सीएए कब से लागू होगा?

पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि केंद्र सरकार अगले साल जनवरी में बंगाल में संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए लागू कर देगी।

एंटी-सीएए प्रोटेस्ट फिर

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पिछले साल हुआ जोरदार विरोध आंदोलन मार्च में कोरोना महामारी की मार की वजह से दब गया था। लेकिन उस पर लोगों के मन में मौजूद विरोध खत्म नहीं हुआ

आंदोलन आखिर कैसे खत्म होगा?

किसानों का आंदोलन कैसे खत्म होगा? यह यक्ष प्रश्न है। सरकार में इसे लेकर चिंता है। यह नागरिकता कानून के विरोध में हुए शाहीन बाग की तरह का आंदोलन नहीं है

जिद से और टूटेगा समाज

यह तो साफ है कि नरेंद्र मोदी सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने पर राजी नहीं है। दरअसल, व्यापक विचार विमर्श या लोकतांत्रिक आलोचना के आगे झुकना मोदी सरकार की कार्यशैली का हिस्सा नहीं है।

सीएए विरोधी अब भाजपा में

यह कमाल की राजनीति हो रही है। कुछ समय पहले देश भर में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर आंदोलन चल रहे थे। विरोध-प्रदर्शन हो रहा था और सीएए व एनआरसी के विरोध का आंदोलन आधुनिक समय का सबसे बड़ा आंदोलन बन गया था।

संकट में भी जश्न!

कोरोना वायरस का भारत में प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बीमारी से पीड़ित लोगों और इस कारण होने वाली मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस महामारी के कारण देश में दो महीने से भी अधिक समय से लॉकडाउन लागू है।

जनता कर्फ्यू में शामिल नहीं होंगी शाहीन बाग की दादियां

नई दिल्ली। देश भर में जहां प्रधानमंत्री की सलाह के बाद रविवार को जनता कर्फ्यू की तैयारी चल रही है। वहीं शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही महिलाओं का कहना है कि वे अपनी मांगें पूरी होने तक धरना नहीं छोड़ेंगी, और न ही जनता कर्फ्यू का हिस्सा बनेंगी। हालांकि कोरोनावायरस के संक्रमण को देखते हुए यहां प्रदर्शनकारी महिलाओं की संख्या कम कर दी गई है। मुख्य पंडाल में अब केवल 40-50 महिलाएं ही मौजूद हैं। शाहीन बाग की दादी के नाम से मशहूर आसमा खातून ने कहा, हम यहां से तब तक नहीं हिलेंगे जब तक की सीएए का काला कानून वापस नहीं लिया जाता। भले ही मुझे कोरोनावायरस संक्रमण हो जाए। मैं शाहीन बाग में मरना पसंद करूंगी, लेकिन हटूंगी नहीं। शाहीन बाग की दूसरी दादी बिलकिस बानो ने कहा, अगर प्रधानमंत्री को हमारी सेहत की इतनी ही चिंता है तो आज इस काले कानून को रद्द कर दें फिर हम भी रविवार के दिन को जनता कर्फ्यू में शामिल हो जाएंगे। यहां धरनास्थल पर मौजूद नूरजहां ने कहा, हमारे लिए एक तरफ कुआं और एक तरफ खाई जैसे हालात हैं। यह खबर भी पढ़ें:- शाहीन बाग और सवाल कोरोना जैसी बीमारी का खतरा… Continue reading जनता कर्फ्यू में शामिल नहीं होंगी शाहीन बाग की दादियां

विफल रही शाहीनबाग की महिलाओं और पुलिस की वार्ता

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और शाहीनबाग की महिला प्रदर्शनकारियों के बीच मंगलवार को एक बार फिर वार्ता हुई। पुलिस अधिकारियों ने यहां नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ धरना दे रही महिलाओं से मुख्य सड़क मार्ग को खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस की अपील को दरकिनार करते हुए प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। इसके फलस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच चल रही है वार्ता एक बार फिर से विफल हो गई। इससे पहले भी कई मर्तबा दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शाहीनबाग की मुख्य सड़क पर बैठी महिला प्रदर्शनकारियों से बात करने आ चुके हैं। मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच वार्ता के लिए एक निष्पक्ष स्थान का चुनाव किया गया था। शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन से करीब 100 मीटर दूर स्थित चौराहे पर पुलिस और महिला प्रदर्शनकारियों के बीच यह बातचीत हुई। यहां पुलिस की ओर से स्थानीय एसएचओ और एसीपी जगदीश यादव मौजूद थे। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से करीब 20 महिलाएं इस वार्ता में शामिल हुईं। महिलाओं से बातचीत के दौरान एसीपी जगदीश यादव ने कहा “आप पिछले कई महीनों से यहां प्रदर्शन कर रही हैं, इस दौरान हमने आपको पूरी सुरक्षा मुहैया कराई है। हमारा… Continue reading विफल रही शाहीनबाग की महिलाओं और पुलिस की वार्ता

