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Wednesday, May 12, 2021
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दुर्गापूजा

चैत्र नवरात्र 2021 : जानें मां दुर्गा की आठवीं शक्ति कैसे कहलाईं गौरी, महागौरी के साथ सिंह ने भी की कठोर तपस्या

माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कष्ठ दूर हो जाते है। पूर्वसंचित पाप भी...

भय-चिंता, फल चाहना है पूजा!

भय-चिंता हिंदू का कैंसर है। जन्म के बाद औसत हिंदू इतिहासजन्य गुलाम संस्कारों व देश-समाज-परिवार के परिवेश से भय-चिंता की तंत्रिकाओं में सांस लेता है। दिमाग-बुद्धि में भय-चिंता की गांठें बन जाती हैं।

दुर्गापूजा पंडाल ‘नो एंट्री जोन’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सबसे लोकप्रिय त्योहार दुर्गापूजा के लिए पंडाल तो सजाए गए हैं पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने पंडालों को नो एंट्री जोन बना दिया है। कोई भी दर्शक पूजा पंडाल में नहीं जा सकेगा। आयोजकों को भी सीमित संख्या में पंडाल में एंट्री मिलेगी। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की चिंता में यह कदम उठाया गया है। सोमवार को हाई कोर्ट ने कहा कि पूजा पंडाल दर्शनार्थियों के लिए नो एंट्री जोन होंगे। अदालत ने यह भी कहा कि पंडाल के अंदर सिर्फ आयोजकों को ही रहने की इजाजत होगी। कोरोना महामारी को देखते हुए बड़े पंडालों के लिए आयोजकों की संख्‍या 25 और छोटे पंडालों के लिए यह संख्‍या 15 सीमित की गई है। कलकत्‍ता हाई कोर्ट की खंडपीठ की ओर से कहा गया है कि सभी बड़े पंडाल को 10 मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे जबकि छोटे पंडाल के लिए पांच मीटर की दूरी पर बैरिकेड लगाने होंगे। लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य को अहम बताते हुए अदालत ने कहा कि कोलकाता में इतनी पुलिस नहीं है कि तीन हजार पंडालों में श्रद्धालुओं को नियंत्रित कर सके।

बंगाली उप राष्ट्रीयता के धोखे में ममता

ममता बनर्जी जुझारू और स्ट्रीट फाइटर नेता होने के साथ साथ एक सभ्य और सुसंस्कृत महिला भी हैं। उन्होंने साहित्य, कला, फिल्म, पत्रकारिता से जुड़े लोगों को अपनी पार्टी की टिकट देकर लोकसभा या राज्यसभा में पहुंचाया। वे कविताएं...
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