नियम तो सबके लिए हैं!

असल में इस घटना ने उड़ान संबंधी अंतरराष्ट्रीय नियमों पर सख्ती से अमल की जरूरत फिर से साफ कर दी है। लेकिन मुश्किल यह है कि जब अपने हित सामने होते हैं, तो कोई देश नियमों की परवाह नहीं करता। ऐसे मामलों में सभी देशों का रिकॉर्ड दागदार रहा है। ग्रीस से लिथुआनिया जा रहे… Continue reading नियम तो सबके लिए हैं!

‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ को कैसे समझें?

लंदन के ‘द गार्जियन’ और कोलकाता के ‘द टेलिग्राफ’ में इस्लामोफोबिया पर विचारणीय लेख-खबर पढ़ने को मिली। कोर सवाल है कि हम (गैर-मुसलमान) इस्लाम पर कैसे सोचें? पृथ्वी के छह अरब लोग उन पौने दो अरब लोगों पर कैसे सोचें जो इस्लाम धर्म के अनुयायी हैं? भारत के पैमाने में यह सवाल इस तरह होगा… Continue reading ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ को कैसे समझें?