वे निष्काम कर्मी और हम?

नए दशक की सीरिज में आज मुझे दुनिया की संभावनाओं पर लिखना था लेकिन कल नए दशक की भारत संभावनाओं पर लिखते हुए मैं ‘निष्काम कर्म’ शब्द पर ठिठका। इसके मायने में भारत की दशा पर सोचने लगा।एक निष्कर्ष बनता है। पर आगे बढ़ें उससे पहले जाने कि‘निष्काम कर्म’श्रीमद्भगवद्गीता में श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को… Continue reading वे निष्काम कर्मी और हम?