लोकतंत्र के हित में

इस निर्णय को स्वीकार करने के बजाय उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया। बेशक यह उसका अधिकार है। मगर ये गौरतलब है कि सरसरी नजर में उत्तर प्रदेश सरकार की संबंधित कार्रवाई अनुचित और संवैधानिक भावना के खिलाफ नजर आती थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी इसे इसी नजरिए से देखा। राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के मामले में सरकारें ऐसी कार्रवाई करने लगें और उसे न्यायपालिका का समर्थन भी मिलने लगे, तो यही माना जाएगा कि देश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। फिलहाल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऐसी आशंका को दूर किया है। यह भी गौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस मामला का स्वतः संज्ञान लेते हुए पिछले रविवार को स्व एक विशेष सुनवाई की थी। उस दौरान उसने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से हिंसा करने के आरोपियों की लखनऊ में पोस्टर लगाने को लेकर कोर्ट ने उत्तर प्रदेश प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित कदम है। अगले दिन अपने फैसले में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की पीठ ने कहा कि इस तरह से सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाना संबंधित लोगों की व्यक्तिगत… Continue reading लोकतंत्र के हित में

पोस्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुयी हिंसा और तोड़फोड़ के आरोपियों के पोस्टर हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ बुधवार को शीर्ष अदालत में अपील दायर की।

उप्र : लखनऊ में सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारी की मौत

लखनऊ। क्लॉक टॉवर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन कर रही एक महिला की यहां एक अस्पताल में हृदयाघात के कारण मौत हो गई। पिछले एक महीने में प्रदर्शनकारियों की मौत का यह दूसरा मामला है। 55 वर्षीय फरीदा बारिश में भीगने के बाद बीमार हो गई थी, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया था। रविवार को वहां उसकी मौत हो गई। एक और प्रदर्शनकारी, 20 वर्षीय तैयबा (बीए अंतिम वर्ष की छात्रा) की भी ऐसे ही हालात में 23 फरवरी को मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बारिश में भीगने के बाद वह बीमारी हो गई थी। डालीगंज निवासी फरीदा, महिलाओं के उस पहले समूह में शामिल थीं, जिन्होंने जनवरी में पहली बार विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। एक अन्य प्रदर्शनकारी, 45 वर्षीय रुबीना बेगम ने कहा वह कई बार रात में भी क्लॉक टॉवर में रहती थीं। क्लॉक टॉवर पर टेंट लगाकर प्रदर्शन करने की दलीलें शासन द्वारा ठुकराए जाने के बाद, प्रदर्शनकारी खुले आसमान के नीचे बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। दो महीनों से यहां प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं फरीदा की मौत से दुखी हैं। क्लॉक टॉवर पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन 17 जनवरी को शुरू हुआ था, जो कि… Continue reading उप्र : लखनऊ में सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारी की मौत

दुनिया कैसे देख रही भारत को?

पहले ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर भारत के खिलाफ बोला। कहा कि यह सुनियोजित थी और केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित थी। भारत ने इस पर तीखी टिप्पणी की। साथ ही नई दिल्ली में ईरान के राजदूत अली चेगेनी को बुला कर नाराजगी भी जाहिर की। पर अब ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनाई ने भी वहीं बात कही। उन्होंने दिल्ली के दंगों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि भारत के सामने विश्व बिरादरी में अलग थलग पड़ जाने का खतरा है। जबकि खुद ईरान इस समय विश्व बिरादरी में अलग थलग पड़ा है और जिन चंद देशों से उसको मदद की उम्मीद है उनमें एक भारत भी है। इस हकीकत के बावजूद ईरान ने भारत पर सवाल उठाए हैं। ईरान ऐसा करने वाला अकेला देश नहीं है। तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैयब एर्दोआन ने भी दिल्ली की हिंसा को सरकार प्रायोजित बताया है। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने दंगों के लिए सरकार की आलोचना की है। राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए लड़ रहे बर्नी सैंडर्स ने तो दिल्ली के दंगों पर नहीं बोलने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की… Continue reading दुनिया कैसे देख रही भारत को?

