Delhi High Court ने केंद्र से पूछा- मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से ज्यादा ऑक्सीजन तो दिल्ली को कम क्यों?

नई दिल्ली | कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के बीच ऑक्सीजन (Oxygen) को लेकर खींचतान चल रही है अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी चल रही है ऑक्सीजन (Oxygen) को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने केंद्र सरकार (Central Government) से आज पूछा कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से ज्यादा ऑक्सीजन (Oxygen) क्यों मिल रही है जबकि दिल्ली (Delhi) का आवंटन आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की सरकार के आग्रह के हिसाब से बढ़ाया नहीं गया है। न्यायमू्र्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने केंद्र से यह सवाल पूछा। पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि केंद्र सरकार (Central Government) को या तो इससे उचित ठहराना होगा या अब जब स्थिति उसके सामने आई है तो इसमें ‘सुधार’ करना होगा। इसे भी पढ़ें – Corona Crisis:  ब्रिटेन ने कहा हमारे हालात ऐसे नहीं कि भारत को भेज सकें कोरोना की वैक्सीन सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार अदालत के सवाल पर जवाब देगी और मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीज (Oxygen) देने का कारण बताएगी। मेहता ने कहा, “ऐसे राज्य हैं जिन्हें मांग से कम आपूर्ति की गई है। हम इसकी तर्कसंगत व्याख्या करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने अदालत… Continue reading Delhi High Court ने केंद्र से पूछा- मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से ज्यादा ऑक्सीजन तो दिल्ली को कम क्यों?

Justice NV Ramana होंगे देश के 48वें सीजेआई, नियुक्ति पर रामनाथ कोविंद ने लगाई मोहर

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम Judge NV Ramana देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) होंगे। President Ramnath Kovind ने Justice Ramana के नाम पर अपनी मोहर लगा दी है। विधि एवम् न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने आज बताया कि Kovind ने संविधान के अनुच्छेद 124 के उपबंध-दो में प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए Justice Ramana को नया सीजेआई नियुक्त किया है, जिनका कार्यकाल मौजूदा CJI Justice Sharad Arvind Bobde की सेवानिवृत्ति के बाद से प्रभावी होगा। न्यायमूर्ति बोबडे 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे। न्याय विभाग ने बताया कि इस नियुक्ति से संबंधित वारंट और अधिसूचना न्यायमूर्ति रमन को सौंप दी गई है। वह देश के 48th CJI होंगे। उनका शपथ ग्रहण 24 अप्रैल को होगा। न्यायमूर्ति बोबडे ने स्थापित परम्परा के तहत वरिष्ठतम न्यायाधीश के तौर पर Justice Ramana के नाम की सिफारिश की थी। इसे भी पढ़ें – BJP स्थापना दिवस विशेष : हमेशा से ही दो चेहरे, तब अटल-आडवाणी और अब मोदी-शाह … Justice Raman ने विज्ञान एवं कानून में स्नातक करने के बाद 10 फरवरी 1983 से वकालत पेशे की शुरुआत की। अपने वकालत पेशे के दौरान उन्होंने न केवल आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय बल्कि केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) तथा उच्चतम न्यायालय में भी प्रैक्टिस… Continue reading Justice NV Ramana होंगे देश के 48वें सीजेआई, नियुक्ति पर रामनाथ कोविंद ने लगाई मोहर

दिशा रवि केस: हाईकोर्ट ने कहा मीडिया कवरेज सनसनीखेज और पूर्वाग्रही रही

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि द्वारा दायर की गई याचिका पर निर्देश जारी करते हुए कहा है कि टूलकिट मामले में की गई मीडिया कवरेज सनसनीखेज और पूर्वाग्रह पर आधारित थी।

दिल्ली अपनी क्षमता से 4 हजार परीक्षण कम कर रही है : हाई कोर्ट

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बार फिर से दिल्ली सरकार की खिंचाई की है और कहा है कि दिल्ली रोजाना 15,000 आरटी-पसीआर परीक्षण कर सकती है, लेकिन वह 11,000 ही कर रही है ।

फिल्म गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल के प्रसारण पर रोक लगाने से किया इनकार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की फिल्म गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल के प्रसारण पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया। केन्द्र ने अपनी याचिका में कहा था कि यह फिल्म भारतीय वायु सेना की गलत छवि पेश कर रही है।

दिल्ली हाईकोर्ट में छह जजों की नियुक्ति की सिफारिश

‘सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम’ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के छह वकीलों को न्यायाधीश बनाये जाने की सिफारिश की है। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे और चार अन्य वरिष्ठतम

