भारत ने तुर्की से जताई आपत्ति

भारत ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान की जम्मू-कश्मीर को लेकर की गयीं टिप्पणियों पर सख़्त नाराज़गी जताते हुए सोमवार को तुर्की के राजदूत काे तलब किया

एर्दोगन, ट्रंप ने क्षेत्रीय मुद्दों पर की फोन वार्ता

अंकारा। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की और क्षेत्रीय मुद्दों, ‘विशेष रूप से सीरिया और लीबिया की स्थितियों’ पर चर्चा की। अधिकारियों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, तुर्की के संचार निदेशालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की। इससे पहले, एर्दोगन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सीरियाई प्रांत इदलिब में अत्याचार को रोकने के लिए सीरियाई शासन पर महत्वपूर्ण दबाव डालने का आग्रह किया था। सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाला यह अंतिम गढ़ है। इसे भी पढ़ें : उद्धव ठाकरे ने एक्वा लाइन मेट्रो का उद्घाटन किया उन्होंने कहा कि इदलिब के 400,000 से अधिक लोगों ने इस क्षेत्र से पलायन कर तुर्की की सीमा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। एर्दोगन ने यह भी चिंता व्यक्त की कि लीबिया में गृहयुद्ध इस्लामिक स्टेट और अलकायदा जैसे आतंकवादी समूहों के उभार के लिए परिस्थितियां पैदा करेगा।

तुर्की में भूकंप से मरने वालों की संख्या 36 हुई

अंकारा। पिछले सप्ताह पूर्वी तुर्की में आए 6.5 तीव्रता के भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है, जबकि 1,607 लोग घायल हुए हैं। आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (एएफएडी) ने रविवार को कहा कि कुल 45 लोगों को मलबे से बचाया गया और तलाशी व बचाव अभियान अभी भी जारी है। एएफएडी के अनुसार, भूकंप एलाजिग प्रांत में 24 जनवरी को सुबह 8.55 बजे 6.75 किमी की गहराई पर आया था और उसके बाद कम तीव्रता वाले भूकंप के 788 हल्के झटके आए थे। एएफएडी के अनुसार, विशेषज्ञों द्वारा किए गए एलाजिग और पास के मालट्या प्रांत के कुल 1,521 निर्माणों के विश्लेषण से पता चला है कि कम से कम 76 इमारतें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं और 645 अन्य गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे पहले, राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कहा कि ज्यादातर नुकसान एलाजिग के गांवों में हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा हम वहां नुकसान की गुंजाइश का पता लगाएंगे और जल्द ही निर्माण कार्यो को शुरू करेंगे। एएफएडी के बयान में यह भी कहा गया है कि परिवारों के लिए करीब 10,000 टेंट क्षेत्र में भेजे गए थे, और उनमें से 4,200 से अधिक पहले से… Continue reading तुर्की में भूकंप से मरने वालों की संख्या 36 हुई

तुर्की में भूकंप, 20 लोगों की मौत

अंकारा। पूर्वी तुर्की में रिक्टर पैमाने पर 6.8 तीव्रता के भूकंप के झटके आने के बाद कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है और 1,015 अन्य घायल हो गए हैं। शुक्रवार रात 8.55 बजे एलाजिग प्रांत में भूकंप आया। इसका केंद्र सिवरिस जिला रहा, साथ ही पड़ोसी प्रातों और सीरिया और जॉर्जिया जैसे देशों में भी इसके झटके महसूस किए गए। आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्रेसीडेंसी (एएफएडी) ने कहा कि एलाजिग में सबसे ज्यादा 560 लोग घायल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री फहरेत्तिन कोका ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि तलाशी और बचाव अभियान जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। आंतरिक मामलों के मंत्री सुलेमान सोयलू ने कहा कि घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और जो प्रभावित हुए हैं, उनकी सेवा के लिए फैसिलिटी खोली गई हैं। एएफएडी ने कहा कि शुरुआती झटकों के बाद 2.7 से लेकर 5.4 की तीव्रता के 118 झटके महसूस किए गए। इसे भी पढ़ें : चीन ने 13 शहर में लगाया यात्रा प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री हुलुसी अकार ने कहा कि सेना आवश्यकता पड़ने पर मदद करने के लिए तैयार है। उस्मानी, टुनसेली और हाटे सहित अन्य प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस… Continue reading तुर्की में भूकंप, 20 लोगों की मौत

तुर्की से आएगा 11000 टन प्याज

आसमान छूते प्याज के दाम को काबू करने के लिए सरकार 11,000 टन प्याज तुर्की से मंगा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने आज बताया कि एमएमटीसी ने तुर्की से 11,000 टन प्याज आयात करने का दूसरा अनुबंध किया है

बगदादी की पत्नी साल भर से हिरासत में

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान ने गुरुवार को कहा कि तुर्की के अधिकारियों ने इस्लामिक स्टेट सरगना अबू बक्र अल-बगदादी की पत्नी को साल भर से ज्यादा समय से हिरासत में रखा है और हम उसके निर्वासन के तरीके खोज रहे हैं।

