दिया गया है

सउदी अरब में तख्ता-पलट ?

सउदी अरब के राज-परिवार में जबर्दस्त उथल-पुथल मची हुई है। बादशाह सलमान 84 साल के हो गए हैं। वे अस्वस्थ भी रहते हैं। राज-परिवार के कई शाहजादों में बादशाहत की होड़ लगी हुई है। इस समय जिन्हें युवराज बना रखा है, वे हैं, बादशाह सलमान के बेटे मोहम्मद ! ये मोहम्मद वही हैं जो सारी… Continue reading सउदी अरब में तख्ता-पलट ?

चौराहे पर मुशर्रफ के शव को तीन दिन लटकाया जाए: कोर्ट

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी कोर्ट ने अपने अप्रत्याशित फैसले में पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई थी। उसके बाद कोर्ट ने एक और विचित्र फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि फांसी दिये जाने से पहले मुशर्रफ की मौत हो जाती है तो उनके शव को इस्लामाबाद के सेंट्रल स्क्वायर पर… Continue reading चौराहे पर मुशर्रफ के शव को तीन दिन लटकाया जाए: कोर्ट

मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत

जनरल परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह के अपराध में सजा-ए-मौत हो गई। यह अनहोनी है। क्यों है? क्योंकि आज तक किसी पाकिस्तान की अदालत की यह हिम्मत नहीं हुई कि वह अपने किसी फौजी तानाशाह को देशद्रोही कहे और उसे मौत के घाट उतारने की हिम्मत करे। जनरल अयूब खान, जनरल याह्या खान और जनरल जिया-उल-हक ने… Continue reading मुशर्रफ को सजा-ए-मौत गलत

उफ, मुशर्रफ को सजा-ए-मौत और..

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने वहां के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में मौत की सजा सुना दी। उन्होंने अक्टूबर 1999 में नवाज शरीफ का तख्ता पलट कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी क्योंकि कारगिल युद्ध के बाद दोनों के बीच संबंध खराब हो गए थे। श्रीलंका से लौटते समय… Continue reading उफ, मुशर्रफ को सजा-ए-मौत और..