क्या ये सही तरीका है?

उत्तर प्रदेश के बाद अब कर्नाटक ने भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन में भाग ले रहे लोगों की संपत्ति जब्त करने का फैसला किया है। जाहिर है, कहा यह गया है कि अगर हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ तो उसकी भरपाई आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों से की जाएगी। ये नया ट्रेंड है। आधार अतीत के सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय को बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के एक आदेश को सही ठहराया था। उस आदेश में हड़ताल या बंद के दौरान सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के लिए हड़ताल के आयोजक संगठन को उत्तरदायी ठहराने की बात कही गई थी। मगर ये आदेश हमेशा विवादास्पद रहा। अब नागरिकता संशोधन कानून विरोधी आंदोलन के संदर्भ में उस आदेश को बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है। इससे ये सवाल उठा है कि क्या यह सरकारी दहशत फैला कर आंदोलन पर काबू पाने की कोशिश है। दो सप्ताह से पूरे देश में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस दौरान सबसे ज्यादा हिंसा देखने को मिली। प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शनों के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी देखने को मिली। इस हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ… Continue reading क्या ये सही तरीका है?

जामिया में आठवें दिन भी हुआ प्रदर्शन

नई दिल्ली। नागरिकता कानून में बदलाव के विरोध में दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में सोमवार को लगातार आठवें दिन भी प्रदर्शन हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने विश्वविद्यालय से बाहर इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय के आसपास के इलाकों जैसे नूर नगर, बटला हाउस और ओखला के कई स्कूलों के छात्रों ने भी सोमवार को प्रदर्शन में हिस्सा लिया। जामिया के छात्रों ने संशोधित कानून को वापस लेने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी पर सवाल किया कि उनकी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी पर कोई चर्चा नहीं की। छात्रों ने पूछा कि अगर सभी मुस्लिम, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक बाहरी और अवैध प्रवासी हैं तो केंद्र सरकार कितने डिटेंशन सेंटर बनाएगी। छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को पुलिस बल से अचानक से प्यार हो गया है। जामिया के एक छात्र ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा- जब एक महीने पहले अदालतों में पुलिस को पीटा गया था तब इस सरकार ने एक भी मामला दर्ज नहीं किया था।  उन्होंने कहा- तब वे पुलिस से प्यार नहीं करते थे। अब जब पुलिस ने जामिया, एएमयू और अन्य विश्वविद्यालयों में छात्रों को पीटा… Continue reading जामिया में आठवें दिन भी हुआ प्रदर्शन

जनता के बीच बादलों के दोगले चेहरों की खोलूंगा पोल : मान

पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के प्रधान एवं सांसद भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद ) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के नागरिकता संशोधन

असली मुद्दों पर चर्चा कहां है!

तन्मय कुमार– क्या सचमुच केंद्र सरकार अखबार की सुर्खियों का प्रबंधन करके चल रही है? बहुत पहले मशहूर पत्रकार अरुण शौरी ने यह बात कही थी। अब सचमुच ऐसा लग रहा है कि सरकार का पहला काम सुर्खियों का प्रबंधन करना है। उसका सारा जोर इस बात पर है कि सरकार के कामकाज को लेकर निगेटिव खबरें सामने नहीं आएं और अगर आए भी तो खबर ऐसी हो जो उसको राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचाए। जैसे जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों के प्रदर्शन, आगजनी और पुलिस के लाठीचार्ज की खबरें हैं। भाजपा और सरकार के प्रबंधकों को लग रहा है कि ये निगेटिव खबरें सरकार की हिंदुवादी छवि को मजबूत करती हैं और इसका कहीं न कहीं राजनीतिक फायदा मिलेगा। पहला फायदा झारखंड के चुनाव में ही मिलने की उम्मीद है। बहरहाल, जब सरकार ने नागरिकता कानून नहीं पास कराया था और इस मुद्दे पर देश भर में हंगामा नहीं शुरू हआ था तो सबसे बड़ा मुद्दा क्या था? तब सबसे बड़ा मुद्दा देश की आर्थिक स्थिति थी। भारतीय रिजर्व बैंक का यह अनुमान था कि देश का सकल घरेलू उत्पादन यानी जीडीपी पांच फीसदी रहेगी। चालू वित्त वर्ष के लिए आरबीआई का संशोधित अनुमान पहले 6.1… Continue reading असली मुद्दों पर चर्चा कहां है!

