बजट ऐसा कि भारत बदले

आज यह माना जा रहा है कि इस साल का बजट चमत्कारी होगा, क्योंकि देश जिन मुसीबतों में से इस साल गुजरा हैं, वे असाधारण हैं।

बजट की दिलचस्पी कहां?

एक वक्त केंद्र सरकार का बजट कई दिनों पहले से टीवी चैनलों पर बहस, सुर्खियों, अनुमानों, अर्थशास्त्रियों के सुझावों-विश्लेषणों का पूर्व माहौल लिए होता था।

प्रधानमंत्री इतने परेशान क्यों हैं?

पिछले साढ़े छह साल में पहली बार ऐसा दिख रहा है कि प्रधानमंत्री परेशान हैं। इससे पहले नोटबंदी के फैसले के बाद वे थोड़े परेशान दिखे थे और यहां तक कि विदेश दौरे में भी उन्होंने नोटबंदी के फैसले को न्यायसंगत ठहराने वाला भाषण दिया था।

सरकार कैसी आर्थिकी बनाना चाहती है ?

want to make economy : नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में बहुत ज्यादा लोकतंत्र है, जिसकी वजह से…

नोटबंदी, देशबंदी पर राहुल का निशाना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नोटबंदी के चार साल पूरे होने के मौके पर  लगातार दूसरे दिन सोमवार को केंद्र सरकार पर हमला किया।

पीएम नोटबंदी पर गोलपोस्ट बदल रहे हैं : कांग्रेस

कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी के मामले में गोलपोस्ट बदलने का आरोप लगाया और पूछा कि इसे लेकर जिस तरह के फायदे गिनाए जा रहे थे, क्या वो मिल गए।

नोटबंदी सोची समझी चाल थी : दिग्विजय

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आज आरोप लगाते हुए कहा कि नोटबंदी सोची समझी चाल थी।

रिजर्व बैंक का नया कारनामा

भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई ने वैसे तो पिछले चार साल में अनेक बड़े कारनामे किए हैं। नोटबंदी से लेकर बैंकों के बढ़ते एनपीए तक रिजर्व बैंक और उसके पदाधिकारियों की काबिलियत पर अब कोई संदेह नहीं रह गया है

अर्थव्यवस्था की बर्बादी नोटबंदी से शुरू हुई थी: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीडीपी विकास दर में भारी गिरावट को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बर्बादी नोटबंदी से शुरू हुई थी और उसके बाद से एक के बाद एक गलत नीतियां अपनाई गईं।

सोने की महंगाई संकट का संकेत!

भारत में सोने की कीमत आसमान छू रही है। इसकी कीमत 56 हजार रुपए प्रति दस ग्राम पहुंच गई है। आम आदमी को यह बात समझ में नहीं आ रही है

जीएसटी से कड़की के संकट का पहले से पता

वित्त मंत्रालय के सचिव अजय भूषण पांडेय ने तो पिछले हफ्ते संसद की वित्त मामलों की स्थायी समिति को बताया कि केंद्र सरकार के पास वस्तु व सेवा कर, जीएसटी के मद में इतने पैसे नहीं हैं कि वह राज्यों को उनका हिस्सा दे सके।

जीएसटी के मारे, राज्य बेचारे!

अटल बिहारी वाजपेयी ने एक समय कहा था कि जब जनता पार्टी बनी तो सबने अपनी-अपनी नौकाएं जला दीं और जनता पार्टी के जहाज पर सवार हो गए। बाद में जब जहाज पर सवार लोगों में झगड़े होने लगे और जहाज डूबने लगा तो सब बारी बारी से उस पर से कूदने लगे।

लॉकडाउन में नकदी का बढ़ा जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान किया था। उस समय भारत में करीब 18 लाख करोड़ रुपए की नकदी थी, जिसमें 85 फीसदी से ज्यादा हिस्सा पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट का था।

गिरती विकास दर, फिर भी बढती समृद्धि!

यह अजीब संयोग है कि जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को चिट्ठी लिख कर अपनी सरकार के दो कार्यकाल के छह साल की उपलब्धियों का वर्णन किया उसी दिन राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का आंकड़ा भी जारी किया।

नोटबंदी, जीएसटी से बचते हुए उपलब्धियों का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले साल के मौके पर देशवासियों के नाम एक चिट्ठी लिखी। इसमे उन्होंने अपने दोनों कार्यकाल के छह साल की उपलब्धियों और बड़े फैसलों का जिक्र किया है। ज्यादातर उपलब्धियां पहले कार्यकाल की ही है।

और लोड करें