लॉकडाउन गरीबों पर एक प्रहार था: राहुल गांधी

देश की खराब आर्थिक हालत पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन लगाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को गहरा धक्का पहुंचा है

बदलती परिस्थितियां भारतीय अर्थव्यवस्था के पक्ष में : दास

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश में हुए पांच बड़े बदलावों को उल्लेखित करते हुये आज कहा कि इन बदलावों को ‘संरचानत्मक परिवर्तन’ में बदले जाने की जरूरत है

भारत में 100 दिनों में खुदरा कारोबार को 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

कोरोनावायरस महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है और देश के खुदरा कारोबार को पिछले 100 दिनों के दौरान लगभग 15.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

अर्थव्यवस्था के विकास में गुणवत्ता की केंद्रीय भूमिका: पीयूष

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच हजार अरब डॉलर का आकार देने में प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ-साथ गुणवत्ता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

भारत की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में : एस एंड पी

एस एंड पी रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है, और इसकी वृद्धि दर मौजूदा वित्त वर्ष में पांच प्रतिशत तक सिकुड़ सकती है। एस एंड पी ने

मूडीज की रिपोर्ट पर राहुल ने साधा मोदी पर निशाना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार के कदमों पर अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज की टिप्पणी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए अर्थव्यवस्था के स्तर पर उन्हें पूरी तरह नाकाम बताया है।

विकास दर में खराब रहेगा वर्ष

अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीद कर रही केंद्र सरकार को एक और झटका लगा है। नए वित्त वर्ष के लिए बजट पेश किए जाने के बाद दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने विकास दर का अनुमान घटाना शुरू कर दिया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के आसार कम: मूडीज

ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विसिस ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना कमजोर ही रहेगी। मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, देश की अर्थव्यवस्था में जैसे ही स्थिरता के संकेत आने शुरू हुए

जल्द ही भारतीय अर्थव्यवस्था चौथे स्थान पर पहुंच जाएगी :भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण सिंह ने आज राज्यसभा में बजट को विकास की गति तेज करने वाला बताते हुए कहा कि अभी भारत विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था है

अर्थव्यवस्था गहरे संकट में, निवेश एवं खपत बढ़ाये सरकार: कांग्रेस

कांग्रेस ने आज राज्यसभा में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था गहरे संकट में है और सरकार को युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के कदम उठाने के साथ – साथ खपत तथा निवेश बढ़ाने के उपाय करने चाहिए।

विश्व बैंक ने भी कहां घटा विकास

वाशिंगटन। भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्रीय सांख्यिकी विभाग के बाद अब विश्व बैंक ने भी भारत के सकल घरेलू उत्पाद, जीडीपी की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की आर्थिक विकास की दर कम होकर पांच फीसदी रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, उसने कहा है कि अगले साल वित्त वर्ष यानी 2020-21 में आर्थिक विकास दर सुधर कर 5.8 फीसदी पर पहुंच सकती है। विश्व बैंक की बुधवार को जारी हालिया वैश्विक आर्थिक संभावनाओं की रिपोर्ट में कहा गया है- भारत में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, एनबीएफसी के कर्ज बांटने में नरमी जारी रहने का अनुमान है, इसके चलते भारत की विकास दर 2019-20 में पांच फीसदी और 2020-21 में सुधर कर 5.8 फीसदी रह सकती है। ‘उसने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र के कर्ज बांटने में नरमी से भारत में घरेलू मांग पर पर काफी असर पड़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है- भारत में ऋण की अपर्याप्त उपलब्धता और निजी उपभोग में नरमी से आर्थिक गतिविधियां कम हुई हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार को मंगलवार को जारी आंकड़ों में 2019-20 में आर्थिक विकास दर के पांच फीसदी रहने का अनुमान जताया है। सरकार ने विनिर्माण… Continue reading विश्व बैंक ने भी कहां घटा विकास

