ब्राह्मण-विरोध के पीछे क्या है?

हमारे देश में ब्राह्मण-विरोध की पूरी लॉबी है, जो बात-बेबात किसी बहाने ब्रांह्मणों के प्रति घृणा फैलाने में लगी रहती है। ‘हेट स्पीच’ के विरुद्ध नारेबाजी करने वाले ब्राह्मणों के विरुद्ध खुद घृणा फैलाते हैं।

भारत और दुनिया का फर्क?

भारत और दुनिया की राजनीति का फर्क कई बातों में जाहिर होता है। उनमें से एक बात यह भी है कि भारत में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के प्रति जानी दुश्मन का भाव रखते हैं।

क्या ये फैसला औचित्यपूर्ण है?

भारतीय राजनीति में कथित तौर पर बढ़ते आपराधीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये महत्वपूर्ण फैसला दिया।

केजरीवाल मॉडल से क्यों उड़ी विपक्ष की नींद

दिल्ली की सत्ता में जोरदार वापसी कर अरविंद केजरीवाल ने दिखा दिया है कि भारतीय राजनीति में वह महज संयोग नहीं, बल्कि प्रयोग के दम पर खुद को स्थापित करने में सफल रहे हैं।

कितना आसान है राहुल का अपमान!

किसी भी लेखक, पत्रकार या नेता के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का अपमान करना कितना आसान है, यह कई घटनाओं से साबित हुआ है। जिसे मन होता है वह उनके बारे में कुछ भी कहता या लिखता है। हालांकि वे किसी के बारे में कुछ भी बोलते हैं तो तुरंत उनके खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज हो जाता है पर ऐसी कोई घटना नहीं है, जब उन्होंने किसी के खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज कराया हो, जबकि हकीकत यह है कि समकालीन भारतीय राजनीति में किसी और नेता का उतना अपमान नहीं किया गया है, जितना राहुल का हुआ है। बहरहाल, ताजा मामला पत्रकार तवलीन सिंह के बेटे और ब्रिटिश पत्रकार आतिश तासीर का है। पिछले दिनों भारत सरकार ने उनको मिला ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी ओसीआई का दर्जा खत्म कर दिया। उन्होंने लोकसभा चुनाव के ऐन बीच में अमेरिका की टाइम पत्रिका के लिए कवर स्टोरी लिखी थी, जिसमें नरेंद्र मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ’ कहा था। इसे भी पढ़े : बिखरे विपक्ष को एक करने को कुछ करना होगा चुनाव के बाद जब केंद्र में फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार बन गई तो तासीर को नोटिस देकर कहा गया कि उन्होंने यह तथ्य… Continue reading कितना आसान है राहुल का अपमान!

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