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बिहार में अब भाजपा का एजेंडा!

नीतीश कुमार ने बतौर मुख्यमंत्री अब तक अपने एजेंडे पर काम किया है और भाजपा हमेशा उनकी सहयोगी की भूमिका में रही है। लेकिन इस बार के चुनाव नतीजों के बाद यह भूमिका बदलती दिख रही है

नीतीश के सामने ज्यादा विकल्प नहीं हैं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किल यह है कि उनके सामने ज्यादा विकल्प नहीं हैं। उनके एक तरफ कुआं है और दूसरी तरफ खाई है। असल में विधानसभा में उनकी पार्टी की सीटों की संख्या इतनी कम है कि वे किसी भी गठबंधन में बहुत बहुत आत्मविश्वास के साथ अपनी सरकार चलाने का दावा नहीं कर सकते हैं।

बिहार में नौ महीने के बाद खुले स्कूल

वैश्विक महामारी कोरोना के मामले सामने आने के बाद से बिहार में बंद स्‍कूल नौ महीने के अंतराल पर सोमवार से खुल गए। बिहार सरकार से अनुमति मिलने के बाद पटना समेत राज्य के

सच के सामने नीतीश

कहा जाता है कि जीवन काल में ही इनसान को अपने हर सच का सामना करना पड़ता है। ऐसा लगता है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन में अपने सच से रू-ब-रू होने का वक्त आ गया है।

बिहार में रूका मंत्रिमडल विस्तार

बिहार में सरकार बनने के एक महीने के बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो सका है। इसे लेकर चल रही अटकलों को विराम देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि भाजपा की वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार रूका हुआ है।

बिहार सरकार ठप्प पड़ी है

बिहार में सरकार बने एक महीना होने जा रहा है। 10 नवंबर को आए चुनाव नतीजों के छह दिन बाद 16 नवंबर को सरकार बनी थी। लेकिन पिछले एक महीने से सरकार पूरी तरह से ठप्प है।

नीतीश बने फिर मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता नीतीश कुमार ने आज सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

बिहार में अनलॉक-4 शुरू

बिहार सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में भी अनलॉक-4 की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश आज जारी कर दिया।

तब्लीगी जमात मामला: मुकदमों पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से मांगा जवाब

उच्चतम न्यायालय ने बिहार सरकार से तब्लीगी जमात के सदस्यों पर चल रहे सभी मामलों की पूरी जानकारी मांगी है ताकि सारे मामले दिल्ली में एक साथ चल सके।

नीतीश स्वास्थ्य मंत्री से खुश नहीं!

बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ऐसी खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के कामकाज से खुश नहीं हैं। ध्यान रहे मंगल पांडेय भाजपा के नेता हैं और प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

अब नीतीश क्या करेंगे?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब क्या करेंगे? यह लाख टके का सवाल है। उन्होंने देश के अलग अलग हिस्सों में फंसे बिहार के प्रवासी मजदूरों और छात्रों को वापस लाने से मना कर दिया था

यूपी से नाराज बिहार सरकार!

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ इलाकों से पलायन करने वाले मजदूरों को बस में भर कर बिहार तक भेजे जाने से बिहार सरकार नाराज है। बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने इसके लिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार से नाराजगी जताई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि देश में लागू लॉकडाउन फेल हो गया है। संजय झा ने कहा है कि कुछ लोगो ने जान बूझकर इसे फेल किया है। नीतीश कुमार सरकार में मंत्री संजय झा ने बेहद कड़े शब्दों में सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लागू किया गया लॉकडाउन नाकाम हो चुका है, और इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ज़िम्मेदार है। लॉकडाउन के नाकाम होने उन्होंने कहा- लॉकडाउन का मकसद था, जो जहां है, वहीं रहे और इसी को ध्यान में रखकर हमने सभी इंतज़ाम किए थे, और नीतीश कुमार ने एक सौ करोड़ रुपए भी आवंटित किए थे लेकिन दिल्ली के आनंद विहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों से विशेष बसों की व्यवस्था की गई, लोगों को बिहार के सीमाई जिलों तक पहुंचाया गया, हज़ारों की तादाद में लोगों को यहां उतारा गया।… Continue reading यूपी से नाराज बिहार सरकार!

बिहार : बाहर से आ रहे लोग सरकार के लिए बने चुनौती

पटना। उत्तर प्रदेश के रास्ते मजदूरों का बिहार पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। मजदूरों की यह संख्या बिहार सरकार के लिए चुनौती बन गई है। सरकार ने आने वालों के लिए शिविर बनाए हैं तथा वह उन्हें उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। उनकी जांच भी करवाई जा रही है। बाहर से आने वालों को 14 दिनों बाद ही उनके घर में प्रवेश मिलेगा। बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार के सीमावर्ती शहरों में 45,000 से अधिक लोग पहुंच चुके हैं और सोमवार शाम तक एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के पूर्व से ही राज्य सरकार सभी एहतियाती कदम उठा रही थी। इसके बाद लॉकडाउन की घोषणा और कोरोना के मरीजों के मिलने के बाद गांवों तक में लोगों को क्वोरंटीन रखने के लिए सरकारी भवनों को तैयार करने का निर्देश दिया गया। इस बीच, दिल्ली के प्रवासी मजदूरों के कारण सरकार के सामने नई चुनौती आ गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों के बिहार वापस भेजे जाने पर अपनी नाराजगी जताई थी। बिहार आपदा विभाग… Continue reading बिहार : बाहर से आ रहे लोग सरकार के लिए बने चुनौती

बिहार में ‘लॉकडाउन’ को लेकर लोग गंभीर नहीं

पटना। कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के कारण बिहार सरकार ने राज्य के शहरी इलाकों में ‘लॉकडाउन’ की घोषणा कर दी है, लेकिन इस घोषणा के बाद सोमवार को पटना के मीठापुर स्थित बस अड्डे पर गांव जाने वालों की भारी भीड़ जमा हो गई। पहले दिन बस अड्डे पर यात्री बसों की छत पर सवार होकर रवाना हुए। इसके बाद हालांकि प्रशासन ने सख्ती प्रारंभ की। पटना के सबसे बड़े बसअड्डा मीठापुर बस स्टैंड में सोमवार को राज्य के बाहर से आए लोगों और पटना से गांव जाने वालों की काफी भीड़ जुट गई। लोग अपने घर पहुंचने के लिए परेशान दिखे। इस बीच जिला प्रशासन ने भी लोगों को घर भेजने का जिम्मा उठाते हुए कुछ बसों की व्यवस्था की, लेकिन उसमें भेड़-बकरियों की तरह यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर ले जाया गया। पटना के एक अधिकारी ने कहा कि भीड़ के कारण कुछ बसों का इंतजाम सोमवार को कराया गया है, लेकिन मंगलवार से एक भी बस नहीं चलेगी। इस क्रम में पटना में भी सड़कों पर लोग बेवजह निकलते दिखे, जिससे सड़कों पर भीड़ जुट गई। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई और लॉकडाउन उल्लंघन मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़कों पर लोगों… Continue reading बिहार में ‘लॉकडाउन’ को लेकर लोग गंभीर नहीं

बिहार में अब गणतंत्र दिवस की झांकी पर सियासत

गणतंत्र दिवस परेड में ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ पर आधारित बिहार सरकार की झांकी के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। प्रस्ताव के खारिज होने के साथ ही तय हो गया है

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