राजद्रोह मामला: जफरुल के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करें पुलिस: न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज पुलिस से कहा कि वह दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (डीएमसी) के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ दर्ज राजद्रोह मामले में 22 जून तक कोई दंडात्मक कार्रवाई

जफरुल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने अपने खिलाफ देशद्रोह के मामले में अग्रिम जमानत के लिये दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एटीसी के लिए सांस जांच पर रोक लगाई

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को वायु यातायात नियंत्रण (एटीसी) के लिए श्वास विश्लेषण परीक्षण को अस्थायी तौर पर बंद करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम.सिंह की अध्यक्षता वाली दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने महानिदेशक चिकित्सा सेवा (एयर) को इन परीक्षणों के स्थान पर वैकल्पिक उपाय खोजने के लिए मंगलवार को एक आपात बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। अदालत, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स गिल्ड (भारत) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और भारतीय वायु प्राधिकरण (एएआई) को ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट की मौजूदा प्रक्रिया को अस्थायी तौर पर रोकने के निर्देश देने मांग की गई थी, ताकि एयर ट्रैफिक में काम कर रहे लोगों को घातक कोरोनोवायरस के संक्रमण से बचाया जा सके। अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

ये प्रश्न अनुत्तरित है

बहुचर्चित निर्भया कांड के मुजरिमों को आखिरकार बीते शुक्रवार को फांसी हो गई। दिसंबर 2012 में हुए निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चारों दोषियों को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। इस पर मीडिया से लेकर सियासी हलकों और आम चर्चाओं में खुशी जताई गई। आम भाव यह था कि उस जघन्य अपराध का बदला ले लिया गया। आज देश का माहौल ऐसा है कि इसमें मीडिया से बनाए गए माहौल में असहमति या अलग राय की जगह खत्म-सी हो गई है। इसलिए इस मौके पर फांसी की सजा की उपयोगिता पर उठाए गए सवाल कहीं दब कर रह गए। लेकिन ये सवाल अप्रसांगिक नहीं हैं। असल मुद्दा यह है कि क्या अब देश में बलात्कार नहीं होंगे? या ऐसी घटनाओं में कमी आएगी? अगर ऐसा नहीं होता है तो सवाल उठेगा कि फिर फांसी पर इस सार्वजनिक जश्न से क्या हासिल होगा? ये सवाल भी उठेगा कि न्यायिक प्रक्रिया के कारण फांसी में हुई देर पर बेचैनी क्यों थी? गौरतलब है कि फांसी से कुछ ही घंटों पहले गुरुवार देर रात निर्भया सामूहिक मामले के दोषियों ने फांसी पर रोक लगाने के लिए पहले दिल्ली हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाई… Continue reading ये प्रश्न अनुत्तरित है

निर्भया मामला: दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा मुकेश

निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड मामले का दोषी मुकेश सिंह अपनी उस याचिका को खारिज किए जाने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ आज दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा

निर्भया कांड: दोषी विनय उच्च न्यायालय पहुंचे

निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में फांसी की सजा पाए चार दोषियों में से एक विनय शर्मा ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर दावा किया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उसकी दया याचिका खारिज किए

न्यायालय ने फेक न्यूज हटाने की याचिका पर केंद्र से मांगा जबाव

दिल्ली उच्च न्यायालय ने फेसबुक, ट्विटर और गूगल जैसे सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित की जारी रही फेक न्यूज और नफरत भरे बयानों को हटाने का अनुरोध करने वाली एक याचिका पर बुधवार को केंद्र से जवाब मांगा।

निर्भया: दोषियों के स्वास्थ्य जांच याचिका पर सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा पाए चारों दोषियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य जांच कराने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर की पीठ ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि इसे सबसे पहले एनएचआरसी के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को एक दोषी की दया याचिका का निस्तारण लंबित होने की वजह से दोषियों की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। मामले में सभी दोषियों को एक साथ मंगलवार को फांसी दी जानी थी।

ना नारे लगना बंद हुए ना हिंसा : डोवाल की कसरत का क्या?

अब दिल्ली के दंगों में नफरत फैलाने वाले इन नारों और भाषणों को लेकर पुलिस और अदालतों में अभी भी विचार ही चल रहा है। इस संबंध में न्यायमूर्ति मुरलीधर ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता को अनुराग ठाकुर, कपिल मिश्रा और परवेश वर्मा

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