सूखा-बाढ़ मुक्ति का राष्ट्रीय अभियान शुरू हो

अब जब रेल और अन्य साधन शुरू हुये हैं, तो उम्मीद है कि, 20-30 दिनों में ये मजदूर अपने घरों तक पहुँच सकेंगे, हिन्दुस्तान के गाँव से लगभग 1 करोड़ से अधिक मजदूर काम की तलाश में महानगरों में पहुँचे है