भारतीय पर्यटकों को तुर्की ना जाने की सलाह

भारत ने अपने नागरिकों को परामर्श जारी करके तुर्की एवं आसपास के हालात पर चिंताजनक बताते हुए वहां की यात्रा से बचने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। तुर्की में भारत के दूतावास ने अंकारा में जारी एक परामर्श में कहा कि तुर्की के आस-पास के हालात चिंताजनक हैं।

तुर्की पर प्रतिबंध की अब जरूरत नहीं : ट्रंप

वाशिंगटन। सीरिया में पांच दिन के संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका और तुर्की के बीच एक समझौते के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तुर्की पर प्रस्तावित आर्थिक प्रतिबंधों की अब जरूरत नहीं है। उपराष्ट्रपति माइक पेंस द्वारा बृहस्पतिवार को अंकारा में घोषित समझौते के मुताबिक, तुर्की 120 घंटों के लिए अपने अभियान को रोकेगा ताकि कुर्द लड़ाके तुर्की और सीरिया सीमा पर चिह्नित सुरक्षित इलाके से पीछे हट सकें। ये खबर भी पढ़ेः तुर्की के खिलाफ बहुत कड़ा रुख अपना रहा है अमेरिका: ट्रंप उत्तरपूर्व सीरिया में तुर्की के सैन्य अभियान का विरोध करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने तुर्की अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के लिए मंगलवार को एक शासकीय आदेश पारित किया जिसमें इस्पात पर शुल्क बढ़ाने और 100 अरब डॉलर के व्यापार सौदे को खत्म करने की बात कही गई थी। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा, प्रतिबंध जरूरी नहीं होंगे क्योंकि तुर्की वह कर रहा है जो कहा जा रहा है। अमेरिका के साथ समझौते पर पहुंचने के लिए उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन को बधाई दी।

सीरिया में हमलों को रोकेगा तुर्की

तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोगोलू ने कहा है कि सीरिया के सुरक्षा बफर क्षेत्र मेें कुर्द बलों की वापसी के लिये तुर्की उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान को रोकेगा।

यूरो क्वालीफायर में तुर्की ने फ्रांस के साथ खेला 1-1 से ड्रॉ

तुर्की ने यूरो-2020 क्वालीफायर में विश्व विजेता और मेजबान फ्रांस को 1-1 से ड्रॉ खेलने पर मजबूर कर दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के लिए ओलिवर गिराउड ने गोल किया जबकि तुर्की के लिए कान अयहान ने गोल किया।

युद्ध के अखाड़े में कुर्दों की बलि

उत्तर-पूर्वी सीरिया एक बार फिर बड़े युद्ध का अखाड़ा बन गया है जिसने पश्चिमी दुनिया के कई देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इतना ही नहीं, भारत और पाकिस्तान तक तुर्की के पक्ष और विपक्ष में इस मसले पर अपने बयान दे चुके हैं।

तुर्की को हथियार नहीं बेचेंगे फ्रांस और जर्मनी

सीरिया में कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की के हमले को लेकर फ्रांस और जर्मनी ने तुर्की को किए जाने वाले हथियारों के निर्यात पर शनिवार को रोक लगा दी।

फ्रांस, जर्मनी ने तुर्की को हथियार निर्यात पर रोक लगाई

पेरिस। सीरिया में कुर्द लड़ाकों के खिलाफ तुर्की के हमले को लेकर फ्रांस और जर्मनी ने तुर्की को किए जाने वाले हथियारों के निर्यात पर शनिवार को रोक लगा दी। यूरोप के कई शहरों में रैलियां कर प्रदर्शनकारियों ने तुर्की की निंदा की है। तुर्की के सैनिकों ने कुर्द लड़ाकों के खिलाफ बुधवार को सीमा पार से हमले करने शुरू कर दिए थे। तुर्की इन लड़ाकों को आतंकवादियों की तरह देखता है। रक्षा एवं विदेश मंत्रालयों की ओर से जारी संयुक्त बयान में फ्रांस ने कहा कि उसने तुर्की को हथियार सामग्रियों की नियोजित निर्यात पर रोक लगा दी है। यह रोक इस आशंका के बीच लगाई गई है कि इन हथियारों का प्रयोग सीरिया पर किए जा रहे हमलों में किया जा सकता था। जर्मनी के उस बयान के बाद फ्रांस ने बयान जारी किया कि उसने हथियार निर्यात पर रोक लगा दी है। जर्मनी तुर्की का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है। कई देशों ने तुर्की के हमले की निंदा की है और फिनलैंड, नॉर्वे और नीदरलैंड पहले ही तुर्की को हथियार निर्यात पर रोक लगाने की घोषणा कर चुका है।

ट्रम्प ने तुर्की के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने की दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तुर्की के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उसके खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।

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