संघ परिवार और राम स्वरूप

कहावत है कि लेखक के देहांत बाद भी उस की पुस्तक पढ़ी जाए, तभी उसे मूल्यवान समझना चाहिए। राम स्वरूप व सीताराम गोयल को गए एक पीढ़ी हो चुकी। पर उन की लगभग दो दर्जन पुस्तकें आज भी यथावत् महत्वपूर्ण हैं। कुछ तो अपने विषय की अकेली हैं। सोशल मीडिया पर हिन्दू विमर्श में राम… Continue reading संघ परिवार और राम स्वरूप