नागरिकता कानून में त्रुटियां

भारत के कई हिस्सों में हुए भारी विरोध के माहौल के बीच नागरिकता संशोधन विधेयक को कानून का रूप दे दिया गया है। मगर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली, अलीगढ़, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई समेत कई शहरों में नए कानून के विरोध में रैलियां निकाली जा चुकी हैं।

प्रवासी अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बन जाएंगे : गृह मंत्रालय

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर-मुस्लिम प्रवासी अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बन जाएंगे, बल्कि इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। सूत्रों ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को जल्द ही फ्रेम किया जाएगा। इसे ठीक ठंग से कानून की शक्ल दिया जाना अभी बाकी है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय नागरिक बनने के इच्छुक प्रवासियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक के आने के बाद से ही देशभर के कई हिस्सों में इसका विरोध हो रहा है। राज्यसभा से भी पास होने के बाद से हालात और अधिक बिगड़े हैं। इसे भी पढ़ें : जामिया में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुई डीपीसीसी लोकसभा व राज्यसभा से पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर करने के साथ ही यह अब कानून बन चुका है। नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए हिंदू, पारसी, ईसाई, जैन, बौद्ध और सिख समुदायों के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है।

सीएए को लेकर बेंगलुरू में विरोध प्रदर्शन

बेंगलुरू। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर हजारों बेंगलुरूवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को वह ‘आजादी की लड़ाई’ का नाम दे रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन रविवार शाम को किया गया। कांग्रेस राज्यसभा के सदस्य राजीव गौड़ा ने ट्वीट के माध्यम से कहा हमारे पास हिस्सा लेने के लिए एक और आजादी की लड़ाई है। भारत को उन वास्तविक टुकड़े-टुकड़े गैंग से बचाने के लिए, जो पहचान के आधार पर भारतीयों को बांट रहे हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट -बेगलुरू (आईआईएम-बी) के पूर्व प्रोफेसर ने प्रदर्शनकारियों से आह्वान किया कि वे समावेशी भारत के लिए लड़ाई लड़ने का प्रण लें और अनेकता का जश्न मनाएं। बेंगलुरू स्थित टाउनहॉल के प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान गौड़ा ने कहा हमारे देश की आत्मा की रक्षा के लिए मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे इस संघर्ष में भाग लें। प्रदर्शनकारी नए नागरिकता कानून के विरोध में कर्नाटक राज्य का झंडा, भारतीय तिरंगा और विरोधी नारा लिखे हुए पोस्टर के साथ विरोध करते दिखे। टाउनहॉल में प्रदर्शन के दौरान दिखाए जा रहे एक पोस्टर में लिखा था भारतीय संविधान पर हमला बंद करो। हैशटैग एगेंस्ट सीएए। इसी दौरान एक और प्रदर्शनकारी एक पोस्टर लहराता दिखा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी… Continue reading सीएए को लेकर बेंगलुरू में विरोध प्रदर्शन

नीतीश की पार्टी शामिल होगी या नहीं?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कमाल किया है। नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने वालों में वे सबसे आगे थे पर उन्होंने सबसे आगे बढ़ कर इस बिल का समर्थन किया। वैसे भी नीतीश कुमार को ‘घिचपिच राजनीति’ का सबसे समझदार खिलाड़ी माना जाता है।

हम नए नागरिकता कानून के खिलाफ हैं : केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के खिलाफ है, जो अब कानून बन गया है। उन्होंने कहा कि वे इसका विरोध करते हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख केजरीवाल ने कहा कि पार्टी नए कानून का विरोध जारी रखेगी। केजरीवाल ने आईएएनएस से कहा हम कैब के खिलाफ हैं। हम इसका विरोध करते हैं। हमने इसका संसद में भी विरोध किया है। कैब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करता है। विपक्षी पार्टियों ने इसकी प्रकृति पर आपत्ति जताई और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया, जिसे सरकार ने यह कहते हुए खारिज किया कि यह देश में रहने वाले मुस्लिम समुदाय को प्रभावित नहीं करता है। विधेयक के लोकसभा में सोमवार देर पारित किए जाने के बाद राज्यसभा ने भी इसे बुधवार को पारित कर दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार रात नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को अपनी मंजूरी दे दी। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी विधेयक पर संसद में चर्चा के दौरान इसे संविधान के खिलाफ बताया।

शायराना अंदाज में लालू का ट्वीट, कहा ‘अभी बीमार जिंदा है’

