एक लाख 41 हजार करोड़ की जीएसटी वसूली

नई दिल्ली। वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी कानून लागू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि लगातार सात महीने तक जीएसटी का कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर रहा और नए वित्तीय वर्ष के पहले महीने अप्रैल में जीएसटी की वसूली एक लाख 41 हजार करोड़ रुपए की रिकार्ड ऊंचाई पर… Continue reading एक लाख 41 हजार करोड़ की जीएसटी वसूली

पीएफ की ब्याज दर 8.5 फीसदी रहेगी

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के केंद्रीय न्यास बोर्ड ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में अंशधारकों की जमा राशि पर वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 8.50 प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करने की सिफारिश की है।

एक लाख 13 हजार करोड़ जीएसटी मिला

अभी देश की अर्थव्यवस्था में भले तेजी नहीं लौटी है पर वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी की वसूली में तेजी लौट आई है। फरवरी के महीने में लगातार पांचवें महीने सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जीएसटी मिली है

जीएसटी के कर्ज का ब्याज कौन देगा?

देश के सभी अखबारों में और खास कर कारोबारी अखबारों में यह खबर प्रमुखता से छपी है कि केंद्र सरकार ने जीएसटी के बकाया मद में 42 हजार करोड़ रुपए राज्यों को जारी किया।

कानून वापसी तक चलेगा आंदोलन

केंद्र सरकार के बनाए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा है कि कानून वापस होने तक उनका आंदोलन चलेगा।

राज्यों को ब्याज मुक्त कर्ज देगा केंद्र

कोरोना वायरस की महामारी और आर्थिक संकट झेल रहे राज्यों को केंद्र सरकार थोड़ी राहत देने जा रही है। केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि वह आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को 12 हजार करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त कर्ज उपलब्ध कराएगी।

छोटे कर्जदारों को छोटी सी राहत

सरकार की तरफ से हजारों की संख्या में लोगों और एमएसएमई लोन लेने वालों के लिए एक राहत की खबर का ऐलान किया गया है। केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में

ईपीएफ पर ब्याज दो किस्तों में मिलेगी

कोरोना वायरस की महामारी का असर कर्मचारी भविष्य निधि, ईपीएफ के ब्याज पर पड़ता दिख रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, ईपीएफओ ने फैसला किया है अभी ईपीएफ खातों में ब्याज का आंशिक भुगतान ही किया जएगा।

पीपीएफ के ब्याज में फिर कटौती?

भारतीय रिजर्व बैंक, आरबीआई लगातार नीतिगत ब्याज दरों में कटौती कर रहा है, जिसकी वजह से लोगों की ब्याज आय पर बड़ी मार पड़ रही है।

ब्याज माफी पर अदालत ने मांगा जवाब

आम लोगों के लिए मुश्किल का सबब बने एक बेहद अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से जवाब मांगा है।

एफडी पर फिर घटी ब्याज दर

कोरोना वायरस के संकट के बीच भारतीय रिजर्व बैंक आम लोगों को राहत देने के लिए नीतिगत ब्याज दरों में कटौती करता है और कॉमर्शियल बैंक उसकी मार आम लोगों पर ही डाल देते हैं।

बैंकों को कर्ज बांटना है या लुटाना है?

केंद्र सरकार क्या कारोबारी बैंकों को कर्ज लुटाने की छूट दे रही है? केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक अधिकारियों को कमाल का सुझाव दिया है।

कर्ज की किश्तों का महाजाल

खबर है कि सरकार लोगों को कर्ज की किश्तें चुकाने से तीन महीने की और छूट देने जा रही है। सरकार ने पहले ही तीन महीने की छूट दी।

एसबीआई ने फिर घटाया एफडी पर ब्याज

कोरोना वायरस का संकट शुरू होने के बाद से लगातार आम लोगों के बैंकों में जमा पैसे पर ब्याज दर में कटौती की जा रही है।

कर्ज तो ठीक है पर चुकाएंगे कैसे?

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक और पैकेज का ऐलान किया है। पहले पैकेज से क्या फायदा हुआ इसका कहीं कोई आकलन पढ़ने को नहीं मिला है। पहले पैकेज में आरबीआई ने रेपो रेट एक बार में 0।75 फीसदी कम किए थे पर उसके क्या फायदा हुआ यह किसी को पता नहीं है।

होली से पहले 6 करोड़ कर्मचरियों को झटका

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर घटाकर 8.5 फीसद करने की घोषणा की है। यह इसका सात साल का न्यूनतम स्तर है। ईपीएफओ ने पिछले वित्त वर्ष 2018-19 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.65 फीसद का ब्याज दिया था। ईपीएफओ… Continue reading होली से पहले 6 करोड़ कर्मचरियों को झटका

कर राहत की कितनी उम्मीद?

आम बजट को लेकर आम आदमी की उत्सुकता लगभग खत्म हो गई है। यह रूटीन का काम हो गया है। सरकार ने रेल बजट अलग कर दिया है। पहले जब आम और रेल बजट अलग अलग आते थे तब लोगों को कई चीजों के बारे में जानने की उत्सुकता रहती थी।