भारत के पास पैसे की कमी

नागपुर। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। ग़डकरी ने माना है कि भारत की अर्थव्यवस्था चुनौती के दौर से गुजर रही है और उसके पास पैसे की कमी है। गौरतलब है कि इस समय देश मंदी के दौर से गुजर रहा है और आर्थिकी के मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार के ऊपर हमलावर है। हालांकि सरकार विपक्षी पार्टियों के आरोपों को खारिज कर रही है। विपक्ष के इन हमलों के बीच नितिन गडकरी ने नागपुर में अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है और देश में इस समय नकदी की कमी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्दी से जल्दी फैसले लेने होंगे। नितिन गडकरी ने कहा- मैंने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अपने घर पर बुलाया था और उनसे कहा कि कुछ मामले करीब 89 हजार करोड़ रुपए के हैं। मैं आपको ये नहीं बताऊंगा कि आपको क्या करना है, मैं आपको बस इतना बताऊंगा कि देश की अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। बाजार में नकदी की कमी है और हमें जल्द से जल्द फैसले लेने होंगे। नितिन गडकरी का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि इस समय विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर… Continue reading भारत के पास पैसे की कमी

भाजपा की आर्थिक नीतियों पर सभी को संदेह: मनमोहन

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था में विश्वास बहाल करने पर बल देते हुए शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की आर्थिक नीतियों पर उद्योगपति, बैंकर, नीति निर्माता, नियामक, उद्यमी और नागरिक में से किसी को भरोसा नहीं है।

काश, कोई मोदी से कहे, ‘सब चंगा सी’ नहीं है : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भारतीय अर्थव्यवस्था के चुनौती के दौर से गुजरने की बात स्वीकार करने पर खुशी जाहिर करते हुए सोमवार को तंज किया कि काश यही बात देश में ‘सब कुछ ठीक है’ कहने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोई समझा पाता। कांग्रेस ने कहा कि वित्त मंत्री का यह बयान देखकर उसे अच्छा लगा कि अर्थव्यवस्था को लेकर देश के जो हालात हैं सरकार का ध्यान उस हकीकत की तरफ गया है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर आगे कहा, “अब, कोई यही बात प्रधानमंत्री को समझा पाए तो शायद वह आने वाले दिनों में यह कहते हुए देश के नागरिकों को हताश नहीं करेंगे कि ‘सब चंगा सी’ का दावा कर देशवासियों को हताश करना बंद कर दें। ”इसके साथ ही पार्टी ने एक खबर भी पोस्ट की है जिसमें श्रीमती सीतारमण कह रही हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था चुनौती के दौर से गुजर रही है और आर्थिक विकास दर छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गयी है। गौरतलब है कि मोदी ने गत सितंबर में अमेरिका के ह्यूस्टन में ‘हॉउडी मोदी’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि कोई उनसे पूछेगा… Continue reading काश, कोई मोदी से कहे, ‘सब चंगा सी’ नहीं है : कांग्रेस

रुपया 31 पैसे लुढ़का

मुंबई। वैश्विक साख निर्धारक एजेंसी मूडीज की द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था की साख का परिदृश्य ‘स्थिर’ से ‘नकारात्मक’ करने से अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपए पर दबाव रहा और यह 31 पैसे टूटकर 71.28 रुपए प्रति डॉलर पर आ गया जो तीन सप्ताह से अधिक का निचला स्तर है। मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती का क्रम आने वाले कुछ समय तक जारी रहने की बात कही है। उसने कहा है कि आर्थिक सुधार के सरकार के नीतिगत प्रयास विफल रहे हैं। इससे विदेशी निवेशकों ने बाजार से पूंजी निकाली। इसके साथ ही दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.20 फीसद की मजबूती से भी भारतीय मुद्रा पर दबाव पड़ा। रुपया सुबह 29 पैसे की गिरावट के साथ 71.26 रुपए प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान एक समय 71.33 रुपए प्रति डॉलर तक उतर गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में डेढ़ फीसदी से अधिक की नरमी से बीच कारोबार में यह 71.17 रुपए प्रति डॉलर तक मजबूत भी हुआ। अंतत: पिछले दिनों की तुलना में 31 पैसे कमजोर पड़कर 71.28 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह 16 अक्टूबर के बाद भारतीय मुद्रा का न्यूनतम बंद भाव है।

और लोड करें