पटना। नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अब बिहार में भी सियासत गर्म हो गई है। इस विधेयक को समर्थन देने को लेकर जहां सत्ताधारी जद (यू) में भी विरोध के स्वर उठ रहे हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शुक्रवार को एक ट्वीट कर शायराना अंदाज में कहा है- ‘आप लोग मायूस मत होना, अभी बीमार जिंदा है’। इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक पुराना वीडियो भी अपलोड किया है। लालू के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर शायराना अंदाज में लिखा गया, “अभी आंखों की शमाएं जल रही हैं, उसूल जिंदा है, आप लोग मायूस मत होना, अभी बीमार जिंदा है। हजारों जख्म खाकर भी मैं दुश्मन के मुकाबिल हूं, खुदा का शुक्र अब तक दिल-ए-खुद्दार जिंदा है। लालू ने इस ट्वीट के साथ एक पुराना वीडियो भी अपलोड किया गया है, जिसमें वे लोगों को संबोधित करते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो में लालू ने राजद को अल्पसंख्यकों का संरक्षक बताने की कोशिश की है और कहा है कि अकलियतों की रक्षा के लिए राजद के कार्यकर्ता अपनी जान भी दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि जद (यू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर नागरिकता संशोधन विधेयक पर सदन में पार्टी द्वारा समर्थन दिए… Continue reading शायराना अंदाज में लालू का ट्वीट, कहा ‘अभी बीमार जिंदा है’

दुष्कर्म के खिलाफ भी सख्त कानून बनाने में जल्दी दिखाते तो बेहतर होता: मायावती

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए केंद्र सरकार ने जितनी जल्दबाजी दिखाई है, अगर दुष्कर्म के खिलाफ सख्त कानून बनाने में भी जल्दी दिखाई होती, तो बेहतर होता। मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट किया, बसपा ने नागरिकता संशोधन विधेयक का संसद के दोनों सदन में जबर्दस्त विरोध किया व इसके विरुद्घ वोट भी दिया। इस विधेयक को पास कराने हेतु केन्द्र ने जितनी जल्दबाजी दिखाई है यदि उतनी ही जल्दबाजी देश में महिला उत्पीड़न व रेप-मर्डर आदि पर अंकुश लगाने हेतु सख्त कानून बनाने पर भी दिखाई होती, तो यह बेहतर होता। बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर राज्यों को केवल पत्र लिखने की खानापूर्ति करने से इसका कोई सार्थक हल निकलने वाला नहीं है। इससे पहले आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में भूमिका को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट किया कि संविधान के 126वें संशोधन विधेयक में एससी-एसटी आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने की व्यवस्था है, जिसके राज्यसभा में पारित होने में बाधा डालकर कांग्रेस ने अपनी दलित विरोधी सोच का परिचय दिया है।

बिहार : जद (यू) नेता प्रशांत का सीएबी पर बागी तेवर बरकरार, पार्टी कर सकती है कार्रवाई

पटना। नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को समर्थन देने के मामले में जद (यू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पार्टी की चेतावनी के बाद भी अपने रुख से पीछे नहीं हटे हैं। उन्होंने शुक्रवार को एकबार फिर नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। ऐसे में जद (यू) अब उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। जद (यू) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन ट्वीट कर नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपनी पार्टी के रुख के खिलाफ जाते हुए ट्वीट किया, “बहुमत से संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो गया। न्यायपालिका के अलावा अब 16 गैर भाजपा मुख्यमंत्रियों पर भारत की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी है, क्योंकि ये ऐसे राज्य हैं, जहां इसे लागू करना है। उन्होंने आगे लिखा, “तीन मुख्यमंत्रियों (पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल) ने सीएबी और एनआरसी को नकार दिया है और अब दूसरे राज्यों को अपना रुख स्पष्ट करने का समय आ गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जद (यू) ने अपने नेताओं को ऐसे बयानों से बचने की सलाह दी थी, परंतु किशोर ने उन सलाहों को नजरअंदाज करते हुए एक बार फिर अपनी नाराजगी सार्वजनिक की है। जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष… Continue reading बिहार : जद (यू) नेता प्रशांत का सीएबी पर बागी तेवर बरकरार, पार्टी कर सकती है कार्रवाई

राष्ट्रपति ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, बना कानून

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दे दी। इससे यह पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में

विपक्ष राज्यसभा में ज्यादा तैयार दिखा

नागरिकता संशोधन विधेयक जब लोकसभा में चर्चा के लिए पेश किया गया और उस पर बहस शुरू हुई तो उसके साथ ही जाहिर हो गया कि विपक्ष ने इसके लिए कोई तैयारी नहीं की है। विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने रूटीन के अंदाज में अपनी बातें कहीं।

भाजपा का घोषणापत्र फिर से पढ़ने का समय

नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद भाजपा का एक और पुराना एजेंडा पूरा हो गया है। ध्यान रहे भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ दोनों कहते रहे हैं कि सारी दुनिया के हिंदुओं की मातृ भूमि, पितृ भूमि और पुण्य भूमि भारत है।

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