सीएए पर केंद्र को नोटिस जारी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित नागरिकता कानून, सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक पत्रकार की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और उस पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सर्वोच्च अदालत ने पत्रकार की याचिका को सीएए को चुनौती देने वाली बाकी 160 याचिकाओं के साथ ही जोड़ दिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने पत्रकार साकेत गोखले की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। सीएए की वैधता को चुनौती देने वाली सारी याचिकाओं पर इसी महीने सुनवाई होनी है। सर्वोच्च अदालत ने 22 जनवरी को 143 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि सीएए के अमल पर रोक नहीं लगाई जाएगी। अदालत ने सरकार से चार सप्ताह में याचिकाओं पर जवाब मांगा था। अदालत ने कहा था कि त्रिपुरा और असम से संबंधित याचिकाएं और नियम तैयार हुए बगैर ही सीएए को लागू कर रहे उत्तर प्रदेश से संबंधित मामलों पर अलग से विचार किया जा सकता है। अदालत ने कहा है कि सीएए को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के तरीके के बारे में फैसला करने के लिए अदालत कुछ याचिकाओं को चेंबर में सुनेगा और… Continue reading सीएए पर केंद्र को नोटिस जारी

‘एक मुद्दे पर संतुष्ट नहीं हूं’: रजनीकांत

चेन्नई। अभिनेता से राजनेता बने रजनीकांत ने कहा कि रजनी मक्कल मंद्रम (आरएमएम) के जिला सचिवों के साथ हुई बैठक में एक मुद्दे को छोड़कर बाकी सब ठीक रहा। इस मुद्दे को लेकर वह व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट नहीं हैं। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए रजनीकांत ने कहा कि बहुत सारे सवाल थे, जिनका उन्होंने जबाव दिया। इसके अलावा विचारों का भी आदान-प्रदान हुआ। एक मुद्दे को लेकर वो व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट नहीं है, जिसका वे बाद में खुलासा करेंगे। तमिलनाडु जमथुल उलमा सबई (टीएनजेयूएस) के नेताओं से हुई उनकी मुलाकात के बारे में पूछने पर रजनीकांत ने कहा कि, नेताओं ने उन्हें गृहमंत्री अमित शाह से मिलने और इस मुद्दे पर चर्चा करने का सुझाव दिया था। टीएनजेयूएस के नेताओं ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और एनआरसी के कारण मुस्लिमों को जो समस्याएं होंगी, उस बारे में भी रजनीकांत को अवगत कराया था। रजनीकांत ने इससे पहले कहा था कि वह तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश करेंगे और उनकी पार्टी अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं, जिसके चलते रजनीकांत की आरएमएम के जिला सचिवों के साथ इस बैठक को अहम माना जा रहा है।

महान निष्क्रियता का दौर

प्रबंधन के कई गुरु बताते हैं कि फैसला नहीं करना भी एक किस्म का फैसला होता है। प्रबंधन गुरुओं के यह ज्ञान देने से बहुत पहले 1991 में देश के तब के प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव ने इस गुरु मंत्र को अपनाया था। उन्होंने सरकार बनाने के चंद दिनों के बाद ही देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बदल देने वाले फैसले किए और उसके बाद चुप होकर बैठ गए। उन्होंने चुपचाप अंदर-अंदर उस फैसले के अनुरूप काम होने दिया यानी उन पर अमल होने दिया। उनकी चुप्पी और फैसला नहीं करने का नतीजा यह हुआ कि राजनीतिक विवाद नहीं खड़ा हुआ, उनकी अल्पमत सरकार के सामने संकट नहीं आया और उनकी योजनाओं पर अमल हो गया। जिस समय नरसिंह राव फैसला नहीं करने की नीति के हिसाब से काम कर रहे थे उसी समय देश में न्यायिक सक्रियता का दौर आया था, जो करीब दो-ढाई दशक तक चला। न्यायिक सक्रियता के इस दौर में अदालतों ने हर मसले पर फैसले सुनाए, इसी दौर में जजों की नियुक्ति और तबादले के लिए कॉलेजियम सिस्टम बन गया और न्यायपालिका का दखल हर क्षेत्र में बढ़ा। माना गया कि केंद्र में कमजोर सरकारों की वजह से न्यायपालिका को अपनी ताकत बढ़ाने… Continue reading महान निष्क्रियता का दौर

और लोड करें